खबर है कि अमित शाह रैली करने बंगाल गए हुए थे जहां भाजपा के कार्यकर्ता और तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए. वेस्ट बंगाल में सातवें चरण का चुनाव अभी बाकी है. बंगाल में अमित शाह के रोड शो के दौरान लोग आपस में भिड़ गए. कोई बॉटल फेंक कर मार रहा था, कोई कुर्सियां तोड़ रहा था तो कुछ लोग पत्थरबाजी कर रहे थे.

पर इन सबमें पंडित ईश्वर चंद्र विद्यासागर फंस गए. पंडित ईश्वर चंद्र विद्या सागर 19वीं सदी के समाज सुधारक थे. इस पत्थरबाजी और तोड़फोड़ में उनकी मूर्ति को भी क्षति पहुंची है. ये सारा वाकया कोलकाता का है जहां रोड शो चल रहा था. लोग कहते हैं कि बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने मूर्ति को क्षति पहुंचाई जिसके बाद वेस्ट बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बैनर्जी जी को इतना गुस्सा आया कि उन्होंने विरोध में अपना प्रोफ़ाइल पिक्चर बदल लिया. कोई कानूनी कार्रवाई करने से पहले उन्हें शायद यह गंभीर कदम उठाना ज़्यादा महत्वपूर्ण लगा होगा.  खैर..

हिंसा के बाद की स्थिति, फोटो सोर्स: गूगल

यह घटना प्रेसीडेंसी कॉलेज और कलकत्ता युनिवर्सिटी के बाहर घटी है. अमित शाह का कारवां जब विद्यासागर कॉलेज के बाहर से गुज़रा तब हॉस्टल से लोगों ने उनकी रैली को काला झण्डा दिखाया और उन पर पथराव कर दिया. इसके बाद हिंसा भड़क गई. भीड़ ने कॉलेज में तोड़-फोड़ की साथ ही 200 साल पुरानी विद्यासागर की मूर्ति भी तोड़ दी.

 

इस घटना के बाद पुलिस ने रोड शो बंद करने के लिए कहा. कोलकाता के पुलिस कमिश्नर ने बताया-

“लगभग 100 लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है. जो भी लोग इस वारदात में शामिल थे उनके खिलाफ सख्त कारवाई की जाएगी.”

बीजेपी पर हमला करते हुए तृणमूल के प्रवक्ता डेरेक ओ ब्रेन ने अमित शाह को ‘नादान’ बताया और उन्हें ‘अपनी किस्मत कहीं और आज़माने’ की हिदायत दी. टीएमसी के लीडरों का यह भी कहना है कि भातीय जनता पार्टी ने बाहर से लोगों को बुलाया था जिसने कॉलेज में तोड़-फोड़ की है. सीनियर पुलिस ऑफिसर ने बताया –

“झड़प दोनों तरफ से हुई है जिसमें कुछ लोग घायल भी हुए हैं. हम अभी भी घायल लोगों की लिस्ट का इंतज़ार कर रहे हैं. कॉलेज में तोड़-फोड़ हुई है और तीन बाइकों को भी जला दिया गया है.” 

तृणमूल वाले बीजेपी कों जिम्मेदार ठहरा रहे हैं जबकि बीजेपी वालों का कहना है की पत्थरबाज़ी पहले तृणमूल वालों ने शुरू की थी. कॉलेज कैम्पस के पास बीजेपी वालों कों बॉटल फेंकते देखा गया था जो एक रिपोर्टर के सिर पर भी लगा था. ममता बैनर्जी के प्रोफ़ाइल पिक्चर बदलते ही पार्टी के अन्य लोगों ने भी यह कदम उठाया. हिंसा कुछ ही देर हुई थी कि पुलिस मौके पर पहुँच गयी और पार्टी के वरिष्ठ लोगों ने भी हस्तक्षेप किया जिसके बाद लोग शांत हुए. इस दौरान रोड शो बंद करना पड़ गया जिसकी वजह से अमित शाह विवेकानन्द जी के पैतृक घर नहीं जा पाये.