करगिल युद्द के 20 साल पूरे होने पर भारतीय वायुसेना चीफ बीएस धनोआ ने पाकिस्तान को चेताते हुये कहा कि, अगर अब दुबारा कारगिल जैसा युद्ध होता है तो इस जंग को वायुसेना अपनी पूरी ताकत के साथ लड़ेगी. नाम लिए बगैर इशारों में पाकिस्तान को चेतावनी देते हुये वायुसेना प्रमुख ने कहा कि, अगर अब सीमा पार से कोई नापाक हरकत की गई तो पड़ोसी को इस गलती का बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ेगा.

भारतीय वायुसेना , फोटो सोर्स - गूगल
भारतीय वायुसेना , फोटो सोर्स – गूगल

ऑपरेशन सफेद सागर के 20 साल पूरे होने पर नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वायुसेना प्रमुख बीएस धनोआ ने कहा कि,

अगर दुबारा कारगिल होता है, तो इसे हम आखिरी जंग की तरह लड़ेगे. आगे उन्होंने कहा कि भारतीय वायुसेना हर तरीके का युद्द लड़ने के लिए तैयार है . फिर चाहे करगिल जैसा संघर्ष हो, किसी आतंकी हमले का जवाब देना हो या फिर ऑल-आउट वॉर लड़ना हो.

कारगिल युद्ध को याद करते हुये बीएस धनोआ ने कहा कि कारगिल युद्ध में वायुसेना ने पहली बार मिग-21 एयरक्रॉफ्ट से रात के समय पहाड़ों पर बमबारी की थी. ‘ऑपरेशन विजय’ के दौरान करगिल चोटी पर छिपे घुसपैठियों को खदेड़ने के लिए एयर फोर्स ने ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ चलाया था.

उन्होंने बताया कि करगिल युद्ध के बाद से भारतीय वायुसेना की ताकत में बहुत तेजी से इजाफा हुआ है. अब वायुसेना पारंपरिक और गैर-पारंपरिक युद्ध के समय किसी भी प्रकार के हवाई खतरे से निपटने में पूरी तरह सक्षम है. बीएस धनोआ ने बताया कि करगिल युद्ध के समय वायुसेना के पास सिर्फ मिराज-2000 लड़ाकू विमान ही था जिसमे सबसे सटीक बमबारी करने की क्षमता थी. लेकिन अब वायुसेना के पास सुखोई-30MKI,जगुआर, मिग-29 और मिग-27 के अपग्रेटेड एयरक्राफ्ट है. इसके अलावा वायु सेना के पास अत्याधुनिक मिसाइलें और एयर वार्निंग सिस्टम भी मौजूद है.

भारतीय वायुसेना का लड़ाकू विमान सुखोई 30MKI , फोटो सोर्स – गूगल

बताते चले कि कारगिल युद्ध के समय धनोआ 17 स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर थे और श्रीनगर से ऑपरेट कर रहे थे.

अपने सम्बोधन में वायुसेना प्रमुख ने बालाकोट एयरस्ट्राइक का जिक्र करते हुये कहा,

‘अगर जरूरत पड़ी तो हम हर मौसम में यहां तक की आसमान में बादल छाए होने की स्थिति में भी सटीक बमबारी कर सकते हैं बीते 26 फरवरी को ऐसा ही एक हमला (बालाकोट स्ट्राइक) हम देख चुके हैं, जो दूर से सटीक हमला करने की हमारी क्षमता को दर्शाता है.’

बालाकोट एयर स्ट्राइक , फोटो सोर्स – गूगल

अब देखने वाली बात ये है कि भारतीय वायुसेना प्रमुख का ये बयान ऐसे समय में आया है, जब कुछ घंटों पहले ही पाकिस्तान ने अपने हवाई क्षेत्र पर लगा प्रतिबंध भारतीय विमानो के लिए हटाया है. जिसे पाकिस्तान ने बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद से लगातार 5 महीने तक बंद किया हुआ था.

गौरतलब है कि पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारतीय एयरफोर्स ने पाकिस्तान के बालाकोट में घुसकर आतंकियों के अड्डे को तबाह कर दिया था. हमले के दूसरे दिन ही पाकिस्तान के लड़ाकू विमान ने भारतीय सीमा में घुसने की नाकाम कोशिश की थी. सीमा पर बढ़ते तनाव की वजह से दोनों देशों के बीच जंग के हालात बन गए थे जिसे देखते हुये पाकिस्तान ने 27 फरवरी को अपने हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया था. पाकिस्तान के डर का आलम ये था कि उसने अपनी सभी यात्री उड़ानों को भी रद्द कर दिया था.

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