भारत जल्द ही पाकिस्तान से सटे सीमा पर टी-90 भीष्म टैंक की दिवार खड़ी करने जा रहा है. बॉर्डर पर पाकिस्तान की नापाक हरकतों पर लगाम लगाने के लिए भारत ने यह फैसला लिया हैं. जिसमे भारतीय सेना में 464 अतिरिक्त T-90 भीष्म टैंक शामिल किए जाएंगे. जिन्हे पाकिस्तान से सटे सीमा पर सुरक्षा बढाने के मकसद से तैनात किया जाएगा. भीष्म टैंक की ये दीवार पाकिस्तान की हर नापाक हरकत का माकूल जबाब देगी.

टी -90 भीष्म टैंक, फोटो सौर्स – गूगल

464 T-90 युद्धक टैंक ‘भीष्म’

रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार 464 भीष्म टैंक ओर्डिनेस फैक्टरी बोर्ड के तहत चेन्नई की अवाड़ी हेवी व्हिकल फेक्ट्री(HAV) में बनाए जाएंगे. ये टैंक रूस की मदद से तैयार किए जाएंगे. जिसके लिए एक महीने पहले ही रूस से अधिग्रहण लाइसेन्स की मंजूरी मिल गयी हैं. इन टैंकों को थर्मल इमेजिंग नाइट सिस्टम की तकनीक से लैस किया जाएगा. इस तकनीकी की मदद से घने अंधेरे में भी टैंक कमांडर दुश्मनो के ठिकानों पर सटीक निशाना लगाकर गोले दाग सकता है.

टी – 90 टैंक, फोटो सोर्स – गूगल

गौरतलब है कि भारतीय सेना के बेड़े में पहले से टी-90 भीष्म टैंको की 18 रेजीमेंट हैं. इन नए टैंको के भारतीय सेना में शामिल होने के बाद टी-90 भीष्म टैंकों की रेजीमेंट में 10 इकाइयों का इजाफा होगा.

अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ़ इंडिया में छपी एक खबर के मुताबिक रूस की मदद से चेन्नई में बनाए जा रहे टी-90 भीष्म टैंकों के निर्माण कार्य में भारत सरकार 13,448 करोड़ रुपये खर्च करेगी. जिन्हे मेक इन इंडिया के तहत भारत में ही बनाया जाएगा. रक्षा मंत्रालय ने इन भीष्म टैंकों को 2022 से 2026 के बीच पाकिस्तानी सीमा पर तैनात किए जाने का लक्ष्य रखा है.

भारत – पाकिस्तान सीमा
फोटो सोर्स – गूगल

वहीं बीते जनवरी महीने में आर्मी चीफ बिपिन रावत ने कहा था कि युद्धक रेजिमेंट्स को ‘वेल इक्विप्ड’ करने के लिए जल्द जरूरी कदम उठाए जाएंगे. क्योंकि पाकिस्तान बहुत तेजी से अपनी सेना को अपग्रेड करने के काम में लगा हुआ है. चीन की मदद से पाकिस्तान नए टैंको के निर्माण कार्य में लगा हुआ है. वही 50 से ज्यादा यूक्रेनियाई T-80UD टैंक खरीदेने जा रहा है.

आपको बताते चले कि भारतीय सेना के पास अभी भी 1070 के आस-पास T-90 टैंक मौजूद हैं. साल 2001 में 657 T-90 टैंकों को अपग्रेड किया गया था जिसमें 8,525 करोड़ रुपए का खर्चा आया था. इसके आलावा अन्य 1000 टैंक में भी रशियन किट लगाई गई थी. सूत्रों के मुताबिक अगले 2 से 3 सालों में करीब 64 अपग्रेड किए हुए टैंक सेना को दिये जाएंगे. बता दें कि पाकिस्तान भी रूस से इसी श्रेणी के 360 टैंक खरीदना चाहता हैं. पाकिस्तान इस रक्षा सौदे को फाइनल करने को लेकर लगातार रूस से संपर्क बनाए हुये हैं.

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