कार्नाटक की राजनीति में उठापटक अपने चरम पर है. जेडीएस(जनता दल सेक्युलर) और कांग्रेस गठबंधन संकट में आ गया है. सरकार के 13 विधायाकों ने अपने इस्तिफें दे दिए हैं. इनमें से 10 कांग्रेस के और 3 जेडीएस के हैं. वहीं सरकार हर संभव कोशिश कर रही है कि विधायकों को मना लिया जाए. मुख्यमंत्री कुमारस्वामी के इस्तिफे को लेकर भी बात चल रही है.

इन सब की वजह क्या है ?

विधायकों का कहना है कि कर्नाटक की गठबंधन सरकार जनता की उम्मिदों को पूरा करने में नाकाम रही है. साथ ही उनका कहना है कि सरकार में कांग्रेस का दखल काफी बढ़ गया है जिस वजह से सरकार के काम पर असर पड़ रहा है. वहीं सरकार के अंदरूनी खींचतान भी सामने आ गई है. पूर्व मूख्यमंत्री सिद्धारमैया पर आरोप लग रहा है कि वह अपने निजी स्वार्थ के कारण सरकार गिराने की कोशिश कर रहे हैं.

कर्नाटक पूर्वमूख्यमंत्री, सिद्धारमैया, फोटो सोर्स: गूगल

वैसे इस आरोप की वजह भी है क्योंकि, जब कुमारस्वामी ने साल 2016 में कांग्रेस से गठबंधन तोड़कर बीजेपी के समर्थन से जनता दल सेक्युलर(जेडीएस) की सरकार बनी थी और कुमारस्वामी पहली बार मुख्यमंत्री बने थे. हालांकि उस वक्त मुख्यमंत्री बनने के मुख्य दावेदार सिद्धारमैया थे. लेकिन ऐसा हो नहीं पाया. तभी से इन दोनों के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है. मुख्यमंत्री के लिए पनपा टकराव अब एक बार फिर से सामने आ गया हैं.

इस पर कांग्रेस का क्या कहना है?

वहीं कांग्रेस के तमाम बड़े नेता, विधायकों को मनाने की हर संभव कोशिश में लगे हुए हैं. जिनमें मोतीलाल वोहरा, मल्लिकार्जुन खड़गे, डीके शिवकुमार जैसे दिग्गज नेता भी शामिल हैं. वहीं इस मामले में मंगलवार को एक बैठक भी बुलाई गई है जिसमें न आने वालों पर कार्रवाई की जा सकती है. वहीं पूर्व प्रधानमंत्री और जनता दल सेक्युलर के नेता एच डी देवगौड़ा ने शनिवार को कांग्रेस प्रमुख सोनीया गांधी से मुलाकात के दौरान यह संकेत भी दे दिए कि सरकार की हालत सुधारने के लिए मल्लिकार्जुन खड़गे को मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है.

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सोनीया गांधी और एच डी देवगौडा, फोटो सोर्स: गूगल

वहीं अमेरिका से लौटने के बाद से ही मुख्यमंत्री कुमारस्वामी भी विधायकों से लगातार मिलने में लगे हुए हैं ताकि स्थिति पर काबू पाया जा सके. इसके अलावा कर्नाटक की राजनीति से दूर रहने वाले खड़गे ने भी विधायकों से इस मसले पर बात की है. वहीं खड़गे ने बीजेपी पर गठबंधन सरकार तोड़ने का आरोप लगाया है.

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भाजपा कर्नाट इकाई के अध्यक्ष, बी.एस. येद्दूरप्पा, फोटो सोर्स: गूगल

भाजपा का इस सब पर क्या कहना है?

भाजपा ने इन आरोपों को निराधार बताया है. भाजपा के कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष बी.एस.येद्दूरप्पा ने मीडिया द्वारा सरकार बनाने को लेकर पूछे गये सवालों पर कहा है कि पार्टी में कोई ‘सन्यासी’ नहीं है, जो सरकार बनाने की संभावनाओं से इंकार करेगा. उन्होंने आगे कहा कि इस्तिफे की प्रक्रिया खत्म होने और विधानसभा अध्यक्ष द्वारा फैसला लेने के बाद हमारी पार्टी के नेता चर्चा करेंगे और निर्नय लेंगे.

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कर्नाटक विधानसभा, फोटो सोर्स: गूगल

कर्नाटक विधानसभा की वर्तमान स्थिति

कर्नाटक विधानसभा में कुल 224 सीटें हैं. जिसमें से 105 सीटें बीजेपी की हैं. वहीं कांग्रेस और जेडीएस के पास कुल 115 सीटें हैं ( कांग्रेस की 78 और जेडीएस की 37). जो सरकार बनाने के आंकड़े से 2 ज्यादा हैं. वहीं बागी विधायकों के इस्तिफे के बाद पार्टी में विधायकों की संख्या की तस्वीर बदल गई है. जिन विधायकों ने इस्तीफे दिए हैं उनके बारे में  यह माना जा रहा है कि ये विधायक भाजपा में शामिल होंगे. अगर ऐसा होता है तो भाजपा अपने 105 और इन 13 विधायकों के साथ बड़ी आसानी से सरकार बना लेगी.