आज कल राजनीति में वो पहली-सी बात नहीं रही. अब सब गुड़-गोबर हो गया है. जहां राज्य के मुद्दे होने चाहिए, वहां राष्ट्रीय मुद्दों का घालमेल हो रहा है. नेताओं का इससे भी मन नहीं भर रहा तो, एक-दूसरे को गालियां दे रहे हैं. बदज़ुबानी कर रहे हैं. अक्सर ये बातें सुनने को मिलती है. खासकर उनसे जो राजनीति की समझ रखते हैं. जो राष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों में फ़र्क समझते हैं. जिन्होंने कभी देखा या पढ़ा है कि राजनीति का भी एक स्तर हुआ करता था. चाहे पार्टियों या नेताओं में कितने भी मतभेद हो जाएं. वह कभी भी एक-दूसरे का चरित्र हनन नहीं करते थे. आज ये सब खुल्लम-खुल्ला हो रहा है. एक-दूसरे को नीचा दिखाने के चक्कर में ये लोग किसी भी हद से गुज़र जाते हैं. ऐसी ही एक करामात हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भी की है.

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, फोटो सोर्स: गूगल
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, फोटो सोर्स: गूगल

हरियाणा में 21 तारीख को चुनाव हैं. इसके लिए खट्टर साहब अपने एक उम्मीदवार का प्रचार कर रहे थे. जहां इस प्रचार में स्थानीय मुद्दे होने चाहिए थे. वहां उनकी ज़ुबान पर बस सोनिया गांधी और राहुल गांधी थे. इनके लिए खट्टर साहब ने ऐसे-ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया है. मानों खट्टर साहब अपने नौकर को गरिया रहे हों.

13 अक्टूबर को खट्टर साहब सोनीपत के खरखोदा में प्रचार कर रहे थे. इसी दौरान उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पर टिप्पणी करते हुए कहा-

ये लोग (कांग्रेस) सारे देश में घूमने लग गए कि कांग्रेस के लिए एक राष्ट्रीय अध्यक्ष मिल जाए. घूमते-घूमते तीन महीने गुज़ार दिए और तीन महीने बाद भी कौन बना सोनिया गांधी. फिर वहीं गांधी परिवार, ‘यानी खोदा पहाड़ निकली चुहिया, वो भी मरी हुई.’

सोनिया गांधी और राहुल गांधी, फोटो सोर्स: गूगल
सोनिया गांधी और राहुल गांधी, फोटो सोर्स: गूगल

खट्टर साहब हाई लेवल के आदमी हैं. सोनिया गांधी तो सोनिया गांधी, राहुल गांधी को भी लपेटे में ले लिया. उन्होंने कहा कि,

सेंटर में भी परिवारवाद वाली पार्टियां किस तरह से तमाशा कर रही हैं. आपको पता है. घर-घर में लड़ाई हो गई है. एक तो पप्पू और एक मम्मी (सोनिया गांधी). दोनों की अलग-अलग पार्टियां हो रही हैं. पहले पप्पू चौधरी था. लोकसभा चुनाव हारने के बाद बोला कि, मैं नहीं रहता पार्टी का अध्यक्ष और राहुल बाबा ने अध्यक्षता छोड़ दी.

कांग्रेस इस बयान पर आग बबूला हो गई है. अब किसी को भी गुस्सा आ जाए. अगर कोई किसी के कर्ता-धर्ता पर इस तरह का बयान देगा. कांग्रेस की हालत इस वक्त जैसी भी हो उनके कर्ता-धर्ता राहुल गांधी और सोनिया गांधी ही हैं.

कांग्रेस ने ट्वीट किया है कि,

बीजेपी के मुख्यमंत्री द्वारा दिया गया बयान न केवल अशोभनीय और निम्नस्तरीय है, बल्कि ये बीजेपी के महिला विरोधी चरित्र को भी दर्शाता है.

सोनिया गांधी और राहुल गांधी की बेइज्जती अलका लांबा को भी बर्दाश्त नहीं हुई. अब हो भी कैसे आप (आम आदमी पार्टी) को छोड़ कर कांग्रेस में जो शामिल हो गई हैं. आशीर्वाद लेते हुए ट्वीटर पर फोटो भी शेयर की थी.

अलका लांबा ने ट्वीट किया है कि,

संघी मानसिकता का कोई आदमी ही महिलाओं के प्रति ऐसी घटिया सोच रख सकता है. बीजेपी नेताओं की बौखलाहट का ही नतीजा है कि कभी किसी को गला काट देने की सरेआम धमकी देते हैं और अब महिला के प्रति नीच सोच, मनोहर लाल खट्टर होश में आओ, सत्ता का नशा सर चढ़कर बोल रहा है. दरअसल, खट्टर साहब ने एक रैली में अपने ही कार्यकरता से गुस्सा हो कर. फरसे से गला काट देने की धमकी दी थी.

राजनीति की ऐसी हालत की वजह कोई है तो, वो आम जनता हैं. जिसे इस तरह के बयानों और विवादों में मजा आने लगा है. जिसे अपने मुद्दों से ज्यादा इस बात में इंट्रेस्ट है कि भाजपा ने कांग्रेस को क्या कहा या कांग्रेस ने भाजपा को क्या कहा. राजनीति, काजनीति में तभी बदलेगी जब, जनता अपने वास्तविक मुद्दों पर सवाल पूछना शुरू करेगी.

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