गुजरात के एक मंत्री ने तो गुजरात के पानी पर ही कब्जा कर लिया है. जो व्यक्ति उन्हें वोट नहीं देगा उसे पीने को पानी नहीं मिलेगा. इसको दादागिरी समझा जाए या मंत्री जी का गुजरात के पानी पर उनका कॉपीराईट, समझना मुश्किल है.

फोटो सोर्स- गूगल

गुजरात के जल आपूर्ति मंत्री कुंवरजी बावलिया ने कहा कि मेरे पास पूरा जल संसाधन मंत्रालय है, मैं सरकार में हूं. अगर जरुरत पड़ी तो गांव में पानी सप्लाई के लिए करोड़ों रुपए मंज़ूर कर सकता हूं. इस बार चुनाव में मुझे केवल 55 फीसदी वोट मिले. ये सब बात मंत्री जी गांव की महिलाओं को कह रहे थे जो मंत्री जी के पास पानी की समस्याएं लेकर आई थी. जब महिलाओं ने कहा गांव के सिर्फ आधे हिस्से में ही पानी आता है तो मंत्री जी ने लपक के जवाब दिया – ‘क्या आपने मुझे वोट दिया?’

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ये पूरा मामला गुजरात के कनसारा गांव का है. मंत्री कुंवरजी बावलिया जो पिछले साल कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए थे, कनसारा गांव में भाजपा उम्मीदवार के लिए प्रचार करने गए थे. जहां गांव की महिलाओं ने शिकायत करते हुए कहा सिर्फ आधे गांव को ही पीने का पानी मिल पाता है. इस पर मंत्री ने कहा कि पिछली बार केवल 55 फीसदी गांव वालों ने ही मुझे वोट दिया था. मंत्री जी ने जो कहा वो अक्षरशः कुछ इस तरह है –

‘मेरे पास पूरा जल संशाधन मंत्रालय है, मैं सरकार में हूं. अगर जरूरत पड़ी तो मैं गांव में पानी की सप्लाई के लिए करोड़ों रुपये मंजूर कर सकता हूं. जब इस बार मैंने चुनाव लड़ा तो मुझे केवल 55 फीसदी वोट मिले. आप सब लोगों ने मुझे वोट क्यों नहीं दिया?’

बाद में मंत्री जी अपने बयान की लीपा-पोती में लग गए. द वायर में छपी खबर के मुताबिक मंत्री जी ने इस पर सफाई देते हुए कहा प्रदर्शन करने वाली महिलाएं अनपढ़ थीं और स्थानीय राजनीति से प्रेरित होकर उन्होंने सवाल पूछे थे. उन्होनें कहा यह शिकायत उनके मंत्रालय की नहीं है, ये मामला पंचायत से जुड़ा हुआ है. उनके मंत्रालय का इससे कोई लेना-देना नहीं हैं

मंत्री जी के इन जवाबों से ऐसे ही गांव की महिलाओं का गला सूख गया होगा. उन्हें तो वैसे ही पानी की किल्लत है ऊपर से जल मंत्री की वोटिया दादागिरी हजम नहीं हो रही है.

जल आपूर्ति मंत्री कुंवरजी बावलिया के इस बयान पर कांग्रेस नेता हार्दिक पटेल ने कहा, अगर कोई भाजपा को वोट नहीं देता और दूसरी पार्टी को वोट देता है तो क्या उनकी मूलभूत जरुरते पूरी नहीं होगीं. यह बदले की राजनीति है.

इन सब सवाल-जवाब में गांव वालों की प्यास कौन बुझायेगा इसका जवाब अब तक किसी ने नहीं दिया. जब पानी आपूर्ति करने वाले मंत्री ने ही बोल दिया कि इन सब का हमारे मंत्रालय से लेना देना नहीं है. अब कनसारा गांव के लोगो को इंद्र भगवान से ही प्रार्थना करना चाहिए, क्योंकि भगवान वोट नहीं तो पानी नहीं के सिद्धांत पर चल नहीं सकते, उनके लिए तो सब बराबर हैं.

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