चुनाव प्रचार और अफवाहों के बीच बड़ा गहरा लगाव है. जिसे लोगो को भ्रमित करने के लिए फैलाया जाता है और लोग इससे भ्रमित भी हो जाते है जिससे निषप्क्ष चुनाव पर बुरा असड़ पड़ता है. इस अफवाह ने भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी को भी अपना शिकार बना लिया है.

फोटो सोर्स गूगल

आपको बता दें कि सोशल मीडिया पर भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी का लालकृष्ण आडवाणी के नाम एक पत्र खुब वायरल हो रहा है. उस चिट्ठी में आरोप लगाया गया है कि बीजेपी ने उन लोगों यानी मुरली मनोहर जोशी और लाल कृष्ण आडवाणी को पार्टी से निकाल दिया है, और उन्हें अपमानीत किया गया है और इस खत पर देश के न्यूज एजेंसी ए एन आई का लोगो लगा हुआ था. इस फर्जी पत्र में 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी की हार का भी जिक्र किया गया. फर्जी पत्र में दावा किया जा रहा है कि बीजेपी को पहले चरण में 91 में से मुश्किल से 8-10 सीटें मिलेंगी. इसी तरह से बीजेपी की 120 सीटें भी नहीं आएंगी.इसके अलावा इस पत्र में जोशी को आडवाणी के साथ अपना दुख साझा करते हुए बताया जा रहा है. पत्र में लिखा था, ‘मुझसे सपा-बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ने का खूब दबाव बनाया गया, लेकिन तमाम परिस्थितियों के बावजूद अपना घर नहीं छोड़ा. बात अलग है कि घर के लोगों ने हमें अपमानित कर घर से बाहर निकाल दिया है. लेकिन सोशल मीडिया पर फैल रही यह खबर पुरी तरह से गलत और फर्जी है.

मुरली मनोहर जोशी ने खुद इस खबर को झुठा बताते हुए चुनाव आयोग से चिट्ठी लिखकर इस पर जांच की मांग की है. मुख्य चुनाव आयुक्त को लिखे चिट्ठी में मुरली मनोहर जोशी ने लिखा है कि – मेरे एक दोस्त ने मुझे फोन पर बताया है कि सोशल मीडिया पर एक चिट्ठी वायरल हो रही है, जिसमें लिखा है कि मैंने लालकृष्ण आडवाणी के नाम यह चिट्ठी लिखी है.’ उन्होंने आगे कहा कि मैंने इस प्रकार का कोई भी पत्र आडवाणी जी को नहीं लिखा है और कृपया इसकी जांच कराएं कि आखिर यह पत्र कहां से आया जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. मुरली मनोहर जोशी ने इस फर्जी खबर पर जांच की मांग की है.

फोटो सोर्स गूगल

न्यूज एजेंसी एनआई ने भी इस तरह की किसी भी चिट्ठी के प्रकाशन से साफ इंकार करते हुए कहा ये गलत खबर है.

लोगो ने इस खबर पर इतना जल्दी इसलिए भी विश्वास कर लिया क्योंकि पार्टी से टिकट कटने के बाद मुरली मनोहर जोशी ने कानपुर के मतदताओं को पत्र लिखकर टिकट कटने को लेकर दुख व्यक्त किया था. शायद इसलिए लोगो ने इस खबर को भी सच मान लिया. कुल मिलाकर खत वाली बात अफवाह है जिसने बेकार का रायता फैला रखा है. इसलिए किसी भी खबर पर भरोसा करने के पहले सही थर्मामीटर से जांच ले.

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