बिशन सिंह बेदी कल वोट डालने गए थे पर उन्हें वोट डालने नहीं दिया गया इसकी वजह थी की उनका नाम वोटर लिस्ट में नहीं था. कल यानि रविवार के दिन वह पोलिंग बूथ पर गए थे पर वोटिंग लिस्ट में उनका नाम न होने की वजह से उन्हें वोट नहीं देने दिया गया. इसके लिए बेदी ने फॉर्म 6 भी भरा था पर तब भी वो वोट नहीं दे पाये.

वोट देने से पहले वोटर स्लिप हर एक वोटर को दिया जाता है जो यह सुनिश्चित करता है की वोटर लिस्ट में आपका नाम है या नहीं. अगर आपको वोटर स्लिप नहीं मिला है तो उसे आप ऑनलाइन भी निकाल सकते हैं. कई बार ऐसा भी होता है कि आपका नाम वोटर लिस्ट में नहीं होता है. ऐसे समय में आपको फॉर्म 6 भरने की ज़रूरत होती है जिसके माध्यम से आप वोटर के रूप में रजिस्टर हो जाते हैं. सबसे आसान तरीका है ऑनलाइन भरने का. चुनाव आयोग ने एक ऐप भी निकाला है जिसकी मदद से आप खुद को रजिस्टर कर सकते हैं.

दिल्ली में मैं भले ही रहता हूँ पर मेरा वोटर आईडी दूसरे राज्य का है. कुछ दिनों पहले कोई सरकारी कर्मचारी मेरे घर गया था यह चेक करने कि जिनके पास वोटर आईडी है उनका नाम वोटर लिस्ट में है या नहीं. मेरे परिवार के सभी सदस्य का नाम उस लिस्ट में था सिवाय मेरे. घर पर आए अफसर ने मेरा वोटर आईडी मांगा और फिर लंबी चौड़ी लिस्ट से मेरा नाम खोज कर निकाला. यह प्रक्रिया मैं बचपन से देखते आ रहा हूँ और शायद, यह चुनाव से पहले की नियमित प्रक्रिया है जिससे कि वोटरों को वोट देने में तकलीफ न हो. इन सबके बावजूद कल कई लोगों ने यह कहा कि वह वोट नहीं दे पाये और इसकी वजह थी उनका वोटर लिस्ट में नाम न होना.

बिशेन सिंह बेदी/फोटो सोर्स गूगल

शायद जो प्रक्रिया मेरे राज्य में होती है वह पूरे भारत में नहीं होती. अगर यह प्रक्रिया सभी राज्यों में नहीं होती है तो इसका जिम्मेदार कौन है?

बिशन के साथ क्या हुआ?

पूर्व भारतीय क्रिकेटर बिशन सिंह बेदी ने कहा कि वह कल वोट देने गए थे मगर वोट दे नहीं पाये और इसकी वजह है उनका वोटर लिस्ट में नाम न होना. बेदी कहते हैं कि उन्होंने फॉर्म 6(मतदाता सूची में नाम शामिल करने के लिए आवेदन) भी भरा था इसके बाद भी उनका नाम लिस्ट में शामिल नहीं है. वह बताते हैं कि बूथ पर जाकर भी वो वोट नहीं दे पाये इस वजह से वह काफी अपमानित महसूस कर रहे हैं. ट्वीट करते हुए बेदी कहते हैं-

“मुझे दुख हो रहा है, शर्म आ रही है कि नीचे दी गयी पर्ची (24/2/19) के मुताबिक मेरा नाम पोलिंग बूथ में शामिल नहीं था. मेरी समझ नहीं आया कि कहाँ जाकर मदद मांगूं क्योंकि पोलिंग और पुलिस अधिकारी तो सेल्फी लेने में मशगूल थे.कभी इतना अपमानित महसूस नहीं हुआ… सब सिर्फ भारतीय लोकतंत्र की खातिर.” 

https://twitter.com/BishanBedi/status/1127554672753950722?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E1127554672753950722&ref_url=https%3A%2F%2Fhindi.thequint.com%2Fnews%2Findia%2Felections-2019-bishan-singh-bedi-name-missing-from-voter-list

भारत के पूर्व क्रिकेटर अकेले ऐसे व्यक्ति नहीं है जिनके साथ ऐसा वाकया हुआ. देश की राजधानी दिल्ली में भी कई लोगों के साथ ऐसी ही घटना घटी. दिल्ली के द्वारका में रहने वाले अशोक कुमार की शिकायत है कि उनके पूरे परिवार का नाम वोटिंग लिस्ट से गायब है. उनका कहना है कि 2014 के चुनाव में उन्होंने वोट डाला था पर यह काफी आश्चर्य की बात है कि पूरे परिवार का नाम लिस्ट से गायब है. आपको बता दें कि रविवार को लोकसभा चुनाव के छठे चरण में 59 सीटों पर वोट डाले गए.

इस मामले में एक पोलिंग ऑफिसर ने बताया कि जब भी वोटर लिस्ट में नामों की जांच के लिए वह घरों में जाते हैं तो कई बार उन्हें घर बंद मिलता है जिसके मतलब वह ये समझते हैं कि घर वाले कहीं और शिफ्ट कर चुके हैं. मुख्य निर्वाचन अधिकारी रणबीर सिंह ने कहा-

“कई जागरूकता अभियान चलाये गए. उन्हें वोट डालने से पहले अपने नाम की जांच करनी चाहिए थी. अगर उनका नाम नहीं था तो फॉर्म 6 भरना चाहिए था. हमने 13 अप्रैल तक फॉर्म स्वीकार किए.” 

इससे पहले आम आदमी पार्टी ने भी आरोप लगाया था कि कई वोटरों के नाम लिस्ट से गायब हैं.