कोरोना आया। पूरी दुनिया में फैला। भारत में आया। देश में लोकडाउन हुआ। मजदूरो नें पलायन शुरू किया। प्रधानमंत्री के द्वारा सम्बोधन पर सम्बोधन किए जाने लगे। देश को आत्मनिर्भर बनाने की बातें होने लगीं और ‘आत्मनिर्भर’ शब्द ट्रेंड में आ गया। देश में दो धड़ा हो गया। कुछ लोग सरकार के पक्ष में खड़े दिखें और कुछ विपक्ष में और फिर उसी बीच एक खबर और एक लड़की सोशल मीडिया से लेकर टीवी न्यूज़ चैनल्स पर, हर जगह दिखने लगी। लड़की थी बिहार की ज्योति कुमारी और वो हर जगह इसलिए दिखने लगी क्योंकि उसने लॉकडाउन में बीमार पिता को साइकिल पर बैठकर हरियाणा के गुरुग्राम से 1200 किलोमीटर दूर अपने घर दरभंगा (बिहार) पहुंचा दिया।

अभी खबर ये है कि उसी ‘साइकल गर्ल’ बिहार की बेटी ज्योति कुमारी पर फिल्म बनने जा रही है और जिसे Wemakefilmz द्वारा बनाया जाएगा। समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, Wemakefilmz, जो 2 दशक पुरानी कंपनी है जिसे फिलहाल में 4 दोस्त चला रहे हैं, ने फिल्म बनाने के अधिकार हासिल कर लिए हैं और फिल्म अगस्त से बननी शुरू हो जाएगी। बताया जा रहा है कि ज्योति खुद फिल्म में अपना किरदार निभाएँगी। आपको बता दें कि लॉकडाउन के दौरान अपने बीमार पिता को साइकिल पर बैठाकर हरियाणा के गुरुग्राम से 1200 किलोमीटर दूर अपने घर दरभंगा (बिहार) पहुंचने वाली बिहार की बेटी ज्योति की तारीफ पूरे देश में हो रही है। ज्योति ने सात दिनों में गुरुग्राम से दरभंगा तक का सफर तय किया था।

फिल्म का शीर्षक “आत्मनिर्भर” रखा गया है जिसमें न सिर्फ ज्योति कि कहानी बताई जाएगी बल्कि उन मुद्दों को भी दिखाने की कोशिश की जायेगी कि आखिर किन हालात ने 15 साल की एक मासूम बच्ची को इतनी गर्मी में 1,200 किलोमीटर साइकिल चलाने पर मजबूर कर दिया. फिल्म का निर्देशन ‘शाइन कृष्णा’ करेंगे।

फिल्म ‘आत्मनिर्भर’ को कई भाषाओं में रिलीज किया जायेगा. फिल्म को अंग्रेजी, हिंदी और मैथिली भाषा में बनाया जायेगा. इसके अलावा कई और भाषाओं में डब किया जायेगा. फिल्म का निर्देशन कर रहे कृष्णा के मुताबिक फिल्म में 20 भाषाओं का सब्टाइटल भी दिया जायेगा. अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के लिए फिल्म को ‘अ जर्नी ऑफ अ माइग्रेंट’ नाम दिया गया है. फिलहाल फिल्म में ज्योति के पिता का किरदार निभाने के लिए अभिनेता की तलाश जारी है. फिल्म की शूटिंग उन हिस्सों में की जाएगी जो गुरुग्राम से दरभंगा तक ज्योति के रास्ते में आए थे. इसमें मूल कहानी के अलावा काल्पनिक चीजों के साथ कई अन्य घटनाओं को भी जोड़ा जाएगा.

गौरतलब है कि बिहार की इस लड़की की चर्चा सात समंदर पार भी होने लगी थी। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका ट्रंप ने ज्योति को लेकर ट्वीट किया था। उन्होंने टि्वटर पर ज्योति की खबर को शेयर किया और भारतीयों की सहनशीलता को सराहा था। उन्होंने ट्वीट किया था कि 15 साल की ज्योति अपने बीमार पिता को साइकिल से सात दिनों में 1,200 किमी दूरी तय करके अपने गांव ले गई।

 इवांका ने आगे लिखा कि सहनशक्ति और प्यार की इस वीरगाथा ने भारतीय लोगों और साइक्लिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है। ज्योति के इस साहसिक कदम को देखते हुए भारतीय साइक्लिंग फेडरेशन ने उन्हें ट्रायल के लिए दिल्ली बुलाया है।

महामारी और इस आत्मनिर्भरता के दौर में ज्योति ने जो साहस दिखाया था उस पर और कुछ किया जाए या न किया जाए मगर ये एक फिल्म तो बन ही जानी चाहिए जिससे कि अभी और आगे भविष्य में लोग जान पाएँ कि एक औरत जब साहस दिखाने और “आत्मनिर्भर” बनने पर आती है तो फिर उसे न सरकार की न समाज की न किसी और की जरूरत होती है।