पुलवामा अटैक के 10 दिन बाद भारत की तरफ से 26 जनवरी को पाकिस्तान के बालाकोट में स्थित आतंकी कैंपों पर भारतीय वायुसेना द्वारा एयर स्ट्राइक की गयी थी. देश में हो रहे लोकसभा चुनाव में एयर स्ट्राइक का मुद्दा खूब छाया हुआ है. बीजेपी जहां इसे अपनी सरकार की बड़ी उपलब्धियों के रूप में गिना रही है, वहीं विपक्षी पार्टियां बीजेपी पर सेना के नाम का इस्तेमाल करने का आरोप लगा रही है.

ऐसे चुनावी माहौल में बालाकोट में हुई एयर स्ट्राइक का लेकर एक इटालियन पत्रकार ने नए खुलासे किए हैं. इटली के इस पत्रकार ने बालाकोट में स्थित आतंकी कैंपों पर भारत की ओर से की गयी सर्जिकल स्ट्राइक में मारे गए आतंकियों की संख्या को लेकर दावा किया है कि इस एयर स्ट्राइक में लगभग 140 से 170 आतंकी मारे गए थे. वहीं 45 के करीब आतंकियों का इलाज अभी भी बालाकोट के अस्पतालों में चल रहा है. वहीं इस एयर स्ट्राइक में मारे गए आतंकियों में 11 ट्रेनर आतंकी थे जो बम बनाने का काम करते थे और अन्य को हथियार चलाने का प्रशिक्षण दिया जाता था.

प्रतीकात्मक तस्वीर। फोटो सोर्स – गूगल

इटली की पत्रकार फ्रांसेस्का मरीनो ने कहा-

भारतीय वायुसेना ने तड़के साढ़े तीन बजे बालाकोट पर हवाई हमला किया था. हमला होने के करीब ढाई घंटे बाद बालाकोट से 20 किलोमीटर दूर शिनकियारी से पाकिस्तानी आर्मी यूनिट लोकेशन पर आई”.

वो आगे बताती हैं कि इसके बाद पाकिस्तानी आर्मी घायल आतंकियों को शिनकियारी में स्थित हरकत-उल-मुजाहिद्दीन कैंप में लेकर गई जहां पर आर्मी के डॉक्टरों द्वारा उनका इलाज किया गया.

प्रतीकात्मक तस्वीर। फोटो सोर्स – गूगल

मरीनो ने बताया कि उनके स्थानीय सूत्रों से पता चला है कि हमले में घायल करीब 45 लोगों का इलाज अब भी चल रहा है जबकि करीब 20 लोगों की इलाज के दौरान मौत हो गयी है. जो लोग अब ठीक हो रहे हैं उनको अभी भी पाकिस्तानी आर्मी की कस्टडी में रखा गया है. मरीनो ने बताया कि जहां से पहाड़ी एरिया शुरू होता है वहां पर एक नया साइन बोर्ड लगा दिया गया है जिससे पता चलता है कि पहाड़ी पर तालीम-अल-कुरान नामक मदरसा है. यह वही बोर्ड है जिस बोर्ड पर पहले जैश ए मोहम्मद और मसूद अजहर का नाम लिखा था. मसूद अजहर के अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित होने के बाद बोर्ड से उसका नाम हटा दिया गया है.

जैश का मदरसा। फोटो सोर्स – गूगल

इटैलियन पत्रकार ने बालाकोट के मौजूदा हालातों के बारे में बताते हुये अपनी रिपोर्ट में लिखा है-

‘फिलहाल कैंप में कुछ बच्चे और 3-4 मौलवी ही नजर आते हैं क्योंकि इस कैंप को पूरी तरह खाली करा लिया गया है ताकि, जैश-ए-मोहम्मद की किसी भी गतिविधि का निशान न मिल सके. जैश के कैंप के ठीक बगल में बिसियन टाउनशिप है. यहां के लोग अभी भी एयर स्ट्राइक को लेकर बात करते हुए मिल जाते हैं. इनलोगों का कहना है कि इन्होंने एयर स्ट्राइक के अगले दिन कई गाड़ियों को एयर स्ट्राइक से हुए नुकसान से निकले मलबे को भर कर कुन्हार नदी में गिराते हुये देखा था. इन इलाकों में यह भी चर्चा है कि जैश ने अपने लोगों को ये विश्वास दिलाया है कि सही समय पर भारतीय वायु सेना की सर्जिकल स्ट्राइक का बदला लिया जाएगा.’

बालाकोट की तस्वीर।फोटो सोर्स – गूगल

आपको बता दें कि बालाकोट के जिस जगह पर हमला हुआ था वो इलाका अभी भी पाकिस्तानी सेना के नियंत्रण में ही है. इसकी कमान मुजाहिद बटालियन के कैप्टेन रैंक का एक अधिकारी संभालता है जो हर वक्त वहाँ मौजूद रहता है. कैंप तक जाने की इजाजत किसी को नहीं है. यहाँ तक कि स्थानीय पुलिस को भी वहाँ जाने की इजाजत नहीं है. जैश के इस आतंकी कैंप का पूरा नियंत्रण पाकिस्तान आर्मी के हाथों में है.

पाकिस्तान आर्मी की निगरानी में बालाकोट। फोटो सोर्स – गूगल

इटालियन पत्रकार की ये रिपोर्ट पाकिस्तान के उस दावे की पोल खोलती है जिसमें उसने कहा था कि भारतीय एयर फोर्स द्वारा बालाकोट में की गयी एयर स्ट्राइक में किसी भी तरह का नुकसान नहीं हुआ है. यहाँ तक कि बीते दिनों पाकिस्तान ने बालाकोट की सच्चाई को दिखाने के लिए भारतीय पत्रकारों को प्रभावित क्षेत्र का दौरा कराने का निमंत्रण भी दिया था.

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