महाराष्ट्र बाढ़ में डूब रहा है. चारों तरफ लोग मर रहे हैं. जान-माल का भारी नुकसान हो रहा है. चारों तरफ हाहाकार मचा हुआ है. वहीं राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस लोगों की भावनाओं और उम्मीदों के साथ खेल रहे हैं. राहत कार्य के नाम पर अपना प्रचार कर रहे हैं.

दरअसल, महाराष्ट्र में भारी बारिश और बाढ़ के बात एनडीआरएफ, सरकार और सेना बचाव अभियान में लगी हुई है. इस बाढ़ का सबसे ज्यादा असर महाराष्ट्र के सांगली जिले में हुआ है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने खुद इन बाढ़ प्रभावित एरिया का दौरा किया है. कई जगहों पर राहत सामग्रियां बांटी हैं.

इन्हीं राहत सामग्रियों को लेकर बवाल हो गया है. दरअसल, तमाम राहत सामग्रियों में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की फोटो विज्ञापन के तौर पर चस्पा है. इसी को लेकर विपक्ष ने उन पर निशाना साधते हुए कहा है कि भाजपा के नेता इस आपदा की स्थिति में भी प्रचार करने से पीछे नहीं हट रहे हैं.

वहीं इस पूरे विवाद पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपनी सफाई दी है. उन्होंने कहा है कि

‘यह हमारा काम (फोटो लगाना) नहीं है. सरकार का काम केवल लोगों को राहत सामग्री पहुंचाना है. इसके लिए हमें अपनी या पार्टी के किसी भी अधिकारी की फोटो लगाने की जरूरत नहीं है.’

मुख्यमंत्री साहब के बयान से साफ जाहिर हो रहा है कि उन्हें इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है. या जानकारी होते हुए भी वो अनजान बन रहे हैं. काहे कि ऐसा है कि ऐसी बातें कोई अपने मुंह से कबूल थोड़े ही न कर सकता है, राजनीति भी तो चमकानी है. खैर, देश में इस वक्त कई राज्य बारिश की भारी मार झेल रहे हैं. लोगों को बारिश के चलते बाढ़ का सामना करना पड़ रहा है. चारों तरफ हाहाकार मचा हुआ है. जान-माल को भारी नुकसान हुआ है. इसका सबसे ज्यादा असर महाराष्ट्र और केरल में देखने को मिला जहां कई लोगों ने अपनी जान गंवाई हैं.