आए दिन अरुणाचल प्रदेश से सटे इलाकों में चीनी सैनिक भारत में आ जाया करते हैं. कभी चीनी सैनिकों द्वारा गांव वालों को डराने और धमकाने की खबरें सामने आती रहती है तो, कभी भारतीय इलाकों में अपने झंडे गाड़ कर चले जाते हैं. वास्तविक नियंत्रण सीमा (LAC) पर चीन की बढ़ती दखलंदाजी को रोकने के लिए अब भारतीय सेना अरुणाचल प्रदेश से लगती चीनी सीमा पर अपने तोपखाने की ताकत बढ़ा रही है.

सेना प्रमुख विपिन रावत ,फोटो सोर्स - गूगल
सेना प्रमुख विपिन रावत ,फोटो सोर्स – गूगल

अमेरिका से खरीदी गई M-777 अल्ट्रा लाइट होवित्जर तोपों को भारतीय सेना लद्दाख के उत्तरी सेक्टर से लेकर अरुणाचल प्रदेश में पूर्वी सेक्टर तक इन तोपों की तैनात करेगी. ये अमेरिकी अत्याधुनिक तोपें दुश्मन के खिलाफ जल्दी और निर्णायक कार्रवाई करने में पूरी तरह सक्षम है.

 M777 अल्ट्रा लाइट होवित्जर तोप, फोटो सोर्स - गूगल
M-777 अल्ट्रा लाइट होवित्जर तोप, फोटो सोर्स – गूगल

इसकी जानकारी देते हुए एक सैन्य अधिकारी ने बताया, पूर्वी अरुणाचल प्रदेश में तैनात आर्टिलरी रेजिमेंट्स को M-777 ऑपरेट करने की ट्रेनिंग दी जा रही है, जबकि एक-दूसरे सेना के अधिकारी ने कहा, ‘इन तोपों को साल के अंत तक अरुणाचल प्रदेश के तवांग, कामेंग और वालोंग जैसे क्षेत्रों में तैनात की जा सकती हैं.

उन्होंने बताया, इन तोपों को तेजी से ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पहुंचाने के लिए हेलिकॉप्टर्स में स्लिंग लोड किया जा सकता है. इसके अलावा किसी मिशन के दौरान चिनूक हेलिकॉप्टर के जरिए हॉवित्जर्स तोपों को आसानी से कही भी तैनात किया और हटाया जा सकता है. हॉवित्जर्स लाइट आर्टिलरी रेजिमेंट का हिस्सा होंगे.’

 हॉवित्जर्स तोप, फोटो सोर्स - गूगल
अमेरिकी हॉवित्जर्स तोप, फोटो सोर्स – गूगल

दरअसल नवंबर 2016 में 145 M-777 तोपें खरीदने के लिए भारत ने अमेरिका के साथ 5,070 करोड़ रुपये का समझौते पर साइन किया था. इस समझौते के मुताबिक अमेरिका 25 तोपें पूरी तरह तैयार स्थिति में भारत को देगा जबकि, 120 तोपों का निर्माण ‘मेक इन इंडिया’ के तहत भारत में महिंद्रा के साथ पार्टनरशिप में होगा.

प्रतीकात्मक तस्वीर, फोटो सोर्स - गूगल
प्रतीकात्मक तस्वीर, फोटो सोर्स – गूगल

24-30 किलोमीटर तक मार करने वाली 55 एमएम/39-कैलिबर वाली हॉवित्जर्स तोपों का इस्तेमाल अमेरिकी सेना अफगानिस्तान और इराक की जंग में कर चुकी है. अमेरिकी सेना के अलावा इन तोपों का इस्तेमाल ऑस्ट्रेलिया और कनाडा की सेनायें भी कर रही है. 

 हॉवित्जर्स तोपों का इस्तेमाल करती अमेरिकी सेना, फोटो सोर्स -
हॉवित्जर्स तोपों का इस्तेमाल करती अमेरिकी सेना, फोटो सोर्स –

बताते चलें कि अभी तक भारतीय सेना बोफोर्स तोपों का इस्तेमाल कर रही हैं. भारतीय सेना अभी तक इन तोपों को सड़क के रास्ते तैनाती के स्थानों पर ले जाती रही है लेकिन, पिछले कुछ सालों से अरुणाचल प्रदेश में LAC पर बोफोर्स तोपों को स्थानांतरित करने में सेना को मुश्किल हो रही है. क्योकि अपने व्हिकल के साथ बोफोर्स का वजन 30-40 टन हो जाता है. इसके अलावा दुर्गम इलाकों वाले इस क्षेत्र में सड़कें भी चौड़ी नहीं हैं.

ऐसे में 55 एमएम/39-कैलिबर वाली हॉवित्जर्स सेना के बेड़े शामिल होने से 105 mm जैसी कम कैलिबर और अधिक वजन वाली तोपों को बाहर किया जा रहा है. भारतीय सेना अरुणाचल प्रदेश और लद्दाख सीमा पर हॉवित्जर्स तोप तैनात करके चीन की दादागिरी पर लगाम लगाना चाहती है. किसी भी आपात स्थिति इन तोपों को हेलीकॉप्टर के जरिए LAC के निकट क्षेत्रों में पहुचाई जा सकती हैं.

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