देश की इकोनॉमी लगातार गिरती जा रही है. प्राइवेट सेक्टर्स की कंपनियों की क्या हालत है. यह किसी से छिपाी हुई नहीं है. हालात इतने खराब हैं कि बड़ी तादाद में नौकरियां जा रही हैं. पब्लिक सेक्टर की कंपनियों को सरकार लगातार बेचने में लगी है. फिर भी मोदी सरकार अर्थव्यवस्था के मामले में देश की जनता को मूर्ख बनाने से बाज नहीं आ रही है.

जब से मोदी सरकार दूसरी बार सत्ता में आई तब से वो भारत की अर्थव्यवस्था को 5 ट्रिलियन डॉलर, तकरीबन 5,000 अरब डॉलर बनाने का राग अलाप रही है. सरकार के प्रवक्ताओं को बेशक ये न मालूम हो कि 5 ट्रिलियन डॉलर में ज़ीरो कितने होते हैं. लेकिन, टीवी चैनलों पर ये कहना नहीं भूलते हैं कि हमारी सरकार 2025 तक देश की इकोनॉमी को 5 ट्रिलियन डॉलर की बना के रहेगी.

हालात कितने खराब हैं. इसका अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि सरकार अपनी नाकामी छिपाने के लिए मंदी तक से इनकार कर देती है. इसके पीछे ऐसे-ऐसे तर्क दिए जाते हैं कि लोगों का सर चकरा जाए. वित्त मंत्री कहती हैं कि ऑटोमोबाइल सेक्टर में मंदी इसलिए है कि अब लोग गाड़ियां नहीं खरीद रहे हैं. ओला-उबर का इस्तेमाल कर रहे हैं. इतना ही नहीं कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद भी मंदी को लेकर ज्ञान देते दिख जाते हैं. कह चुके हैं कि अगर देश में मंदी है तो फिल्में 200-200 करोड़ का बिजनेस कैसे कर ले रही हैं.

RBI पूर्व-गवर्नर सी. रंगराजन, जिन्होंने इकोनॉमी की बात की है फोटो सोर्स: गूगल

RBI पूर्व-गवर्नर सी. रंगराजन, फोटो सोर्स: गूगल

लेकिन, इनको शायद ये नहीं पता है कि ये देश की जनता को मूर्ख बना सकते हैं. पर उन्हें नहीं जिन्होंने अपनी सारी ज़िंदगी इस अर्थव्यवस्था को समझने और समझाने में लगा दी है. इन्हीं में से एक हैं, RBI के पूर्व गवर्नर सी. रंगराजन.

रंगराजन ने अर्थव्यवस्था को लेकर एक अहम बात कही है. जिससे साफ पता चल रहा कि सरकार देश की जनता को मूर्ख बना रही है. उन्होंने कहा है कि

आज हमारी अर्थव्यवस्था 2,700 अरब डॉलर की है और हम 5 साल में इसे दोगुना कर 5,000 अरब डॉलर करने की बात कह रहे हैं. इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए 9 फ़ीसदी सालाना की दर से विकास की जरूरत है. ऐसे में 2025 तक 5,000 करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था बनने का सवाल ही नहीं है.

पूर्व गवर्नर सी. रंगराजन ने ये सारी बातें आईबीएस-आईसीएफएआई बिजनेस स्कूल की ओर से आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही हैं. इस आयोजन में उन्होंने कई और अहम बातें कही हैं. सी. रंगराजन का कहना है कि

  • आप (सरकार) दो साल गंवा चुके हैं. इस साल यह विकास दर 6 फीसदी से नीचे रहने वाली है, जबकि अगले साल यह करीब 7 फीसदी होगी. इसके बाद अर्थव्यवस्था गति पकड़ सकती है.
  • अगर देश का सकल घरेलू उत्पाद (GDP) 5,000 अरब डॉलर हो गई तो देश में प्रति व्यक्ति आय, मौजूदा 1,800 डॉलर से बढ़ कर 3,600 डॉलर हो जाएगी. इसके बावजूद भी देश निम्न मध्यम आय वाले देशों की श्रेणी में ही रहेगा.
  • इसके अलावा उनका कहना है कि विकसित देश की परिभाषा ऐसे देश से है जिसकी प्रति व्यक्ति आय 12,000 डॉलर सालाना हो. अगर हम 9 फीसदी की दर से विकास करें तब भी इसे हासिल करने में 22 साल लगेंगे.

काश कोई ये जानकारी मोदी जी तक पहुंचा दे. तब शायद उन्हें समझ में आए कि भारत में हर कोई दिल और भावनाओं से ही काम नहीं लेता है. कुछ हैं जिनके पास ज्ञान भी है. और वो फैक्ट के आधार पर सरकार की पोल भी खोल सकते हैं.

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