पुलवामा अटैक के बाद भारत ने पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा रद्द कर दिया है। जिसे बहुत पहले ही कर देना चाहिए था। पाकिस्तान भारत पर हमेशा हमला करवाता रहा है लेकिन सरकार ने एमएफएन का दर्जा नहीं हटाया। जिसके लिये सरकार की आलोचना भी होती थी। वित्त मंत्री अरूण जेटली ने बताया कि पाकिस्तान का इस घटना से संबंध है। इसलिए हम मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा रद्द कर रहे हैं। अरूण जेटली ने पाकिस्तान को इंटरनेशन संगठन में बेनकाब करने की भी बात कही है।

‘मोस्ट फेवर्ड नेशन’ सुनकर लगता है कि पाकिस्तान, भारत के लिये स्पेशल है लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। मोस्ट फेवर्ड नेशन विश्व व्यापार से जुड़ा है जो एक देश दूसरे देश को देता है। भारत ने ये दर्जा दिया था लेकिन पाकिस्तान ने भारत को मोस्ट फेवर्ड नेशन कभी नहीं माना। अब भारत ने भी वो दर्जा हटा लिया है। इस मोस्ट नेशन फेवर्ड का इतिहास और गुणा-भाग जानते हैं।

क्या है एमएनफ स्टेटस?

दो देशों के बीच होने वाले मुक्त व्यापार समझौते के लिए मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा दिया जाता है। एमएफएन एक आर्थिक दर्जा है जो एक देश दूसरे देशों को देता है। कोई देश जिन किन्हीं देशों को यह दर्जा देता है, उस देश को उन सभी के साथ व्यापार की शर्तें एक जैसी रखनी होती हैं।

Image result for wtoएमएफएन का बैकग्राउंड

व्यापार पूरे संसार में आराम से चले इसके लिए 1945 में एक संस्था बनी गेट। जिसने व्यापार के लिये कुछ नियम बनाये। 1995 में इसी संस्था का नाम बदलकर डब्लयूटीओ कर दिया गया। इस संगठन की कार्यप्रणाली और नियम बनाये गये। इस संस्था का काम है पूरे देशों में होने वाले व्यापार पर नजर रखना और नियंत्रण करना।

डब्लयूटीओ का ही एक नियम है मोेस्ट फेवर्ड नेशन। ये नियम सभी देशों पर लागू होता है। इसके तहत कोई भी देश व्यापार के लिए किसी भी देश से भेदभाव नहीं करेगा। अपने व्यापार को फायदा पंहुचाने के लिए कोई भी देश न ही टैक्स बढ़ायेगा और न ही घटायेगा।

डब्लयूटीओ के बनने के एक साल बाद ही भारत ने पाकिस्तान को मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा दे दिया। लेकिन पाकिस्तान ने भारत को कभी ये दर्जा नहीं दिया। जब भी भारत-पाकिस्तान में तनातनी होती है। ये मांग उठने लगती कि पाकिस्तान से ये दर्जा हटा लेना चाहिये। इस नियम में अनुच्छेद 21(b) में ये कहा गया है जब देश में लड़ाई जैसे हालात हों तो मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा छीना जा सकता है। भारत ने उसी आर्टिकल का इस्तेमाल करके भारत ने पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा छीना है।

भारत ने पाकिस्‍तान से वापस लिया MFN का दर्जा, जानिए क्‍या है मोस्‍ट फेवर्ड नेशन का मतलबअब क्या होगा?

मोस्ट फेवर्ड नेशन के हटने से दोनों देशों के व्यापार पर असर होगा। भारत में पाकिस्तान से कुल 19 उत्पादों का आयात होता है। जबकि 14 उत्पादों का निर्यात किया जाता है। भारत का पाकिस्तान के साथ 2015-16 में व्यापार 2.67 अरब डाॅलर रहा था। भारत के कुल निर्यात में पाकिस्तान का हिस्सा 0.83 है। भारत का आयात 50 करोड़ डाॅलर से भी कम है।
मोस्ट फेवर्ड नेशन के हटने से भारत को ज्यादा नुकसान होगा। लेकिन आतंकवाद और देश की सुरक्षा पैसों से बड़ी है। ऐसे मामलों पर नफा-नुकसान नहीं देखा जाता।

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