सांसद देश के लिए कानून बनाने का काम करते हैं। अब, जब कानून वही बनाते हैं तो उनका यह फर्ज़ होता है कि वो खुद भी कानून का सम्मान करे। लेकिन सही मायने में इसके ठीक उलट होता है। सांसद महोदय महिलाओं के प्रति अक्सर घटिया बयान देते हैं। सांसद मौका मिलते ही जाति व धर्म के आधार पर समाज को तोड़ने का काम करते हैं। सांसद महोदय अपने स्वार्थ के लिए संविधान की मूल भावनाओं का कत्ल करते हैं। एक सांसद यह सब कुछ सिर्फ और सिर्फ चुनाव जितने के लिए करता है।

ऐसी ही एक घटना यूपी के इटावा से सामने आ रही है। दरअसल, इटावा क्षेत्र के भाजपा लोकसभा उम्मीदवार रामशंकर कठेरिया ने एक सरकारी अधिकारी के साथ मारपीट की है। रामशंकर कठेरिया ने अपने चुनावी सभा के दौरान मौके पर मौजूद सब इंस्पेक्टर की पिटाई कर दी।

सांसद दवारा मारपीट किए जाने के बाद घायल पुलिस अधिकारी (image creadit : India today media group)

चोरी उपर से सीना जोरी

11 अप्रैल 2019 को 20 राज्यों के 91 लोकसभा सीट पर पहले चरण में चुनाव होने हैं। इटावा लोकसभा क्षेत्र में भी पहले ही चरण में चुनाव है। कानून के हिसाब से देखा जाय तो चुनाव से एक दिन पहले 10 अप्रैल को चुनावी सभा पूरी तरह से बंद हो जाना चाहिए। लेकिन, इटावा में ऐसा नहीं हुआ। भाजपा के वर्तमान सांसद व उम्मीदवार करीब 50 गाडियों के काफिले के साथ क्षेत्र में बिना किसी कानूनी डर के चुनावी सभा करते रहे।

सांसद द्वारा कानून को हाथ में लेने की सूचना मिलते ही सब इंस्पेक्टर गीतम पाल मौके पर पहुंच गए। गीतम पाल ने मौके पर पहुंच कर कानून के हिसाब से चुनावी सभा बंद करने की बात कही। इसके बाद सांसद ने गीतम पाल के साथ मारपीट करना शुरू कर दिया। जब सरकारी अधिकारी ने फोन में इस घटना को रिकॉर्ड करने का प्रयास किया तो सांसद के समर्थकों ने अधिकारी से फोन छीन लिया और उनकी पिटाई कर दी।

घटना के बाद थाने में मामला दर्ज़ 

घटना के बाद सब इंस्पेक्टर ने इस मामले में मुकदमा दर्ज़ करा दिया है। इस मामले में सांसद के अलावा 40 अन्य लोगों पर मामला दर्ज हुआ है। इस मामले में मीडिया की खबरों के मुताबिक सांसद ने किसी भी तरह के आरोप से पल्ला झाड़ लिया है। सांसद का कहना है कि सरकारी अधिकारी के साथ किसी भी तरह की मारपीट नहीं हुई है।

जानकारी के लिए बता दें कि रामशंकर कठेरिया पर एक मामला 2012 में आचार संहिता को तोड़ने का लगा था। इस मामले में सांसद कोर्ट में हाज़िर नहीं हुए थे, जिसके बाद कोर्ट ने सांसद के खिलाफ़ गिरफ्तारी वारंट 9 अप्रैल को ही जारी किया। कोर्ट ने इस मामले में यह भी कहा है कि अगर 30 मई तक वो कोर्ट में हाज़िर नहीं हुए तो उनके खिलाफ कुर्की का नोटिस जारी कर दिया जाएगा।

यूपी में भाजपा सांसद जूता चलाकर पहले ही मशहूर हो चुके हैं

यह पहली घटना नहीं है जब भाजपा के सांसद ने किसी की पिटाई की हो। इससे पहले भी यूपी के संतकबीर नगर जिले से एक बेहद ही चौंकाना वाला वीडियो देखने को मिला था। वीडियों में संतकबीरनगर के बीजेपी विधायक और सांसद आपस में ही भिड़ गए थे।  बातों ही बातों में दोनों नेताओं के बीच गर्मा-गर्म बहस कब हाथापाई और फिर जूता कांड में बदल गया पता हीं नहीं चला। पैरों में पहने जाने वाला जूता सांसद महोदय के लिए हथियार बन गया।

इसके बाद बीजेपी सांसद शरद त्रिपाठी ने विधायक राकेश सिंह पर जूता फेंक दिया। संतकबीर नगर के सांसद द्वारा जूता चलाए जाने के बाद अब इटावा सांसद द्वारा सरकारी अधिकारी के साथ बुरा व्यवहार किये जाने से आधुनिक नेताओं का असली चेहरा लोगों के सामने आता जा रहा है।

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