सुमित्रा महाजन 8 बार इंदौर से सांसद रहीं.  2014 में लोकसभा स्पीकर बनीं. कद और पावर से तजुर्बेकार हैं. इसलिए भाजपा की वरिष्ठ नेता कही जाती हैं. इनको भी वैसा ही लगता है जैसा, उद्योगपति राहुल बजाज को लगता है. यानी भाजपा सरकार में काम करना मुश्किल है. सरकार ने डर का माहौल बना रखा है.
पूर्व-लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन, फोटो सोर्स; गूगल

पूर्व-लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन, फोटो सोर्स; गूगल

सुमित्रा महाजन रविवार को शीक्षा मंत्री जीतू पटवारी के एक नीजि कार्यक्रम में उनके घर गई थीं. यहां पर राज्यपाल लालजी टंडन भी मौजूद थे. इसी दौरान सुमित्रा महाजन ने अपनी ही सरकार से जुड़े कई अहम बातों का खुलासा किया. उन्होंने बताया कि,

  • मध्य प्रदेश में जब भाजपा की सरकार थी. उस समय मैं कई अहम मुद्दों पर चुप रहती थी क्योंकि, यह मेरी ही पार्टी की सरकार थी. मुझे लगता था कि इंदौर की जनता के हित के लिए अगर कुछ मुद्दों को उठाना चाहिए तो, मैं कांग्रेस के नेताओं का सहारा लेती थी.
  • इंदौर से जुड़ी समस्याओं और मुद्दों के लिए मैं कांग्रेसी नेताओं जैसे जीतू पटवारी और तुलसी सिलावट से विनम्रता से निवेदन करती थी. इसके साथ ही मैं उन्हें इस बात के लिए भी आश्वस्त करती थी कि शिवराज सिंह चौहान संबंधित मुद्दे को देखेंगे.

इंदौर से 8 बार सांसद रहीं सुमित्रा महाजन का इंदौर के बारे में कहना था कि,

जब हम इंदौर का विकास करने निकलते हैं तो, हम पार्टी पॉलिटिक्स नहीं करते हैं. हम सोचते हैं कि अपने शहर का भला हमें करना है. यह मेरा अनुभव है.

मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री का तुलसीराम सिलावट, फोटो सोर्स: गूगल

मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री का तुलसीराम सिलावट, फोटो सोर्स: गूगल

वहीं महाजन के इस बयान को लेकर मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री का तुलसीराम सिलावट का कहना है कि,

ताई(सुमित्रा महाजन) हमेशा यही सोचती रहती हैं कि इंदौर क्षेत्र के विकास में सभी दलों के नेता एक-दूसरे के सहायक हैं.

वर्तमान में भाजपा के शंकर लालवानी इंदौर सीट से सांसद हैं. सुमित्रा महाजन ने 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया था. वहीं सुमित्रा महाजन का दिया यह बयान सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है.

वैसे सुमित्रा महाजन कोई पहली नेता नहीं हैं. जिन्होंने अपनी ही सरकार के खिलाफ बयान दिया हो. पूर्व भाजपा नेता किर्ती आजाद से लेकर पूर्व-वित्त मंत्री यशवंत सिन्हां जैसे कईं भाजपा नेता सरकार के कामकाज पर सवाल उठा चुके हैं.

अब देखना होगा महाजन के इस बयान को लेकर भाजपा का क्या रुख रहता है. हालांकि, राहुल बजाज के बयान के बाद निर्मला सीतारमण ने अपनी पार्टी का बचाव करते हुए कहा था कि, इस तरह का बयान देशहित में नहीं है. पार्टी का तो बचाव कर लिया पर, माननिय वित्त मंत्री GDP का बचाव नहीं कर पाईं. वहीं अभी तक इसको लेकर कोई आधिकारिक बयान भी नहीं दिया है. काश, उनको कोई याद दिला दे कि वो सिर्फ भाजपा की प्रवक्ता ही नहीं, देश की वित्त मंत्री भी हैं.