राजस्थान के अलवर में एक नवविवाहित महिला का उसके पति के सामने 5 लोगों ने गैंगरेप किया था. इस शर्मनाक घटना ने मौजूदा समाज पर सवाल खड़े ही किए थे कि, अब एक एसी एक और खबर उत्तरप्रदेश के हापुड़ जिले से सामने आई है. इस घटना में एक महिला का अपनों द्वारा यौन उत्पीड़न किया गया, लगातार रेप किया गया. जब पुलिस ने भी महिला की मदद नही की तो पीड़िता ने खुद को आग के हवाले कर दिया. लगभग पूरी तरह जल चुकी पीड़ित महिला आज दिल्ली के एक प्राइवेट अस्पताल में जिंदगी-मौत के बीच जंग लड़ रही है.

पीड़िता, फोटो सोर्स- गूगल

शर्मसार कर देने वाली घटना उत्तर प्रदेश के हापुड़ की है, जहां एक पिता ने अपनी बेटी को महज 10 हजार रुपये के लिए अपने दोस्तों को बेच दिया. बेटी की उम्र 28 से 29 साल बताई जा रही है. महज 14 साल की उम्र में लड़की की शादी उससे उम्र में कहीं बड़े शख़्स से कर दी गई थी. शादी के कुछ महीनों बाद ही पति ने लड़की को छोड़ दिया. पति के छोड़ने के बाद उसके अपनों ने ही उसका जीना दुश्वार कर दिया था. लड़की को उसके पिता और चाची ने सिर्फ 10 हजार रुपये के लिए बेच दिया. खरीदने वाले हैवानों ने लड़की के साथ लगातार गैंगरेप किया. जब पीड़िता शिकायत दर्ज कराने पुलिस स्टेशन गयी तो उसे वहाँ से भी भगा दिया गया. हर तरफ से हताश हो चुकी पीड़ित लड़की ने 28 अप्रैल को खुद को आग लगा ली . लगभग 80 % जल चुकी लड़की दिल्ली के प्राइवेट अस्पताल में भर्ती है, जहां उसका इलाज चल रहा है. चेहरा छोड़कर महिला के पूरे शरीर पर पट्टियाँ बंधी हुई हैं.

पीड़िता का बयान मिलने के बाद दिल्ली महिला आयोग ने इस मामले पर संज्ञान लिया जिसके बाद हापुड़ पुलिस की नींद टूटी. फौरन कार्यवाही करते हुये पुलिस ने 14 लोगों के खिलाफ गैंगरेप का मुकदमा दर्ज़ कर मामले की जांच शुरू कर दी है.

वायरल हो रहे बयान में महिला ने बताया कि 10 हजार रुपये के लिए उसे उसके पिता ने बेचा, खरीदने वाला शख़्स जो कि मेरा दूसरा पति था, जो एक राक्षस था. वो मेरे साथ रोज मारपीट और रेप करता था. अपने दोस्तों के यहाँ जबरदस्ती काम करने भेजता था, जहां उसका यौन शोषण किया जाता था. पीड़िता ने बताया इस दौरान उसका 20 लोगों ने रेप किया. वो मेरा रोज रेप करते थे क्योंकि उनको पता था कि वो आसानी से मेरा शोषण और बलात्कार कर सकते हैं. महिला ने पुलिस पर आरोप हुए बताया कि उसने हापुड़ एसपी समेत कई पुलिस अधिकारियों के पास गई लेकिन कोई शिकायत दर्ज नहीं की गई और न ही आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई. क्षुब्ध महिला ने 28 अप्रैल को खुद को आग के हवाले कर जान देने की कोशिश की.

हापुड़ एसपी यशवीर सिंह, फोटो सोर्स- गूगल

इस मामले पर हापुड़ के एसपी ने बताया कि-  महिला के साथ गैंगरेप की घटना 2 साल पुरानी है. उस समय पुलिस द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गयी. जिसके बाद महिला मुरादाबाद में रहने लगी थी जहां उसने आग लगाई है . पीड़ित महिला के बयानों के आधार पर 14 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज़ किया गया है. महिला ने आरोप लगाया है कि उसके साथ 5 लोगों ने गैंगरेप किया है.

महिला आयोग ने सीएम से पुलिस की भूमिका की जांच करने की गुजारिश

वही दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने इस मामले को लेकर मुखमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक पत्र लिखकर पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग की है. पत्र में लिखा गया है कि ‘यह पत्र डीसीडब्ल्यू की ओर से हापुड़ की सामूहिक बालात्कार की एक पीड़िता से संबंधित है. पीड़िता को लगातार हापुड़ पुलिस द्वारा प्रताड़ित किया गया, लगातार शिकायतों के बाबजूद भी कोई एफआईआर दर्ज नही की गयी, पुलिस के इस असंवेदनशील और शर्मनाक रवैये के चलते महिला ने मजबूर होकर खुद की जान लेनी चाही’ इन तमाम बातों का जिक्र करते हुये महिला आयोग ने मुखमंत्री से पीड़िता को उचित मुआवज़ा देने और मामले में पुलिस की भूमिका की जांच की मांग की है.

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