भारतीय क्रिकेट टीम इस वक़्त वेस्टइंडीज दौरे पर है, जहां उसे वेस्टइंडीज के साथ सीरीज खेलनी है। लेकिन सीरीज़ शुरू होने से पहले ही भारत के लिए जो ख़बर आ रही है वो ठीक नहीं है। सबसे पहले तो भारत के सलामी बल्लेबाज़ पृथ्वी शॉ डोपिंग टेस्ट में पकड़े गए हैं और उन पर 8 महीने का प्रतिबंध लग गया है।

इसके साथ-साथ एक और ख़बर आ रही है। जहां भारत के पूर्व बल्लेबाज़ यलाका वेणुगोपाल राव ने क्रिकेट से सन्यास लेने की घोषणा कर दी है। 37 वर्षीय राव ने भारत की तरफ से कुल 16 मैच ही खेले थे। राव ने मई 2006, बासेटेर में वेस्टइंडीज के खिलाफ अपना आखिरी मैच खेला था।

एमएस धोनी के साथ वेणुगोपाल राव, फोटो सोर्स: गूगल

आंध्र प्रदेश से ताल्लुक रखने वाले राव ने भारत की तरफ से वनडे मैच में करीब 11 पारियां खेली हैं। जिसमें वो केवल 218 रन ही बना पाए। इसमें एक अर्धशतक भी शामिल है। राव ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में अपना कदम श्रीलंका के खिलाफ 30 जुलाई 2005 को दाम्बुला में रखा था। यह वही मैैच था जिसमें भारत के स्टार खिलाड़ी सुरेश रैना ने एंट्री की थी।

उन्होंने 121 प्रथम श्रेणी मैचों में 7081 रन बनाए जिसमें 17 शतक और 30 अर्धशतक शामिल हैं। इसके अलावा, वह आईपीएल में 2008 से 2014 तक डेक्कन चार्जर्स, दिल्ली डेयरडेविल्स और सनराइजर्स हैदराबाद की तरफ से भी खेल चुके हैं।

आईपीएल में वेणुगोपाल राव, फोटो सोर्स: गूगल

वेणुगोपाल राव का क्रिकेट करियर किसी अनसुलझी पहेली जैसा है। क्योंकि जिस खिलाड़ी ने भारत के बेहतरीन बल्लेबाज सुरेश रैना के साथ वनडे क्रिकेट में डेब्यू किया हो और सन्यास के समय तक सिर्फ 11 पारियाँ ही खेली हो तो, समझा जा सकता है कि इस खिलाड़ी के साथ किस तरह का न्याय हुआ है।

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राव के बारे में यह भी कहा जाता है कि जब आईसीसी ने वनडे मैचों में सब्स्टीट्यूट फील्डर इस्तेमाल करने का नियम लागू किया था। तो भारत की तरफ से वेणुगोपाल राव प्रथम सब्स्टीट्यूट फील्डर बने। इस नियम के तहत किसी भी टीम को अगर दूसरी पारी में क्षेत्ररक्षण (फिल्डिंग) करना है तो वो अपने अंतिम 11 खिलाड़ियों में से किसी एक को आराम देकर 12वें खिलाड़ी को क्षेत्ररक्षण के लिए फील्ड में बुला सकती है।

लेकिन भारतीय टीम में उस वक़्त मिडिल ऑर्डर बैट्समैन के रूप में सुरेश रैना, युवराज सिंह जैसे दिग्गज खिलाड़ियों का नाम शामिल था। ऐसे में ये कहना गलत नहीं होगा कि वेणुगोपाल राव भारतीय टीम में महज एक नाम बन कर रह गए। यानि युवराज और रैना की छाया बन कर वेणुगोपाल राव ने अपना पूरा क्रिकेट करियर बिता दिया।

वेणुगोपाल राव का जन्म 26 फ़रवरी 1982, विशाखापत्तनम में हुआ था। राव राइट हैंड मिडिल ऑर्डर बैट्समैन थे और राइट आर्म ऑफ-ब्रेक बॉलर। उन्होंने ज़्यादातर मैच आंध्र प्रदेश से प्रथम श्रेणी में ही खेले। राव की और पारियाँ अगर देखने को मिलती तो और ज़्यादा खुशी होती। लेकिन रिटायरमेंट के फैसले पर उन्हें बधाई और आगे की ज़िंदगी के लिए शुभकामनाएं।