कहते हैं कि हर सुपर हीरो/वुमन गले पर चद्दर बांधकर उड़ता हुआ नहीं आता. कुछ साड़ी और सूट में बैठ कर चुप-चाप अपना काम भी कर रहे होते हैं. आज हम ऐसी ही दो सुपर वूमेन के बारे ने बात करेंगे जो पर्दे के पीछे रह कर अपना काम करना पसंद करती हैं.

विक्रम लैंडर से संपर्क टूट जाने के बाद जब ISRO चीफ के. सिवान प्रधानमंत्री मोदी से गले लगकर रोए तो, लोगों को पता लगा कि आकाश को चीरते हिमकाय मशीनों के पीछे मानवीय चेहरा भी छुपा है. के. सिवान का चेहरा तो आज पूरा भारत पहचानने लगा है. लेकिन, उसके अलावा दो चेहरे ऐसे भी हैं जिनसे हर भारतीय का मिलना जरुरी है.

वनिथा मुथैया:

इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम इंजीनियर और डेटा विश्लेषण विशेषज्ञ वनिथा चंद्रयान-2 की प्रोजेक्ट मैनेजर हैं. ISRO के साथ उनका यह पहला मिशन नहीं हैं जिनमें धरती से बाहर चीजों की खोज की जा रही हो. इससे पहले वे मार्स ऑर्बिटर मिशन (MOM)/मंगलयान में शामिल रह चुकी हैं.

ISRO, Vanitha Muthaiya
वनिथा मुथैया , फोटो क्रेडिट- गूगल

साल 2006 में एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी ऑफ़ इंडिया ने उन्हें ‘बेस्ट वुमन साइंटिस्ट’ का अवार्ड भी दिया था. अंतर्राष्ट्रीय साइंस मैग्ज़ीन ‘नेचर’ ने पांच ऐसे बड़े साइंटिस्ट की सूची में उनका नाम लिखा है जिनके काम पर साल 2019 में नज़र रखी जाएगी.

32 साल से इसरो में काम कर रही वनिथा मुथैया ने स्पेस इंजीनियरिंग के ये गुण चेन्नई कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग से सीखे हैं. उनकी सफलता की ख़ुशी मनाने के लिए उनके कॉलेज के साथियों ने एक छोटा सा समारोह करने का भी सोचा है.

रितु करिधाल श्रीवास्तव:

आईआईएससी बैंगलोर से अंतरिक्ष विज्ञान इंजीनियरिंग से मास्टर्स डिग्री ले चुकीं रितु करिधाल चंद्रयान-2 की मिशन डायरेक्टर हैं. वनिथा मुथैया की तरह ही रितु करिधाल के लिए भी यह पहला ऐसा मिशन नहीं है जिसमें रॉकेट को पृथ्वी से बाहर भेजा जाना हो. चंद्रयान-1 के साथ-साथ वे मार्स ऑर्बिटर मिशन (MOM)/मंगलयान में शामिल रह चुकी हैं.

ISRO, Ritu Karidhal
रितु करिधाल श्रीवास्तव, फोटो क्रेडिट- गूगल

मिशन मंगलयान के दौरान रितु करिधाल डिप्टी ऑपरेशन्स डायरेक्टर थीं. इतनी बड़ी पोस्ट संभालने के कारण मीडिया का ध्यान मिशन मंगलयान के दौरान ही उन पर चला गया था. 18 साल से इसरो के साथ जुड़ी रितु करिधाल को साल 2007 में पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर ए पी जे अब्दुल कलाम द्वारा ‘यंग साइंटिस्ट अवार्ड’ मिल चुका है.

विक्रम के चाँद पर लैंड करवाए जाने के मिशन से पहले ही ISRO चेयरमैन के. सिवान के पास रितु करिधाल और वनिथा मुथैया का इंटरव्यू लेने की कई रिक्वेस्ट आ चुकी हैं. जिनका जवाब देते हुए सिवान ने कहा था कि शनिवार को सफल लैंडिंग के बाद उनका इंटरव्यू लिया जा सकता है.

मिशन चंद्रयान-2 में महिलाओं की संख्या दिखाता इसरो का एक ट्वीट

दोनों महिलाओं के ISRO में उच्च पद पर चुने जाने पर पिछले महीने ही के. सिवान ने कहा था, “हमनें तो पद के लिए उन व्यक्तियों को चुना जो इसके लिए सबसे बेस्ट रहते हैं. अब यह किस्मत है कि वो दोनों महिलाएं निकलीं. बाकी इस बात से हमें कोई फर्क नहीं पड़ता (कि पद पर कोई आदमी बैठा है या औरत).”

यह भी पढ़ें: पाकिस्तान को भौंकने के अलावा और कुछ नहीं आता है