हर गरीब की थाली में खाना है।
अरे हाँ! लगता है यह चुनाव का आना है।।

इस बार के चुनावी प्रचार में भी कुछ ऐसा ही मंजर है। सभी राजनीतिक पार्टियों ने अपने-अपने लेवल पर कुछ दिन पहले से ही प्रचार शुरु कर दिया था जिसमें कई जगहों से ऐसी तस्वीरें सामने आई जो शायद इसके पहले कभी नहीं आई थी। चुनाव के लिए मतदाताओं को लुभाने का भरपूर प्रयास किया जा रहा है। चाहे वो बीजेपी प्रत्याशी हो, कांग्रेस पार्टी का प्रत्याशी हो या फिर किसी अन्य दल का। सबने अपने प्रचार में गरीबों की तरफ रुख किया है। जिससे इन राजनीति के उपासको का असली चेहरा सामने आ रहा है। गरीबों के दर्द को महसूस करने के लिए इन राजनेताओं को चुनावी समय ही क्यों सही समय लगता है? इसपर सोचने की बात है लेकिन वोट बैकिंग को पुख्ता करने के लिए सभी पार्टियां कई अलग-अलग तरह के दाव खेले है।

 

इस बार सात चरणों में होने वाले लोकसभा चुनाव का पहला चरण 11 अप्रैल को है जिसे ध्यान में रखते हुए आज यानि मंगलवार को शाम 5 बजे के बाद चुनाव प्रचार के लिए विगुल बजना बंद हो जाएगा। इस पहले चरण के चुनाव को लेकर चारो ओर काफी हलचल है। इस बार लोकसभा चुनाव की तस्वीर बिल्कुल अलग है। पहले चरण में आंध्र प्रदेश के सभी 25 सीटों पर चुनाव होने के अलावा बिहार की चार, असम और उत्तराखण्ड की पांच, जम्मू-कश्मीर, मणिपुर, मेघालय और पश्चिम बंगाल की दो सीट, नागालैण्ड-मिजोरम और छत्तीसगढ़ की एक सीट, तेलंगाना की 17 और उत्तर प्रदेश की 8 सीटों पर मतदान होने वाला है।

लोकसभा चुनाव का पहला पड़ाव आज अपने अंतिम मुकाम पर पहुंच रहा है। 20 राज्यों की 91 सीटों पर होने वाले पहले चरण का चुनाव के लिए प्रचार आज शाम पांच बजे तक थम जाएगा। ऐसे में पहले चरण के लिए 11 अप्रैल को मतदान होने वाला है जिसमें उत्तर प्रदेश के आठ और बिहार के चार सीटों पर देश के कई बड़े नेताओं का फैसला होना है।

यूपी पर किन-किन सीटों पर है सबकी नज़र

देश के सबसे ज़्यादा लोकसभा सीट वाले राज्य उत्तर प्रदेश में पहले चरण में होने वाले मतदान पर सबकी नज़र है। पहले चरण में जिन सीटों पर चुनाव होने वाला है उसमें गाजियाबाद, बागपत, कैराना, बिजनौर, सहारनपुर, गौतमबुद्ध नगर, मेरठ और मुजफ्फनगर शामिल है।

गाजियाबाद में केंद्रीय मंत्री वी.के. सिंह सपा-रालोद-बसपा गठबंधन के उम्मीदवार सुरेश बंसल और कांग्रेस उम्मीदवार डॉली शर्मा के साथ यहां मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है। केंद्रीय मंत्री वी.के. वंसल के आलावा बसपा से सपा में शामिल हुए बंसल का पिछड़ी जाति में काफी वोट माना जा रहा है। क्योंकि बसपा में रहते हुए इन्होंने काफी काम किए हैं। कांग्रेस उम्मीदवार डॉली शर्मा को भी नज़रअंदाज नहीं किया जा सकता क्योंकि शुक्रवार को ही प्रियंका गांधी ने यहां रोड शो किया था जिसके बाद कांग्रेस की भी जीत की उम्मीद बढ़ गई है। गाजियाबाद लोकसभा सीट पर होने वाले त्रिकोणीय मुकाबला काफी दिलचस्प होने की उम्मीद है।

प्रतिकात्मक तस्वीर। फोटो सोर्स- गूगल

गौतमबुद्ध नगर में भी त्रिकोणीय़ मुकाबले का दाव लगा हुआ है। इस लोकसभा सीट से केंद्रिय मंत्री महेश शर्मा के साथ कांग्रेस के अरविन्द कुमार के अलावा बसपा के सतवीर को महागठबंधन ने अपना उम्मीदवार बनाया है।

बागपत में भी चुनावी माहौल काफी गरम है। केंद्रीय मंत्री सत्यपाल सिंह इस जाट बहुल निर्वाचन क्षेत्र से फिर से मैदान में हैं। रालोद नेता अजित सिंह के बेटे जयंत चौधरी सपा-बसपा-रालोद उम्मीदवार के रूप में सत्यपाल सिंह को चुनौती दे रहे हैं।

बागपत के तरह ही सहारनपुर में भी एक बार फिर बीजेपी ने अपने मौजूदा सांसद राघव लखनपाल पर भरोसा जताया है। जिनका सामना कांग्रेस के इमरान मसूद से होगा क्योंकि पिछले लोकसभा चुनाव में मसूद ने लखनपाल को कड़ी टक्कर दी थी।

प्रतिकात्मक तस्वीर। फोटो सोर्स- गूगल

इस तरह से सभी लोगों को इन सीटों पर होने वाले पहले चरण के मुकाबले पर नज़र रहेगी। किस पार्टी का रुझान ज्यादा है इस बात को स्पष्ट कर पाना अभी मुश्किल है क्योंकि सभी जगह काफी टक्कर वाली चुनावी लड़ाई देखने की उम्मीद है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here