हनी ट्रैप, इसका मतलब तो आपको पता ही होगा। हनी का मतलब वैसे शहद और ट्रैप का मतलब जाल होता है। यह बस कहने के लिए मीठा जाल है लेकिन है बड़ा खतरनाक। एक प्लानिंग के तहत खूबसूरत महिला एजेंट सेना के अधिकारियों को फंसाती है और उनसे महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल कर लेती हैं। इसी हनी ट्रैप का शिकार हुआ भारतीय सेना  की एक यूनिट का क्लर्क। जिसे इंटेलिजेंस ब्यूरों, मिलिट्री इंटेलिजेंस और पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में उसे गिरफ्तार कर लिया है। मध्य प्रदेश के महू में तैनात इस जवान पर आरोप है कि यह सेना से जुड़ी जानकारियां पाकिस्तान भेज रहा था।

कैसे मिली जानकारी?

घर का भेदी लंका ढाए। यह कहावत तो आपने सुनी ही होगी। ऐसा ही कुछ आरोपी अविनाश कुमार ने भी किया। सेना की सारी मूवमेंट और दस्तावेजों की जानकारी विदेशी महिला को वाट्सएप्प और फेसबुक के ज़रिए दे रहा था। आरोपी के गतिविधियों में आए बदलाव की वजह से इंटेलिजेंस एजेंसी ने जांच शुरू की और उसपर निगरानी रखनी शुरु कर दी थी। फिर जब उसे ट्रैक किया गया तो उसके खिलाफ 15 मई को सबूत मिले। जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

प्रतिकात्मक छवी, फोटो सोर्स: गूगल
प्रतीकात्मक तस्वीर, फोटो सोर्स: गूगल

बिहार का रहने वाला है जवान

गिरफ्तार आरोपी बिहार के वैशाली जिले का रहने वाला है। 26 वर्षीय अविनाश महज 12वीं पास है। परीक्षा के बाद वह दसवीं बिहार रेजिमेंट में भर्ती हुआ। अविनाश काी पहली पोस्टिंग रेजिमेंट दानापुर में हुई थी। अप्रैल 2019 में ट्रांस्फर होने की वजह से वह मध्य प्रदेश के महू में आ गया। वह पत्नी और बच्चे के साथ आर्मी बेस में रह रहा है।

कैसे फंसा हनी ट्रैप में?

जानकारी के मुताबिक लगभग दो साल पहले उसके फेसबुक पर एक महिला की फ्रेंड रिक्वेस्ट आई और फिर वहां से दोस्ती का सिलसिला शुरु हो गया। महिला का यह अकांउट पाकिस्तान से ऑपरेट किया जा रहा था। लेकिन वह महिला खुद को उससे राजस्थान की महिला कहकर बात किया करती थी। जब अविनाश उस महिला के प्रेमजाल में फंस गया तब महिला ने वीडियो कॉलिंग और चैंटिंग के ज़रिए उसे दुबई मिलने के लिए बुलाया था। लेकिन अविनाश किसी कारण नहीं जा सका।

प्रतिकात्मक तस्वीर, फोटो सोर्स गूगल
प्रतीकात्मक तस्वीर, फोटो सोर्स -गूगल

महिला ने फिर उसे इंडियन आर्मी की लोकेशन, मूवमेंट और एक्सरसाइज से जुड़ी जानकारी हासिल करने का टास्क दिया। जिसे अविनाश न नहीं कर सका। आरोपी जवान आर्मी में अपने संपर्कों के ज़रिए संवेदनशील जानकारी हासिल कर रहा था और पाकिस्तान को भेज रहा था। वह इन सूचनाओं को फेसबुक और वाट्सएप्प के जरिये शेयर कर रहा था। यह भी माना जा रहा है कि इसके बदले उसे पैसे दिए जा रहे थे। फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है। आरोपी से यह भी जानने की कोशिश की जा रही है कि वह किस तरह की जानकारी पाकिस्तान को दे चुका है।

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