देश में छठे चरण का मतदान भी रविवार यानि 12 तारीख को समाप्त हो गया। चुनाव के इस छठे चरण में कई सीटों पर लोगों की निगाहें थी। लेकिन सबसे खास दिल्ली की सातों सीटें थी जिस पर रविवार को वोट हुआ। इस छठे चरण में हुए मतदान में कई जगहों से शिकायत मिली। कहीं ईवीएम को लेकर तो कहीं चुनाव में आई दिक्कतों को लेकर। पूरे देश में 59 सीटों पर हो रहे मतदान को लेकर चुनाव आयोग काफी सतर्क रहा और कोशिश यही थी कि कहीं भी किसी तरह सुरक्षा को लेकर सवाल ना खड़ा हो। लेकिन पश्चिम बंगाल में शायद चुनाव आयोग से चूक हो गई।

पश्चिम बंगाल में मतदाताओं ने वोट करने के लिए बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। इस बीच चुनाव आयोग की नज़रों में धूल झोंकते हुए वैध वोटरों की जगह नाबालिग वोट डालते नज़र आए। क्विंट हिंदी में छपी एक खबर के अनुसार पैरामिलिट्री फोर्स के एक जवान ने एक वीडियो शेयर किया है जिसमें दो नाबालिग अपने परिवार वालों के जगह वोट डालने की बात कबूल करते नज़र आ रहे हैं।

पहले ये वीडियो देख लीजिये:

 

यह वीडियो बंगाल के घटाल के पोलिंग बूथ नंबर 79 और 80 की है। वोट देते हुए जब दो बच्चों को पैरामिलिट्री के जवानों ने पकड़कर सवाल किए तो बच्चों ने इस बात को कबूल किया कि वह अपने घरवालों के जगह वोट करने के लिए आए हैं। उन दोनों बच्चों में एक ने अपनी उम्र 17 साल बतायी और वह नौवीं कक्षा में पढ़ता है। वह अपने बीमार बाबा के जगह वोट करने के लिए बूथ पर आया था। जबकि एक ने पहले तो झूठ बोला कि उसकी उम्र 18 साल है और उसके पास खुद के वोटर स्लिप है लेकिन बाद में जब दबाव बनाकर पूछा गया तो उसने कबूल किया कि वह अपने भाई के बदले वोट करने आया था।

अब जरा बताइए कि देश के इतने बड़े चुनाव में चुनाव आयोग कहां सो रहा है जो बच्चे वोटिंग बूथ पर वोट देने के लिए पहुंच जा रहे हैं? क्या चुनाव आयोग केवल ईवीएम को ठीक करने के चक्कर में सुरक्षा में लापरवाही तो नहीं कर रही है? क्या चुनाव आयोग नेताओं के क्लिन चिट और नोटिस भेजने में इतना व्यस्त हो गई है कि उसके सुरक्षा में ही सेंध लग रहा है? ऐसे कई सवाल है जो चुनाव आयोग को सवालों के घेरे में लाकर खड़ा करता है। क्या इन सभी सवालों का जवाब ईसी दे पाएगा?

पैरामिलिट्री जवानों के द्वारा इस वीडियो के वायरल करने के बाद अब सभी ओर से सवाल उठने शुरु हो गए हैं। कुछ लोगों का कहना है कि जो बच्चे वीडियो में दिखाई दे रहे हैं वो टीएमसी के कार्यकर्ता हैं तो वहीं टीएमसी कार्यकर्ताओं ने कहा कि इस तरह की हरकत बीजेपी सिर्फ और सिर्फ बीजेपी वालों की ही हो सकती है। अब किसने किया, कैसे किया, क्या फर्क पड़ता है लेकिन चुनाव आयोग को इस बारे में जरुर सोचने की जरुरत है क्योंकि यह देश के सबसे बड़े लोकतंत्र के उपर सवालिया निशाना खड़ा करने वाली हरकत है।