देश किसका है? जाहिर तौर पर उन सबका है, जो यहां रहते हैं. चाहे वह किसी भी धर्म-जाति या लिंग के क्यों न हों? पर ये बात कुछ लोगों को समझ नहीं आती है. उनके दिमाग को धर्म के कीड़े ने चाट कर साफ कर दिया है. उनके लिए सिर्फ एक ही धर्म है, हिंदू धर्म. जिसके वो ठेकेदार बने बैठें हैं. इसके अलवा इनका एक और सपना है हिन्दू राष्ट्र बनाने का. जिसके रास्ते का सबसे बड़ा रोड़ा, अगर कोई है तो वो है मुसलमान और पाकिस्तान.

इसके पीछे इनका लॉजिक है कि वह ‘दूसरे’ धर्म के हैं इसलिए पाकिस्तान के समर्थक हैं. अगर इनका बस चले तो ये एक फूंक में भारत और पाकिस्तान दोनों देशों के मुसलमानों को दुनिया के नक्शे से साफ कर दें. हालांकि, इनको सऊदी अरब जैसे देशों के मुस्लमानों से कोई दिक्कत नहीं है क्योंकि बीजेपी के आका और ‘हिंदू हृदय सम्राट’ नरेंद्र भाई मोदी को भी इनसे कोई दिक्कत नहीं हैं. खैर…अब मुद्दे पर आते हैं.

पाकिस्तान से खार खाए बैठे भाजपा के विधायक सुरेश राठौड़, फोटो सोर्स: जागरण
भाजपा के विधायक सुरेश राठौड़, फोटो सोर्स: जागरण

मामला जान लीजिए

हरिद्वार में एक जगह ज्वालापुर. यहां से भाजपा के विधायक हैं, सुरेश राठौड़. ये हरिद्वार के धनौरी में एक सड़क का उद्घाटन करने पहुंचे थे. यहां इन्होंने एक बयान दिया. माफ कीजिएगा बयान नहीं विवादित बयान. लगता है भाई साहब के दिमाग में भी ऊपर कही हुई बातें ही चल रही थी.

इनका कहना था

मेरे विधानसभा क्षेत्र में 52 फीसदी हिस्सा तो मुस्लिम बहुल्य क्षेत्र है, जो टोटल पाकिस्तान है, मैं बचे हुए 48 फिसदी वोटों की बदौलत ही चुनाव जीता हूं.

यह कहना चाहते थे 52 फीसदी मुसलमान, पर मुंह से निकल गया पाकिस्तान. वैसे ये दोनों में से कुछ भी बोलते. इनकी बैंड बजा दी जाती. सो बजा दी गई है.

ऋषिकेश हरिद्वार, फोटो सोर्स: गूगल
ऋषिकेश हरिद्वार, फोटो सोर्स: गूगल

संत समाज गुस्सा हो गया है

ऋषिकेश के संत इस बयान को लेकर काफी गुस्से में हैं. संत समाज ने विधायक को चेतावनी दी है कि इस तरह के बयान देकर धर्मनगरी का स्वरूप न बिगाड़े. वहीं कांग्रेस ने इसे सांप्रदायिक माहौल खराब करने की साजिश कहा है.

विधायक सुरेश राठौड़ का क्या कहना है?

अपने बयान को राजनीतिक बवाल का रूप लेता देख, विधायक जी ने मीडिया से बात करते हुए कहा है कि,

यह उनके खिलाफ राजनीतिक साजिश है. दरअसल, उनके विधानसभा क्षेत्र में कोटा पाकिस्तान नाम का गांव है, जहां पर 100 प्रतिशत मुस्लिम आबादी रहती है. ज्यादातर लोग इसे ‘कोटा पाकिस्तान’ की जगह ‘पाकिस्तान’ कहते हैं. मैंने भी यही नाम लेकर अपना बयान दिया था. जिसे गलत तरिके से पेश किया गया है. यह मेरे राजनीतिक विरोधियों की साजिश है, जो मेरे बढ़ती लोकप्रियता से जलते और घबराते हैं.

फोटो सोर्स: गूगल
फोटो सोर्स: गूगल

भाजपा का इसको लेकर क्या रुख है?

इस पूरे मामले पर भाजपा के जिलाध्यक्ष डॉ. जयपाल सिंह ने अपनी बात रखी है. उन्होंने कहा है कि,

अगर विधायक सुरेश राठौड़ ने इस किस्म का बयान दिया है तो, उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए था. उन्होंने कहा कि उन्हें पूरे घटनाक्रम की कोई जानकारी नहीं है. वह इस पर विधायक सुरेश राठौड़ से बात करेंगे.

हालांकि, यह कोई पहला मामला नहीं है, जब किसी भाजपा विधायक ने इस तरह का बयान दिया हो. साध्वी प्रज्ञा से लेकर साक्षी महाराज तक ऐसे बयान पहले भी दे चुके हैं. जिस पर भाजपा आज तक कार्रावाई कर रही है. या फिर यही विधायक और मंत्री सामने आ कर कह देते हैं कि मीडिया ने उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश कर दिया है. बाकी भाजपा की ‘हिन्दू राष्ट्र निर्माण नीति’ का पता सबको है ही. खुद गृहमंत्री तक जब देश के नागरिकों/शरणार्थियों को भाइयों-बहनों कह कर संबोधित करते हैं तब उनके भाइयों-बहनों में हिन्दू, सिख, ईसाई, बौद्ध, जैन शामिल होते हैं पर मुस्लिम छूट जाते हैं. यहीं पर भारत के संविधान की पहली लाइन धुंधली पड़ने लगती हैं. ‘हम भारत के लोग…’

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