कांग्रेस के बहाने गांधी को नकारने वाले अब संसद भी पहुंच गए है. या यूं कहे कि पहले से पहुंचे हुए थे. अब खुल कर सामने आ गए हैं. संसद का शीतकालीन स्तर चल रहा है. कई अहम मुद्दों पर बहस हो रही है. इन्हीं मुद्दों में से एक मुद्दा था, जलियांवाला बाग नेशनल मेमोरियल अमेंडमेंट (संशोधन) बिल. जिसे भाजपा ने लोकसभा और राज्यसभा दोनों में अपने मन मुताबिक पास करा लिया.

जलियांवाला बाग, फोटो सोर्स: गूगल

जलियांवाला बाग, फोटो सोर्स: गूगल

इस बिल को पास करा कर भाजपा ने न सिर्फ कांग्रेस पर निशाना साधा बल्कि, बिना नाम लिए गांधी के अस्तित्व को भी नकार दिया है. दरअसल, संसद में इस बिल पर बोलते हुए भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि,

“जलियांवाला बाग में हजारों लोगों ने बलिदान दिया था. भविष्य में यह नहीं कहा जाना चाहिए कि हमने आज़ादी बिना रक्त बहाए पाई है. हम कभी यह नहीं कहेंगे कि आजादी हमें बिना खड्ग और ढाल के मिल गई. आज़ादी का संघर्ष ही तब शुरू हुआ, जब हजारों लोगों ने गोलियां झेलीं और अपना खून बहाया.”

अब सुधांशु जी को कौन समझाए शस्त्र लेकर आज़ादी की राह पर चलने वाले भी आखिर में आकर गांधी के हो गए. यही वजह थी कि लाहौर कोर्ट में बम फेंकने के बाद भगत सिंह ने खुद को गिरफतार करवा लिया. यही वजह थी आज़ाद हिंद फौज जैसी सेना बनाने वाले सुभाष चंद्र बोस भी यह कहते नहीं थकते थे कि, जब हम भारत में आज़ादी की लड़ाई लड़ेंगे हमारा नेतृत्व गांधी जी ही करेंगे. सेना, हथियार और युद्ध आज़ादी का बिगुल तो फूँक सकते हैं, लेकिन आज़ादी नहीं दिला सकते क्योंकि आंख के बदले आंख, इस देश को अंधा बना देगी.

इस बिल में क्या है?

1951 में जलियांवाला बाग नेशनल मेमोरियल एक्ट पास किया गया था. इसके तहत ट्रस्ट को मेमोरियल के निर्माण और प्रबंधन का अधिकार है. इस एक्ट में ट्रस्टियों के चयन और उनके कार्यकाल के बारे में भी बताया गया है. इसके अलावा इस एक्ट के तहत ये प्रवाधान था कि, कांग्रेस का अध्यक्ष इस ट्रस्ट का स्थायी सदस्य रहेगा. जिसे अब संशोधन करके हटा दिया गया है.

नए प्रावधानों के बारे में जान लें

अब केंद्र सरकार के पास यह अधिकार है कि वह ट्रस्ट के किसी भी मेंबर को कार्यकाल पूरा होंने से पहले हटा सकती है. वहीं अब कांग्रेस का अध्यक्ष ट्रस्ट का स्थायी सदस्य नहीं रहेगा. बल्कि, नेता विपक्ष को यह पद दिया जाएगा. वहीं सदन में विपक्ष का नेता न होने की स्थिति में सबसे बड़े विपक्षी दल के नेता को यह जगह दी जाएगी.

ये भी पढ़ें: मोदी सरकार ने आम आदमी को आतंकवादी करार दिए जाने वाला बिल पास करा लिया है