आईसीसी यानि इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल की ट्वीटर पर कवर फोटो अगर आप देखें तो वो हमेशा बदलती रहती है। इसके बदलने के पीछे का कारण होता है खिलाड़ियों का प्रदर्शन। आज कल अगर आप आईसीसी का ट्वीटर अकाउंट खोल कर उसकी कवर फोटो देखेंगे तो उसमें इंग्लैंड के बेहतरीन ऑलराउंडर बेन स्टोक्स की फ़ोटो देखने को मिलेगी। अब ऐसा क्यों होता है?

दरअसल, अगर कोई खिलाड़ी इंटरनेशनल मैच में अच्छा प्रदर्शन करता है तो उसी के बाद आईसीसी अपना कवर फोटो चेंज करता रहता है लेकिन, यहां बात आईसीसी के कवर फोटो को लेकर नहीं उठी है बल्कि यह बवाल उसके एक ट्वीट को लेकर शुरु हो गया है। यह बवाल है बेन स्टोक्स और सचिन तेंदुलकर के साथ की तस्वीर को साझा करके उस पर लिखे हुए कैप्शन को लेकर।

आज कल तो जिस तरह से विश्व कप के बाद बेन स्टोक्स का बल्ला और गेंद दोनों चल रहे हैं, उसे देख कर हर कोई हैरान है। एशेज सीरीज में तो स्टोक्स ने आंतक ही मचा रखा है। धागा खोल कर मारने के साथ-साथ गेंद से भी कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।

आईसीसी ने इन्हीं सब बातों को लेकर एक ट्वीट किया। इसमें बेन स्टोक्स और सचिन तेंदुलकर की फ़ोटो के साथ जो कैप्शन लिखा है उसी को लेकर फैंस भड़क गए हैं। फैंस का कहना है कि आईसीसी को समझना चाहिए कि सचिन और बेन स्टोक्स में काफी अंतर है। पहले आईसीसी का ट्वीट देख लीजिए जिस पर भसड़ मची हुई है।

अगर आप इस ट्वीट को ध्यान से देखेंगे तो आपको पता लगेगा कि आईसीसी ने अपने ही एक ट्वीट को रिट्वीट किया है। आईसीसी ने अपने जिस ट्वीट पर रिट्वीट किया है, वह इसी साल विश्व कप के फाइनल के बाद की है। 14 जुलाई को फाइनल में जब बेन स्टोक्स ने 84 रनों की विजयी पारी खेलकर इंग्लैंड को जीत दिलाई थी।  उस वक्त भी आईसीसी ने ट्वीटर पर बेन स्टोक्स और सचिन तेंदुलकर के बीच तुलना की थी।

आईसीसी को भी यह समझना चाहिए कि वह किसकी तुलना किसके साथ कर रहा है। इसमें कोई शक नहीं है कि इस साल या फिलहाल क्रिकेट का सबसे नायाब कोई हीरा है तो वो बेन स्टोक्स हैं लेकिन, अगर उनकी तुलना सचिन से की जाए तो यह कहीं से भी सही नहीं है। स्टोक्स अच्छे प्लेयर हो सकते हैं लेकिन, सचिन को भगवान कहा जाता है। मतलब साफ है कि उनका स्थान कोई नहीं ले सकता है।

ब्रिस्टल विवाद, फोटो सोर्स: गूगल
ब्रिस्टल विवाद, फोटो सोर्स: गूगल

वैसे भी आईसीसी को समझना चाहिए कि जिस प्लेयर पर वह बैन लगा चुका है वह सचिन की जगह कैसे ले सकता है। 25 सितंबर 2017 को रात 2 बजे बिस्ट्रल के नाइट क्लब में बेन स्टोक्स ने शराब पी और अपने दोस्तों के साथ मारपीट की थी। मारपीट से पहले उन्होंने वहा मौजूद समलैंगिक कपल और गेटकीपर का भी अपमान किया था। इसके बाद उन्हें अदालत के चक्कर लगाने पड़े थे। इतना ही नहीं दिसंबर 2018 में आईसीसी के अनुशासन आयोग ने भी बेन स्टोक्स को दोषी पाया था जिसके बाद बेन स्टोक्स पर 8 मैचों के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया और 30 हज़ार पाउंड का जुर्माना भी लगाया गया था।

अब आईसीसी से यह सवाल पूछा जा सकता है कि किस आधार पर बेन स्टोक्स और सचिन एक समान हुए। सचिन की महानता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 14 जुलाई को लॉर्ड्‍स में जब आईसीसी वर्ल्ड कप का फाइनल खेला गया तो उसके बाद पुरस्कार वितरण में वि‍शेष अतिथि के रूप में सचिन मौजूद थे। अब ऐसे में किसी खिलाड़ी का वर्तमान प्रदर्शन के आधार पर किसी लेजेंड से तुलना करना बिल्कुल गलत है।

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