पश्चिम बंगाल में चुनाव और हिंसा का पुराना इतिहास रहा है. ऐसा प्रतीत होता है कि बंगाल के चुनाव में अगर खून-खराबा न हो तो चुनाव का होना मुश्किल होगा ही नहीं. दिन-ब-दिन बंगाल में लोकतंत्र खूनी रुप लेता जा रहा है. छठे चरण के चुनाव के दौरान भी हिंसा में एक व्यक्ति की हत्या कर दी गयी थी, जो कि बीजेपी का कार्यकर्ता बताया जा रहा है. लेकिन इन सब से इतर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री को प्रियंका शर्मा द्वारा शेयर किए गए उनके मीम पर ममता बनर्जी को गुस्सा आ गया और शर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया. वैसे ऐसी तस्वीरों का सर्मथन भी नहीं किया जाना चाहिए.

इसी मीम को लेकर उत्पात मचा है, सोर्स- गूगल

प्रियंका शर्मा को कौन सी तस्वीर के कारण जेल जाना पड़ा?

दरअसल में प्रियंका शर्मा जो कि बिजेपी की कार्यकर्ता है उन पर अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा की उस तस्वीर पर मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी का चेहरा चिपकाने और उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट करने का आरोप है जो न्यूयॉर्क के मेट गाला के दौरान खींची गई थी. इस मामले पर तृणमूल कांग्रेस नेता विभास हाजरा की शिकायत पर हावड़ा जिले की दासनगर पुलिस ने शर्मा को गिरफ़्तार किया था. इसके बाद एक स्थानीय अदालत ने उनको 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया.
प्रियंका की गिरफ्तारी पर उनकी मां ने कहा था कि उसने सिर्फ एक तस्वीर शेयर की, जैसे दूसरे करते हैं. लेकिन बीजेपी कार्यकर्ता होने की वज़ह से उसे गिरफ्तार किया गया. प्रियंका की गिरफ्तारी पर सोशल मीडिया यूजर्स खासकर बीजेपी नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी. यूजर्स ने ममता प्रशासन के इस रवैये की आलोचना की और इसे लोकतंत्र की हत्या बताया।

आपको बता दे पश्चिम बंगाल में इस तरह का वाकया पहली बार नहीं हुआ है इससे पहले भी साल 2012 में एक प्रोफेसर को ममता बनर्जी का कार्टून फॉरवर्ड करना महंगा पड़ा था. दरअसल, जाधवपुर यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अंबिकेश महापात्रा ने ममता के कार्टून को सोशल मीडिया पर फॉरवर्ड किया था. उन्हें इस वजह से जेल जाना पड़ा था. इसी साल ममता ने उनकी नीतियों पर सवाल उठाने वाले लोगों को माओवादी बताया था.

प्रियंका शर्मा ने गिरफ्तारी मामले पर सुप्रीम कोर्ट का सहारा लिया है

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी  का आपत्तिजनक मीम सोशल मीडिया पर शेयर करने वाली भारतीय जनता पार्टी की कार्यकर्ता प्रियंका शर्मा को सुप्रीम कोर्ट से सशर्त जमानत मिल गई है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर प्रियंका शर्मा माफी मांगती हैं तो जमानत मिल सकती है. कोर्ट ने कहा कि वह जमानत पर छूटते ही माफी मांगेगी. साथ ही कोर्ट ने कहा कि ऐसे आपत्तिजनक कंटेंट सोशल मीडिया पर पोस्ट करना सही नहीं है.

इस पर भाजपा के युवा विंग कार्यकर्ता प्रियंका शर्मा की ओर से अदालत में पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता एनके कौल ने कहा कि “माफी मांगना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन है. एनके कौल ने कहा पहले से वायरल एक मीम शेयर करने के लिए अगर माफी मांगनी पड़े तो ये अच्छी मिसाल नहीं होगी. इसका व्यापक असर होगा.”

इसके बाद इस मामले पर सुनवाई कर रही जस्टिस इंदिरा बनर्जी ने कहा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ कोई समझौता नहीं होगा लेकिन किसी दूसरे की भावना को भी ठेस नहीं पहुंचना चाहिए. बहस के दौरान प्रियंका शर्मा के वकील बार बार माफी मांगने की बात को टालते रहे, जबकि सुप्रीम कोर्ट माफी मांगने की बात पर जोर देता रहा. प्रियंका शर्मा के वकील ने कहा कि ये फेसबुक पर वायरल हुआ था. बहुत लोगों ने शेयर किया था. इसके बाद माफी मांगने की शर्त के साथ प्रियंका शर्मा को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत देने का आदेश दिया और कहा कि उन्‍हें तुरंत रिहा किया जाए.

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