भिखारी,  यह शब्द सुनने में कैसा लगता है? हमलोगों में से बहुत से लोग होंगे जो इस शब्द को सुनना पसंद नहीं करते होंगे। ऐसा इसलिए क्योंकि यह शब्द किसी के दिमाग में आते ही सड़क या घर-घर घूम कर भीख मांगने वाले लोगों की याद आने लगती है। अब भला अपने आप को कोई भी उस परिस्थिति में देखना तो बिल्कुल भी पसंद नहीं करेगा। लेकिन अगर इसी शब्द से किसी नेता की पहचान होने लगे तो फिर आप क्या कहेंगे? कहने के लिए कुछ भी कहे लेकिन यह हकिकत है और आपको भी जानना चाहिए कि आखिर हम यहां भिखारी की बात क्यों कर रहे हैं।

दरअसल, हाल ही में सर्च इंजन गूगल पर एक अजीबो-गरीब सी स्थिति देखने को मिली। गूगल पर अगर आप ‘भिखारी’ शब्द लिखते हैं तो पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की तस्वीर सामने आ रही है। इसे महज इत्तेफ़ाक कहे या कुछ और मगर ये हकीकत है। इसके पहले भी गूगल पर इडियट सर्च करने पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का फोटो नज़र आता था। आप पहले गूगल से ली गई इमरान खान की यह तस्वीर देखिए।

सोशल मीडिया पर इस ट्रेंड को लेकर इमरान खान का खुब मजाक उड़ाया जा रहा है। लोगों के तरह-तरह के रिएक्शन आ रहे हैं। कुछ लोगों ने तो कहा है कि जो सच है वही गूगल दिखाता है और अब इमरान खान की सच्चाई भी गूगल दिखा रहा है। अभी हाल ही में बकरीद के मौके पर एक प्याज बेचने वाले ने इमरान खान पर तंज कसते हुए कहा था कि

ईद के त्योंहार में तीन से चार दिन बाकी है लेकिन, बजार बिल्कुल सुस्त पड़े हैं। हमे प्याज और अन्य सब्जियों पर भारत पर निर्भर रहना पड़ता है। मुझे लगता है कि प्याज के दाम आगे और बढ़ने वाले हैं। इमरान खान हमे घास खिलाना चाहते हैं  क्या?

इस तरह के खबर आने के बाद पाकिस्तान सरकार का भी इस पर बयान आ गया है। पाकिस्तान सरकार का कहना है कि यह सब उनकी छवि खराब करने के पीछे साजिश है। पाकिस्तान ने इसकी शिकायत गूगल से भी की है और कहा है कि इससे ने केवल इमरान खान की बल्कि पूरे पाकिस्तान की छवी खराब हो रही है। इसलिए इस पर जल्द से जल्द कार्यवाई की जाए और तस्वीरों को हटाया जाए।

अगर आपको याद होगा तो इसके पहले भी पाकिस्तान न्यूज चैनल पीटीवी ने बहुत बड़ी गलती की थी। इमरान खान उस वक्त चीन गए हुए थे और वे भाषण दे रहे थे। उसी दौरान चैनल ने चीन की राजधानी बीजिंग को “Begging” लिख दिया। जिसके बाद सरकार ने उस प्रोग्राम से जुड़े कई लोगों को काम से बर्खास्त कर दिया। इसका सोशल मीडिया पर भी खूब मजाक बनाया गया था।