भारत की पहली कॉरपोरेट ट्रेन ‘तेजस एक्सप्रेस’ पटरी पर दौड़ना शुरु कर चुकी है। शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ स्टेशन पर हरी झंडी देकर ट्रेन को रवाना किया। तेजस एक्सप्रेस के अंदर की तस्वीरें सोशल मीडिया पर ख़ूब वायरल हो रही हैं। बताया जा रहा है कि ट्रेन के अंदर जो सुविधाएं हैं उसे देख कर आप भी दंग रह जाएंगे। ऐसे में IRCTC के तहत चलने वाली यह ट्रेन आज सबसे ज्यादा चर्चा में है।

तेजस एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते योगी आदित्यनाथ और अन्य, फोटो सोर्स: गूगल
तेजस एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते योगी आदित्यनाथ और अन्य, फोटो सोर्स: गूगल

जापान में अगर ट्रेन लेट होती है तो, कर्मचारियों पर कार्रवाई होती है लेकिन, भारत में क्या होता है? भारत में ट्रेन लेट चले तो कोई बात नहीं क्योंकि हमें उसकी आदत होती है। बस हम केवल सीट के लिए लड़ते रहते हैं लेकिन, ट्रेन लेट चले तो उसके लिए आवाज उठाने से पहले गूंगे बन जाते हैं। शायद इसी बात को ध्यान में रखते हुए  IRCTC ने सुविधा दी है। अगर ट्रेन लेट होती है तो यात्रियों को एक घंटे के लिए 100 रुपये और एक घंटे से अधिक अगर होती है तो 250 रुपये रिफंड किए जाएंगे। अब यहां सवाल ये है कि यात्रियों के पैसे कैसे रिफंड किए जाएंगे?

पैसा रिफंड कैसे होगा?

तेजस अगर लेट होती है तो IRCTC इसके लिए समय के अनुसार पैसे रिफंड करेगा। चूंकि तेजस के टिकट केवल ऑनलाइन ही बुक होंगे। इसलिए जिस खाते से बुकिंग के लिए पैसे दिए जाएंगे, रिफंड के पैसे भी उसी खाते में ही आएंगे। ऐसे में उन यात्रियों के लिए थोड़ी प्रॉब्लम हो सकती है जो अपना टिकट दुकानदारों से कराते हैं क्योंकि रिफंड के पैसे तो उसी दुकानदार के एकाउंट में रिटर्न होंगे।

तेजस एक्सप्रेस के अंदर की तस्वीर, फोटो सोर्स: गूगल
तेजस एक्सप्रेस के अंदर की तस्वीर, फोटो सोर्स: गूगल

क्या है ट्रेन के अंदर की सुविधाएं?

जिस तरह से फ्लाइट में एयर होस्टेस रहती हैं वैसे ही तेजस एक्सप्रेस के गेट्स पर यात्रियों का वेलकम करने के लिए ट्रेन होस्टेस होंगी। ट्रेन की सीटें लेदर की हैं जो काफी आराम दायक हैं। खिड़कियों पर लगे पर्दे भी बटन से खुलने और बंद होने वाले हैं। सीट के ठीक ऊपर लाइट्स लगाई गई हैं यानि अगर आप पढ़ना चाहें तो बटन से लाइट्स ऑन करें और पढ़ना शुरू कर दीजिये।

यात्रियों को एक टैब उपलब्ध कराया जाएगा जिसके लिए यात्री को 50 रुपये का चार्ज देना होगा। टैब के साथ मिले हेडफोन को यात्री अपने घर लेकर जा सकते हैं। फ्री Wi-Fi की सुविधा भी दी गई है। इस ट्रेन में कोई टिकेट चेकर नहीं होगा। फिलहाल के लिए ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों की सुविधा शानदार रही। हालांकि, उद्घाटन के वक्त योगी आदित्यनाथ ने 30 मिनट तक भाषण दिया।

IRCTC क्या-क्या दे रहा है यात्रियों को?

देश की पहली प्राइवेट ट्रेन चलाने की जिम्मेदारी IRCTC को दी गई है। IRCTC इसके लिए भारत सरकार को रोज 12 लाख रुपये देगा। भारत में ट्रेन के लेट-लतीफ होने की आदत हो गई है इसलिए यात्रियों में ट्रेन के प्रति भरोसा लाने के लिए पैसे रिफंड की सुविधा अपनाई गई है। तेजस में यात्रा कर रहे यात्रियों का 25 लाख का बीमा होगा और अगर यात्रा के दौरान यात्रियों के घर में चोरी होती है तो उसका भी भुगतान IRCTC करेगा। इस ट्रेन में ह्यूमन एटीएम की सुविधा भी मिलेगी।

तेजस एक्सप्रेस में नहीं होगा कोई टीटी, फोटो सोर्स: गूगल
तेजस एक्सप्रेस में नहीं होगा कोई टीटी, फोटो सोर्स: गूगल

दिल्ली से लखनऊ की दूरी शताब्दी एक्सप्रेस लगभग 6 घंटे 35 मिनट्स में तय करती है लेकिन, तेजस यह दूरी तय करने में केवल 6 घंटे 15 मिनट का समय लेगी। ट्रेन लखनऊ से सुबह 6:10 में रवाना होगी और दिल्ली दोपहर 12:25 में पहुंचेगी। फिर दिल्ली से ट्रेन 3:35 में लखनऊ के लिए रवाना होगी और रात 10:05 बजे लखनऊ पहुंच जाएगी।

लखनऊ-दिल्ली के बीच तेजस के सिर्फ दो स्टॉपेज बनाए गए हैं, कानपुर और गाजियाबाद। ट्रेन के स्टार्ट होने से चार घंटे पहले अगर आप अपनी टिकट कैंसिल करवाना चाहते हैं तो IRCTC केवल आपसे 25 रुपये शुल्क लेगा लेकिन, इंडियन रेलवे में यही शुल्क 60 रुपये है।

दिल्ली से लखनऊ तक एसी चेयर कर का टिकट 1,280 रुपये और Executive चेयर कार का टिकट 2,450 रुपये लगेगा। ट्रेन केवल मंगलवार को छोड़ कर डेली चलने वाली है। तेजस की सुविधाएं देख कर यही लगता है कि यह ट्रेन नहीं चलता-फिरता रेस्टोरेंट है।

ये भी पढ़ें: दिल्ली-लखनऊ तेजस एक्सप्रेस को रेलवे प्राइवेट कंपनी के हाथों में सौंपने जा रही है

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here