भारत गांधी का देश है. भारत सत्य और अहिंसा पर चलने वालों का देश है. हम सब ये सारी चीजें अपने स्कूल टाइम से पढ़ते आ रहे हैं. लेकिन, अब कुछ ऐसी मांग की जा रही है जिससे गांधी को मानने वालों को बुरा लग सकता है.

वजह जान लीजिए

हिंदू महासभा, दक्षिणपंथी संगठन है. इस संगठन के सदस्य महात्मा गांधी की हत्या में शामिल रहे हैं, चाहे वो गोडसे हों या फिर सावरकर. इन सभी का हिन्दू महासभा से कोई न कोई वास्ता जरूर रहा है.

ऐसा महसूस हो रहा है कि ये संगठन अब गांधी के बाद उनके विचारों को भी खत्म करने की कोशिश कर रहा है. इसी का नतीजा है कि अब ये गोडसे के बयानों को स्कूल के सिलेबस का हिस्सा बनाना चाहते हैं.

शुक्रवार को गोडसे की 70वीं बरसी थी. इस मौके पर हिंदू महासभा ने अपने दफ्तर में एक कार्यक्रम का आयोजन किया था. उन्होंने गोडसे और नारायण आप्टे की तस्विरों पर मालाएं चढ़ाईं थी. उनकी आरती की गई. गोडसे के साथ आप्टे भी गांधी की हत्या में शामिल थे.

हिंदू महासभा के दफ़त्र में होती गोडसे की पूजा,फोटो सोर्स:गूगल
हिंदू महासभा के दफ़त्र में होती गोडसे की पूजा,फोटो सोर्स:गूगल

वहीं जब ये सब हो रहा था तब मध्यप्रदेश पुलिस उनकी सुरक्षा कर रही थी. ये डराने वाली बात है कि गांधी के देश में गोडसे की पूजा हो रही थी और ऐसा सब पुलिस की मौजूदगी में हो रहा था.

ये कार्यक्रम हिंदू महासभा ने ‘युवक हिंदू महासभा’ के बैनर तले आयोजित किया था. इसी के तहत उन्होंने जिला प्रशासन को अपना 4 सूत्रीय मांगों वाला ज्ञापन भी सौंपा था.

जिनमें कुल 4 मांगे थी

  • महात्मा गांधी की हत्या के बाद कोर्ट में चले मुकदमे के दौरान गोडसे ने जो बयान दिया था, उसे स्कूल के सिलेबस में शामिल किया जाए
  • गुरू गोविंद सिंह के बेटों की शहादत को बाल दिवस यानी 14 नवंबर के दिन ‘बाल शहीद दिवस’ के रूप में मनाया जाए.
  • इसके अलावा उन्होंने 2017 में ज़ब्त की गई गोडसे की मूर्ती को वापस करने की मांग भी की थी. दरअसल, हिंदू महासभा ने 2017 में अपने दफ्तर में गोडसे की मूर्ती लगाई थी. जिसको लेकर खूब हंगामा हुआ था. जिसके बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मूर्ती ज़ब्त कर ली थी.
  • इनकी चौथी और अंतिम मांग ये है कि JNU में स्वामी विवेकानंद की मूर्ती तोड़ने वालों को गिरफ्तार किया जाए और उन पर रोजद्रोह को मुकदमा चलाया जाए.

इस कार्यक्रम से भाजपा और विश्व हिंदू परिषद ने दूरी बनाई थी. वहीं कांग्रेस ने इसकी जमकर आलोचना की है. उनका कहना है कि वो सरकार से मांग करेंगे की राष्ट्रपिता के हत्यारों को महिमामंडित करने वालों के खिलाफ कड़ा ऐक्शन लिया जाए.

महात्मा गांधी जिसने देश को आज़ाद कराने में अपना सर्वस्व दे दिया. जिसने हिंदू-मुस्लिम एकता के लिए जान दे दी. जिसने मार्टिन लूथर किंग और नेल्सन मंडेला जैसे समाज सुधारकों को प्रेरणा दी. जिसके नाम से दुनिया भारत को जानती है. आज विडंबना देखिए कि उसके हत्यारे की पूजा हो रही है और उसे अपने ही देश में बदनाम किया जा रहा है.