यूं तो देश पर मर मिटने वाले भारतीय सेना के जांबाज वीर जवानों के पराक्रम और बहादुरी की कहानियों से हमारा इतिहास पटा पड़ा है. एक सुरक्षाबल जितनी बहादुरी से सघर्ष करते हुये देश की सुरक्षा में खड़ा रहता है. उससे कहीं ज्यादा संघर्ष उनके परिवार वालों की ज़िंदगी में चल रहा होता है. देश के लिए अपना सर्वोतम बलिदान देने वाले जवानों के परिवारों की प्रेरणादायी कहानियां भी समय-समय पर सामने आती रहती है. ऐसी कहानियां जो लोगों के लिए मिशाल बन जाती है. ऐसे ही एक कहानी से आज हम आपको रूबरू कराते है जो देश के अखबारों की सुर्खियां बनी हुई है.

खबर क्या है?

बीते 1 फरवरी को बैंगलोर में वायुसेना के एयर शो के दौरान लड़ाकू विमान ‘मिराज-2000’ हादसे का शिकार हो गया था. ये विमान स्क्वाड्रन लीडर समीर अबरोल चला रहे थे. जो इस विमान हादसे में शहीद हो गए थे.

शहीद स्क्वाड्रन लीडर समीर अबरोल, फोटो सोर्स – गूगल

अब ख़बर है कि शहीद स्क्वाड्रन लीडर समीर अबरोल की पत्नी गरिमा अबरोल भारतीय वायुसेना में शामिल होने जा रही हैं. गरिमा अबरोल ने सर्विस सेलेक्शन बोर्ड की परीक्षा पास कर ली है. साल 2020 तक वो भारतीय वायुसेना में शामिल हो जायेंगी.

पति समीर अबरोल के साथ पत्नी गरिमा अबरोल , फोटो सोर्स – गूगल

रिटायर्ड एयर मार्शल अनिल चोपड़ा ने इस बारे में जानकारी देते हुये ट्वीट किया जिसमें उन्होंने गरिमा अबरोल के हौसले की तारीफ करते हुये लिखा,

“सभी महिलाएं एक सी नहीं होती हैं, कुछ आर्म्ड फोर्स के जवानों की पत्नियां होती हैं.”

आप उनका यह ट्वीट देखिये:

 


अनिल चोपड़ा के मुताबिक गरिमा अबरोल तेलांगना के डुडीगल स्थित इंडियन एयरफ़ोर्स एकेडमी को ज्वाइन करेंगी.

33 साल की गरिमा अबरोल पेशे से एक फिजियोथेरेपिस्ट हैं और जालंधर में रहती हैं. स्क्वाड्रन लीडर समीर अबरोल से उनकी शादी 2015 में हुई थी. पति के शहीद होने के बाद गरिमा अबरोल ने भारतीय वायुसेना में शामिल होने का फैसला किया. उनके इस फैसले की पूरे देश में चर्चा हो रही है. सोशल मीडिया पर लोग गरिमा अबरोल के साहस और हिम्मत की मिशाल दे रहे है. कुछ लोग देशसेवा के लिए समर्पित उनके परिवार को धन्यवाद भी कह रहे हैं.

आप यह ट्वीट देखिये:

 

एक और ट्वीट:

 

विक्रम नाम के ट्विटर यूजर लिखते हैं:

 

आपको बताते चलें कि बैंगलोर में हुये इस दर्दनाक हादसे में स्क्वाड्रन लीडर समीर अबरोल के साथ उनके को-पाइलट सिद्धार्थ नेगी भी शहीद हुये थे. बैंगलोर स्थित हिन्दुस्तान एरोनॉटिक्स में मिराज-2000 की टेस्टिंग चल रही थी. तभी टेक-ऑफ करने के दौरान विमान में तकनीकी ख़राबी आ गयी थी. विमान में मौजूद दोनों पायलट्स ने अपनी सूझबूझ से किसी तरह विमान को रनवे पर उतार लिया था. लेकिन दुर्घटनाग्रस्त विमान के मलबे के नीचे दबने की वज़ह से विमान में सवार दोनों पायलट्स (स्क्वाड्रन लीडर सिद्धार्थ नेगी और स्क्वाड्रन लीडर समीर अबरोल) शहीद हो गए थे.

इस हादसे के बाद शहीद समीर अबरोल के भाई सुशांत अबरोल का बयान खूब वायरल हुआ था जिसमें उन्होंने अपने भाई की मौत के लिए भ्रष्ट सिस्टम को कसूरवार ठहराते हुए कहा था कि–

हम हमारे जवानों को लड़ने के लिए पुरानी मशीनें देते है, फिर भी वो पूरी ताकत और कौशल के साथ लड़ते हैं.

उन्होंने बताया था कि भाई समीर अबरोल विमान क्रैश होने से पहले पैराशूट की मदद से बाहर निकल आए थे लेकिन, पैराशूट में आग लगने के कारण उनकी जान चली गयी थी. समीर अबरोल गाजियाबाद के रहने वाले थे.

शहीद समीर अबरोल की पत्नी गरिमा अबरोल के इस हौसले पर पूरी द कच्चा चिटठा की टीम को गर्व है.