मोदी जी ने एक और कीर्तिमान स्थापित कर दिया है. जो टीआरपी की भूखी मीडिया आपको कभी नहीं बताएगी. मोदी जी एक मात्र ऐसे प्रधानमंत्री हैं जो अपने पल-पल के काम का हिसाब देते हैं. मुख्यमंत्री थे तब भी देते थे. प्रधानमंत्री बन गए हैं तब भी दे रहे हैं. बड़े ईमानदार हैं साहब. अपने उसूलों से हटते नहीं है. बस वो चौराहे पर आने वाला वादा भी पूरा कर देते तो मजा आ जाता.

शायद अर्थव्यवस्था ही सुधर जाती. खैर..मोदी जी चौराहे पर तो नहीं आए हैं पर, अपने दूसरे कार्यकाल बोले तो मोदी सरकार के 2.0 का हिसाब दिए हैं. अरे मोदी सरकार के 100 दिन पूरे हो गए हैं. इसी का बहीखाता है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, फोटो सोर्स: गूगल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, फोटो सोर्स: गूगल

100 दिन में लिए कई अहम फैसलें

मोदी सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल में कदम रखते ही कई महत्वपूर्ण फैसले लेने शुरू कर दिए. यह फैसले इतनी तेजी से लिए गए कि इसे अपने आप में एक कीर्तिमान की तरह देखा जाने लगा.

आम जनता से लेकर मीडिया के दिग्गज भी ये कहने से नहीं चुकते थे कि इससे पहले संसद में इतना काम नहीं हुआ. इस बार सरकार ने जनता के पैसों की बर्बादी नहीं होंने दिया. दरअसल, मोदी सरकार 2.0 में तीन तलाक, अनुच्छेद 370, मोटर व्हीकल एक्ट और आतंकवाद निरोधक कानून(UAPA) जैसे अहम फैसले शामिल हैं.

तीन तलाक से मुस्लिम महिलाओं को राहत मिली थी, पोटो सोर्स: गूगल
तीन तलाक से मुस्लिम महिलाओं को राहत मिली थी, पोटो सोर्स: गूगल

तीन तलाक

मोदी सरकार ने अपना दूसरा कार्यकाल संभालते ही जो पहला फैसला लिया था, वो था 3 तलाक को खत्म करके मुस्लिम महिलाओं को इससे आजाद कराना. मोदी सरकार ने तीन तलाक पर पाबंदी के लिए ‘मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण विधेयक-2019 (तील तलाक बील)’ को लोकसभा और राज्यसभा दोनों से पास करा लिया. इस को लेकर मोदी सरकार की जहां एक तरफ खूब वाहवाही हुई. वहीं दूसरी तरफ विपक्ष मोदी सरकार पर आक्रामक रहा.

प्रतीकात्मक तस्वीर, फोटो सोर्स: गूगल
प्रतीकात्मक तस्वीर, फोटो सोर्स: गूगल

अनुच्छेद 370 को हटाना

मोदी सरकार के मेनिफेस्टों में जो बात लोगों का ध्यान सबसे ज्यादा आकर्षित करने वाली होती थी. वो थी कि सरकार सत्ता में आते ही सबसे पहले कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटा देगी. इस बार उसने ऐसा कर दिखाया.

न सिर्फ जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाया गया बल्कि, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को दो भागों में बांट दिया गया. जहां जम्मू-कश्मीर को केंद्र शासित राज्य बना दिया गया. वहीं, लद्दाख की 70 साल पुरानी मांग को मानते हुए केंद्र सरकार ने उसे केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दे दिया. इसको लेकर भी खूब हो-हल्ला हुआ. देश दो भागों में बट गया. एक तरफ इस फैसले के समर्थन में नारे लगाए गए. वहीं दूसरी तरफ इस फैसले को कब्जें की कार्रवाई करार दिया गया.

प्रतीकात्मक तस्वीर, फोटो सोर्स: गूगल
प्रतीकात्मक तस्वीर, फोटो सोर्स: गूगल

आतंकवाद निरोधक कानून

मोदी सरकार हमेशा से आतंकवाद को लेकर काफी संवेदनशील रही है. यही वजह है कि उसने UAPA (Unlawful Activities Prevention Act 2019) को दोनों सदनों से पास करा लिया. इसते तहत आतंकी गतिविधियों में लिप्त या उसे प्रोतसाहित करते मिले किसी व्यक्ति को आतंकी घोषित करने का अधिकार दे देती है.

इतना ही नहीं इसके तहत NIA (National Investigation Agency) को आरोपी की प्रापर्टी जब्त करने का अधिकार देता है. ये अधिकार पहले उस राज्य के डीजी (Director General) का होता था. जहां से वो व्यक्ति आता है. जिस पर आरोप सिद्ध हुए हैं. हालांकि, इसके एक क्लॉस को लेकर भी खूब विवाद हुआ था. इसके तहत किसी भी व्यक्ति को महज़ शक के आधार पर गिरफ्तार किया जा सकता है. उस पर देशद्रोही का मुकदमा चलाया जा सकता है.

प्रतीकात्मक तस्वीर, फोटो सोर्स: गूगल
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पैसों की लूट को रोकने के लिए उठाया कदम

मोदी सरकार ने देश में आर्थिक सुधार की दिशा में कई अहम कदम उठाए हैं. ऐसा मीडिया का मानना है. उन्होंने सरकारी बैंकों के विलय करके चार बड़े बैंक बनाने का ऐलान किया हैं. ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और यूनाइटेड बैंक का पंजाब नेशनल बैंक में विलय किया गया.

सिंडिकेट बैंक को केनारा बैंक और इलाहबाद बैंक को इंडियन बैंक में मिलाया गया. आंध्रा बैंक और कॉरपोरेशन बैंक को यूनियन बैंक ऑफ इंडियन से जोड़ने का एलान किया.

इस विलय से बैंकों को बढ़ते NPA(धोखाधड़ी) से राहत मिलेगा, साथ ही उपभोक्ताओं के बेहतर बैंकिंग सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी. हालांकि, सुविधाएं क्या मिलीं और बैंकों को क्या फैयदा हुआ. ये तो पता नहीं. पर जीडीपी गिर कर 5 प्रतिशत जरूर हो गई है. नौकरी जाने की वजह से लोग जान जरूर दे रहे हैं.

प्रतीकात्मक तस्वीर, पोटो सोर्स: गूगल
प्रतीकात्मक तस्वीर, पोटो सोर्स: गूगल

जल शक्ति मंत्रालय बनाया गया

पीएम मोदी ने एक और वादा किया था. नदियों को साफ कर सबको साफ पेय जल उपलब्ध कराने का. इसी के तहत उन्होंने सत्ता मे आते ही जल संसाधन और पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालयों को मिलाकर जल शक्ति मंत्रालय बनाया गया.

देश के हर नागरीक को साफ पीने का पानी उपलब्ध कराने के लिए जलशक्ति अभियान के तहत 256 जिलों के 1592 खंड़ों की पहचान की गई है. जिन जगह पर जल स्तर नीचे है, उन जगहों की पहचान की जाएगी. हर घर में, हर नल में पानी पहुंचाने का लक्ष्य सरकार ने रखा है.

राम जाने ये लक्ष्य कब पूरा होगा. गांगा आज तक साफ हो रही है. करोड़ों रुपये खर्च हो चुके हैं. संत गंगा सफाई को लेकर जान दे रहे हैं. अब देखना होगा ये नया मंत्रालय क्या गुल खिलाएगा.

मिशन फिट इंडिया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खेल दिवस पर फिट इंडिया मूवमेंट की शुरूआत की थी. स्कूल, कॉलेज, जिला, ब्लॉक स्तर पर इस मूवमेंट को मिशन की तरह चलाए जाने की बात कही गई. इसी को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार के खेल मंत्रालय, मानव संसाधन विकास मंत्रालय, पंचायती राज और ग्रामीण विकास जैसे मंत्रालय आपसी तालमेल से काम करेंगे. साथ ही इसकी एक रूपरेखा तैय करेंगे.

अब देखना होगा कि इन तमाम फैसलों का आगे चल कर देश पर किया असर पड़ता है. हमरे प्रधानमंत्री बड़ी दूर की सोच कर कोई फैसला लेते हैं. तो इन तमाम फैसलों का नतीजा तुरंत तो निकलेगा नहीं. इसके लिए आपको भी लंबा…….इंतज़ार करना पड़ेगा.