दो तरफा संभावित युद्ध लड़ने की जरूरत के हिसाब से पिछले कुछ सालों से भारतीय वायुसेना का बहुत तेजी से आधुनिकीकरण किया जा रहा है. पिछले दिनों ही अमेरिका में बने 4 विमानवाहक चिनूक हेलीकॉप्टर भारतीय वायु सेना के बेड़े में शामिल किए गए थे. वहीं साल 2015 में भारत ने 930 मिलियन डालर ख़र्च करके अमेरिका के साथ 22 अपाचे लड़ाकू हेलीकॉप्टरों के समझौते पर हस्ताक्षर किये थे. AH-64 E अपाचे हेलीकॉप्टर को दुनिया का सबसे खतरनाक हेलीकॉप्टर माना जाता हैं.

AH-64E अपाचे हेलिकॉप्टर / फोटो सोर्स – गूगल

2015 की गयी इसी डील के तहत भारतीय वायु सेना को अपना पहला अपाचे हेलीकॉप्टर मिल गया है. अपाचे हेलीकॉप्टर को अमेरिका की बोइंग कंपनी बनाती है. बीते शुक्रवार अमेरिका के एरिजोना शहर के एक कार्यक्रम में भारतीय एयर-फोर्स के अधिकारियों की मौजूदगी मे अमेरिका ने पहला अपाचे हेलीकॉप्टर भारत को सौंप दिया है.

भारत को मिला अपना पहला अपाचे हेलीकॉप्टर / फोटो सोर्स – गूगल

आने वाले जुलाई के महीने में इन एएच-64 ई (आई) हेलीकॉप्टर को समुद्री मार्ग से भारत लाया जाएगा. भारतीय वायुसेना के कुछ चुने हुए अधिकारियों को इस हेलीकॉप्टर को चलाने की ट्रेनिंग यूएस आर्मी बेस में दी गई है.

इस मौके पर भारतीय वायुसेना ने ट्वीट करके जानकारी दी – कि इस साल जुलाई तक हेलीकॉप्टर का पहला बैच भारत भेजने का कार्यक्रम तय किया गया है. भारतीय सेना के एयर-क्रू और ग्राउंड क्रू को अलबामा स्थित अमेरिकी सेना के ट्रेनिंग अड्डे में प्रशिक्षण दिया गया है.

अमेरिका के एरिजोना शहर में एक कार्यक्रम में भारतीय एयर फोर्स के अधिकारी / फोटो सोर्स – गूगल

 

अपाचे हेलीकॉप्टर

  • अपाचे हेलीकॉप्टर 16 फुट ऊँचा और 18 फुट चौड़ा एक मल्टी रोल फाइटर हेलीकॉप्टर है
  • इसमे दो हाई परफ़ोर्मेंस इंजन लगे गुए हैं
  • अपाचे 284 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ सकता है
  • इस हेलीकॉप्टर को लेजर , इंफ्रारेड और नाइट विजन सिस्टम से लैस किया गया है जिसकी मदद से ये घने अंधेरे में भी दुश्मनों के ठिकानों को उड़ाने में सक्षम है.
  • अपाचे हेलीकॉप्टर 16 एंटी टैंक मिसाइल छोड़ने की क्षमता रखता है.साथ ही इसमें लगी गन में एक साथ 1200 बुलेट भरी जा सकती हैं.
  • अपाचे हेलीकॉप्टर एक बार में लगातार 3 घंटे तक उड़ सकता है.
  • अपाचे हेलीकॉप्टर को रडार पर पकड़ पाना बहुत मुश्किल होता है जो इसकी सबसे बड़ी खासियत है.

एक मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इससे पहले अमेरिकी कंपनी बोइंग के साथ मिलकर भारतीय सहयोगी कंपनी टाटा द्वारा  भारत में अपाचे AH-64E हेलीकॉप्टर बनाने का फैसला लिया गया था. हालांकि बाद में इस फैसले को बदल दिया गया.

फोटो सोर्स – गूगल

अपाचे हेलीकॉप्टर के भारतीय वायुसेना में शामिल होने से वायु सेना की ताकत बढ़ेगी साथ ही सेना आधुनिक हेलीकॉप्टरों से लैस भी होगी. बताया जा रहा हैं कि इस हेलीकॉप्टर को भारतीय वायु सेना चीन और पाकिस्तान से सटी सीमा पर तैनात करेगा. अमेरिकी डिफेंस सेक्योरिटी कोपरेटिव एजेंसी के अनुसार भारतीय वायुसेना में अपाचे हेलीकॉप्टर शामिल होने से उसकी रक्षात्मक क्षमता में इजाफा होगा.

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