जहां देश में गांधी के विचारों को मारने वालों की संख्या लगतार बढ़ती जा रही है. वहीं कुछ ऐसे लोग भी हैं, जो गांधी और गांधी के विचारों के महत्व को भलिभांती समझते हैं. इन्हीं में से एक हैं, सत्यपाल मलिक. सत्यपाल मलिक वर्तमान में गोवा के गवर्नर हैं. इससे पहले वह जम्मू-कस्मीर के गवर्नर थे. मलिक की छवि एक ऐसे गवर्नर की है जो सही को सही और गलत को गलत कहने से कभी नहीं झिझकते हैं.

POK को भारत में मिलाने को लेकर एक बार उन्होंने कह दिया था कि अगर भारत सरकार जम्मू-कश्मीर में अच्छी शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था लाने में कामयाब हो जाती है तो, POK में इसको देख कर अपने आप विरोध हो जाएगा. जिससे वहां की जनता अपने आप ही भारत के साथ मिल जाएगी.

गवर्नर सत्यपाल मलिक, फोटो सोर्स: गूगल

गवर्नर सत्यपाल मलिक, फोटो सोर्स: गूगल

हाल ही में सत्यपाल मलिक ने सांसदों द्वारा दिए जा रहे बयानों पर तिखी टिप्पणी की हैं. मलिक ने गांधी जी की 150वीं जयंती कार्यक्रम में बोलते हुए कहा है कि,

मैं एक बात कहना चाहता हूं कि गांधी जी में अहम नहीं था. वो सादगी पसंद व्यक्ति थे. आज भारत में यदि कोई व्यक्ति विधायक भी बन जाता है तो, वो पागल हो जाता है. हमें गांधी जी से सीखने की जरूरत है.

गांधी कथा शीर्षक के तहत, डायरेक्टरेट ऑफ आर्ट एंड कल्चर गोवा और राजभवन इस कार्यक्रम का आयोजन किया था. इसी कार्यक्रम में उन्होंने आगे कहा कि,

आम जीवन में सबसे पहले नैतिकता बुद्ध लेकर आए और राजनीति में महात्मा गांधी. महात्मा गांधी ने सभी को अपने जीवन में नैतिकता अपनाने का रास्ता दिखाया था. यह एक बड़ी बात है.

गांधी की राजनीति करने वाले ही गांधी की हत्या कर रहे हैं, फोटो सोर्स: गूगल

गांधी की राजनीति करने वाले ही गांधी की हत्या कर रहे हैं, फोटो सोर्स: गूगल

राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने बिना भाजपा का नाम लिए आरोप लगया है कि गांधी की राजनीति करने वालों ने ही गांधी की हत्या कर दी. उन्होंने कहा कि,

हम गांधी जी को राम मनोहर लोहिया के विजन से जानते हैं. लोहिया का मानना था कि गांधी की हत्या गोडसे ने भले ही कर दी थी. लेकिन, गांधी जी की राजनैतिक विरासत संभालने वाले लोगों ने गांधी जी की आत्मा को भी मार डाला. वो गांधी जी के गुणों को भूल गए और उन्हें सिर्फ एक चरखे तक सीमित कर दिया.

मलिक ने इससे पहले देश के अमीरों को भी आड़े हाथों लिय़ा था. उन्होंने गोवा की राजधानी पणजी में आयोजित इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में कहा था कि,

देश में ऐसे लोग हैं जिनके पास 14-14 मंजिला इमारत हैं. लेकिन, एक भी पैसा चैरिटी नहीं करते. विदोशों में अमीर जम कर चैरिटी करते हैं. मैं अपने देश के अमीरों को इंसान तक नहीं मानता. मैं उन्हें सड़े हुए आलू के बराबर मानता हूं.

आज देश की जैसी हालत है. ऐसे में गांधी के विचार ही हैं जिसने लोगों को संबल दे रखा है. वरना जिस तरह से हत्या, बलात्कार और लींचिग के मामले बढ़ते जा रहे हैं. हर कोई हथियार उठा कर खूद ही फैसला करने निकल पड़ता. ऐसे में सत्यपाल मलिक ने उन लोगों को आइना दिखाने का काम किया है।