NRC यानी नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजंस. एक ऐसी लिस्ट जिसमें असम के उन लोगों के नाम शामिल हैं जिन्हें क़ानूनी रूप से असली भारतीय नागरिक का दर्जा दिया जाता है. 2018 तक इस लिस्ट में से 40 लाख से ज़्यादा लोगो का नाम बाहर था. इन सभी लोगों को मौका दिया गया था कि वह निर्धारित समय तक उन दस्तावेजों को प्रशासन को पेश करें जो उनके भारतीय नागरिक होने का सबूत दे सके. NRC की लिस्ट आने के बाद इस मामले पर खूब राजनीति भी हुई जो अब तक चली आ रही है. कुछ लोग इसे सही मान रहे हैं तो कुछ लोग इसका विरोध भी कर रहे हैं.

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26 जून को हुई NRC नई सूची जारी, फोटो सोर्स- गूगल

अब इस मामले ने फिर से एक बार रुख बदला है. ख़बर आ रही है कि NRC की नई जारी की गयी लिस्ट में उन लोगों का नाम शामिल नहीं है जो भारतीय स्वतंत्रता सेनानी और साहित्य अकादमी पुरूस्कार विजेता रहे हैं. सबसे हैरान करने वाली बात तो यह है कि इस लिस्ट में असम आंदोलन की पहली महिला शहीद बैजयंती देवी के परिवार तक को शामिल नहीं किया गया है.

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NRC का मामला जा सकता है कोर्ट, फोटो सोर्स- गूगल

बता दें कि ऑल असम स्टूडेंट यूनियन ने अवैध प्रवासियों की पहचान और उन्हें वापस भेजने की मांग को लेकर 1979 से 6 साल तक असम आंदोलन चलाया था. इस आंदोलन को शांत करने के लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गाँधी ने असम समझौते को मंज़ूरी दी थी. NRC इसी आन्दोलन से निकला एक फसाद है. जो लोग पहले NRC की मांग के लिए मारने-काटने पर उतारू थे आज उन्हीं के परिवार का नाम लिस्ट से बाहर है.

यह जानकारी गोरखाओं के एक संगठन से मिली है. संगठन ने बताया कि साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता दुर्गा खाटीवाड़ा और बैजयंती के परिवार के अलावा छबीलाल उपाध्याय की प्रपौत्री मंजू देवी को एनआरसी की प्रक्रिया से बाहर रखा गया है. भारतीय गोरखा परिसंघ के राष्ट्रीय सचिव ‘नंदा कराती देवान’ ने प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि –

“तीनों मामले गोरखाओं से जुड़े हुए हैं. इन लोगों को एनआरसी से बाहर कर गोरखाओ का अपमान किया गया है. इस मामले का समाधान नहीं किया गया तो मामले को अदालत ले जाया जायेगा.”

उन्होंने कहा कि साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता और असम नेपाली साहित्य सभा की अध्यक्ष दुर्गा खटीवाड़ा NRC अधिकारियों द्वारा 26 जून को जारी की गयी निष्कासन सूची में शामिल है. इस मामले में बैजयंती देवी के पिता ने अपना बयान देते हुए कहा कि उनके प्रपौत्रों एवं उनकी माँ निर्मला देवी का नाम भी निष्कासन सूची में शामिल है.