अंतराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद यानि ICC जो कि क्रिकेट की देखरेख करता है। क्रिकेट में नए नियम से लेकर क्रिकेट के सभी कार्यक्रमों को तय करने की ज़िम्मेदारी इसके ही पास है। लेकिन हाल ही में एक ऐसी घटना सामने आई जिसके बाद ICC सुर्खियों में बना हुआ है। ICC ने गुरुवार को अपने ट्वीटर हैंडल पर एक तस्वीर पोस्ट की। यह तस्वीर भारतीय महिला क्रिकेटर स्मृति मंधाना की थी। स्मृति मंधाना की तस्वीर के साथ कैप्सन भी है, जो कि स्मृति मंधाना का बयान है।

स्मृति मंधाना ने उस कैप्सन में कहा है-

“वह अपने आप को एक क्रिकेटर के रुप में देखती हैं, न कि एक महिला क्रिकटर के रुप में। क्रिकेट खेलने के लिए जब किसी की आवश्यकता नहीं है तो लेबल की क्या आवश्यकता है?”

ICC ने यह पोस्ट करने के बाद नीचे लिखा- ‘well said smriti mandhana’

ICC  के इस पोस्ट के बाद रीट्वीट का सिलसिला शुरु हो गया। हर जगह स्मृति की तारीफ हो रही थी। विश्व क्रिकेट की बात हो और फिर पाकिस्तान का ज़िक्र न हो ऐसा कम ही होता है। ICC के इस ट्वीट के साथ भी ऐसा ही कुछ हुआ है। पाकिस्तान की एक महिला फैन ने रीट्वीट में कुछ ऐसा ही लिख दिया कि ICC ने उस महिला के एकाउंट को ब्लॉक कर दिया।

ICC द्वारा किए गए ट्वीट पर पाकिस्तानी महिला ने महिला क्रिकेट का मजाक उड़ाते हुए लिखा,

कोई भी महिला क्रिकेट की तुलना पुरुष क्रिकेट से बिल्कुल नहीं कर सकता। उसके बाद उस महिला ने भारतीय क्रिकेटर को ‘पेशाब पीने वाला’ कहा और महिला क्रिकेटरों को ‘बदसूरत’ बताया और कहा उनका क्रिकेट देखना मजेदार नहीं है।

इस महिला के ट्वीट के बाद ICC ने उसका जवाब भी उसी महिला के अंदाज में ही दे दिया। ICC ने रिप्लाई में लिखा- अगर आपको याद नहीं तो जान लीजिए कि ये 2019 है। साथ हीं साथ आईसीसी ने उसे बेहतर होने की सलाह दी। महिला को रिप्लाई करने के बाद ICC ने भद्दी टिपण्णियों के लिए ब्लॉक कर दिया।

ICC की नई रैंकिंग के अनुसार पाकिस्तान वनडे मैचों की रैंकिंग और टी-20 रैंकिंग में 7वें नंबर पर है तो भारत, वर्तमान में विश्व कप में उपविजेता, महिलाओं के वनडे में तीसरे और टी-20 में पांचवें स्थान पर है। ICC ने 22 वर्षीय क्रिकेटर की प्रशंसा की जो वर्तमान में जयपुर में महिलाओं की T-20 चुनौती में ट्रेलब्लेज़र का नेतृत्व कर रही हैं। उसने सुपरनोवा के खिलाफ 67 गेंद में 90 रन बनाकर अपनी टीम को 2 रन से जीत दिलाई और प्लेयर ऑफ द मैच का पुरुस्कार हासिल किया था।

महिलाओं के क्रिकेट के प्रति Sexist धारणाएं कोई नई बात नहीं है। विज्ञापन अभियान, लोकप्रियता और वेतन के आधार पर पुरुषों और महिलाओं के क्रिकेट के बीच एक बड़ा अंतर देखने को मिलता है। इस घटना के पहले भी इस तरह की कई घटनाएं सामने आई थी। जिसमें किसी प्रशंसक द्वारा खिलाड़ी को ट्रोल करने के बाद ICC ने खुद ही उसे ट्रोल कर दिया था। इसके पहले भी 2018 में पाकिस्तानी फैंस को ICC ने अपने ट्वीटर से ट्रोल कर चुका है।

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