जहाँ पूरी दुनिया समलैंगिकता का खुली बाहों से स्वागत कर रही है वहीं दुनिया के कुछ हिस्सों से समलैंगिक नागरिकों के खिलाफ हो रही हिंसक घटनाएँ भी सामने आ रही हैं। ये बात बेहद निराशाजनक है कि हमारे समाज का एक बड़ा हिस्सा हर क्षेत्र में प्रगति करने के बाद भी इतना समझदार नहीं हो पाया है कि समलैंगिकता जैसी प्राकृतिक बात को समझ सके और समलैंगिक नागरिकों को भी एक आम इंसान कि तरह देखे। जिसका नतीजा रोज़ दुनिया भर में समलैंगिक नागरिकों के साथ हो रही हिंसा है।

ऐसी ही एक हिंसा की घटना लंदन शहर से आई है। लंदन की एक बस में दो समलैंगिक लड़कियों के साथ कुछ लड़कों ने अभद्र व्यवहार किया और उनके साथ इतनी मारपीट की गयी कि वो खून से लथपथ हो गईं।

मेलेनिया और उनकी साथी क्रिस लंदन की बस में एक साथ कहीं जा रही थीं, जब उनके साथ ये घटना हुई।

मेलेनिया ने बीबीसी से बात करते हुए बताया कि-

“उन्होंने हमें घेर लिया और सेक्स से जुड़ी हिंसात्मक धमकियाँ देने लगे। उसके बाद उन्होंने मुझे और क्रिस को एक दूसरे को किस करने के लिए कहा, सिर्फ इसलिए कि वो ऐसा करते हुए देखकर उनका मनोरंजन हो सके। माहौल को थोड़ा हल्का करने के लिए मैंने थोड़ा मज़ाक करने की कोशिश की। जैसे कि मैंने कहा- क्रिस आपकी बात समझ नहीं पा रही क्योंकि उसे अँग्रेजी बोलनी नहीं आती। यहाँ तक कि क्रिस ने बीमार होने का भी बहाना किया, मगर वो हमारे ऊपर सिक्के फेंकने लगे। अगली बात जो मुझे याद है वो ये हैं कि क्रिस बस के बीच खड़ी है और वो लड़के क्रिस के चेहरे पर घूंसे मार रहे हैं। मैंने तुरंत क्रिस को उनके बीच से खींच कर बचाने कि कोशिश की लेकिन तब तक वो मुझे भी मरने लगे और मुझे लहूलुहान कर दिया।”

क्रिस से जब पूछा गया कि क्या इस घटना के बाद आप के मन मे अपनी साथी मेलेनिया का हाथ समाज में थामने या उनको चूमने से डर लगेगा, तो इसके जवाब में क्रिस ने कहा-

“मुझे समाज के सामने समलैंगिक होने का कोई डर नहीं, अगर इस घटना के बाद कुछ बदलाव हुआ है तो ये कि अब मेरा आत्मविश्वास पहले से और ज़्यादा हो गया है। मैं बहुत नाराज़ थी, मैं अभी भी बहुत नाराज़ हूँ मगर ये घटना कोई पहली बार नहीं हुई है।”

मेलेनिया के अनुसार उनके ऊपर 4 लड़कों ने हमला किया था जिनकी उम्र 15-18 वर्ष के बीच थी। ऐसी घटनाएँ हमारे समाज कि घटिया मानसिकता का जीता जागता सबूत हैं। हर रोज़ न जाने कितने समलैंगिक नागरिकों के साथ ऐसी हिंसा की घटनाएं होती हैं, जिनमें से ज़्यादातर खबरों में भी नहीं आ पाती हैं।

पिछले साल भारतीय न्यायालय ने धारा 377 हटा कर समलैंगिकता को कानूनन हरी झंडी दी। इस फैसले का देश दुनिया में बहुत हर्षोउल्लास के साथ स्वागत किया गया। लेकिन एक काला सच ये भी है कि हमारे समाज में समलैंगिकता के सिलसिले में अभी तक एक घटिया सोच पनप रही है, और ये ख़त्म होने का नाम नहीं ले रही है।

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जब लंदन जैसे विकसित शहर से ऐसी घटनाएँ सामने आ रही हैं तो हम अंदाज़ा भी नहीं लगा सकते हैं कि उन देशों के समलैंगिक नागरिकों को कितनी प्रताड़ना झेलनी पड़ती होगी जो देश अभी विकास और साक्षरता में पीछे हैं।

सोचिए कि इंसानियत के लिए ये कितनी शर्मनाक बात है कि हमारे समाज के एक हिस्से को सिर्फ इसलिए मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ता है क्योंकि वो खुद को वैसे ही समाज के सामने रखते है जैसा उन्हें प्रकृति ने बनाया है।

हालांकि ताजा अपडेट के अनुसार दोनों लड़कियों पर हमला करने वाले लोगों में से 5 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है.

खुद की और अपने आस पास के लोगों की सोच बदलीये, इससे पहले कि बहुत देर हो जाये।

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