नीरव मोदी, नाम ही काफी है. देश में जिस समय ‘लूटो और भागो’ की मुहिम चल रही थी. उसके मुख्य किरदारों में से एक थे. इन्होंने पंजाब नेशनल बैंक (PNB) में 13 हज़ार करोड़ रुपये का घोटाला किया था. साथ ही ये इन पैसों को लेकर लंदन फरार हो गए थे. इसकी सबसे पहले जानकारी साल 2018 में सामने आई थी. उसके अलावा इस घोटाले में हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी भी शामिल थे. जहां नीरव मोदी लंदन भाग गए थे. वहीं चोकसी ने 2017 में एंटीगुआ की नाकरिकता ले ली थी.

इसके बाद मोदी सरकार की नीयत पर सवाल उठने लगे थे कि मोदी सरकार के नाक के नीचे इतना बड़ा घौटाला हो गया और वो कुछ नही कर पाई. विजय माल्या के घोटाले के बाद ये देश का सबसे बड़ा घोटाला था. माल्या स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) का 8,000 करोड़ रुपये लेकर फरार हो गया था.

भारत सरकार लगातार इस मामले को लेकर लंदन सरकार से संपर्क बनाए हुए है. भारत सरकार इस जुगत में लगी हुई है कि नीरव मोदी को जल्द से जल्द भारत को सौंपा जाए. दरअसल, भारत सरकार के दबाव के बाद लंदन सरकार ने 19 मार्च को उसको गिरफ्तार किया था. नीरव मोदी 7 महीने से लंदन की वांड्सवर्थ जेल में हैं.

हालांकि, ऐसा नहीं है कि नीरव मोदी ने यहां से निकलने की कोशिश नहीं की है. वह लगातार 4 बार ब्रिटेन की कोर्ट में याचिका दायर कर चुका हैं कि उसे रिहा कर दिया जाए. पर हर बार उसे निराशा ही हाथ लगी है.

नीरव मोदी, फोटो सोर्स: गूगल
फोटो सोर्स: गूगल
इस बार भी नीरव मोदी के साथ ऐसा ही हुआ है. उसकी याचिका खारिज कर दी गई है. इस बीच नीरव मोदी ने एक ऐसी बात कही है, जो भारतीय मीडिया की हेड लाइन बन गया है. उसने कहा है कि,

अगर उन्हें भारत को सौंपा जाता है, तो वे आत्महत्या कर लेंगे. उन्हें भारत में निष्पक्ष ट्रायल की उम्मीद नहीं है. मोदी ने इसके अलावा यह भी बताया है कि उन्हें जेल में 3 बार पीटा गया है.

इसको लेकर नीरव मोदी के वकील कीथ क्यूसी का कहना है कि,

मंगलवार की सुबह 9 बजे के ठीक बाद जेल में ही बंद दो अन्य कैदी उसके सेल में आए. उन्होंने दरवाजा बंद करके उसे घूंसा मारा और ज़मीन पर गिराकर लातों से पीटा. इसके साथ ही उसे लूटने की भी कोशिश की.

नीरव मोदी को दोबारा जेल भेज दिया गया है. अब देखना होगा कि मोदी के इस बयान के बाद वहां की कोर्ट और भारत सरकार क्या रुख अख्तियार करती हैं.

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