मामले के बारे में बताने से पहले यह तस्वीरे देख लीजिये. यह ज़ी न्यूज़ में पब्लिश हुए एक आर्टिक्ल की तस्वीर है जो कि 8 मार्च की रात 11:45 में पब्लिश हुआ था.

फोटो सोर्स गूगल

इस खबर में ज़ी न्यूज़ के मुताबिक सेना के एक जवान को अगवा किया गया है. सेना का जवान छुट्टी मनाने अपने घर गया हुआ था वहीं से उसे अगवा किया गया है. अधिकारियों ने ज़ी न्यूज़ को बताया था कि मध्य कश्मीर से सेना का जवान लापता हुआ था. पुलिस को भी संदेह है कि आतंकवादियों ने ही इस घटना को अंजाम दिया है. मामला जम्‍मू कश्‍मीर में चाडोरा के काजीपुरा का बताया जा रहा है.

9 मार्च सुबह 8:22 के करीब ज़ी न्यूज़ ने पिछले वाले आर्टिकल को अपडेट करते हुए एक और आर्टिकल पब्लिश किया जिसका हेडिंग आप नीचे देख सकते हैं.

फोटो सोर्स गूगल

इसमें उन्होने बताया कि अगवा किया हुआ जवान छुट गया है. शनिवार सुबह भारतीय सेना के जवान मोहम्मद यासीन को सुरक्षित उसके घर पहुंचाया गया है. सेना के जवान और जम्मू कश्मीर पुलिस उससे पूछताछ कर रही है. 15 दिन की छुट्टी लेकर घर आया था यासीन. घटना के बाद पूरे इलाके की घेराबंदी कर तलाशी की जा रही है. अभी तक इस बात की जानकारी नहीं मिली है कि किस संगठन का इसमें हाथ है.

 

 

यह पूरी कहानी झूठी है. दरअसल पूरी गलती ज़ी मीडिया की भी नहीं है. ANI ने कल ट्वीट करके यह जानकारी दी थी.आप सब तो टीआरपी का खेल जानते ही हैं. अधिकारियों की तरफ से इस मामले मे जानकारी आने से पहले ही ज़ी, एनडीटीवी और अन्य मीडिया हाउस ने अपने टीवी सेट पर फ्लैश करना शुरू कर दिया कि सेना के एक जवान का अपहरण हो गया है. रक्षा मंत्रालय ने आज बताया है कि यह सब झूठी है और जवान सुरक्षित है.

इस लिए हम आप सभी लोगों से कहते हैं कि फ़ेक न्यूज़ सिर्फ सोश्ल मीडिया के ज़रिया नहीं फैलता है. हमारे भाई बंधु भी इस खेल में शामिल हैं. जब ज़ी न्यूज़ और एनडीटीवी भी इसके जाल में फंसने से नहीं बच पाये तो फिर हम और आप क्या हैं. किसी भी सूचना पर भरोसा करने से पहले खुद से उसे जांच लें.

Facebook Comments

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here