भारत जहां अपराध एक बड़ी समस्या है। जहां की जेल और कोर्ट इन मामलों में उलझे रहते हैं। आंकड़ों के अनुसार हमारे देश की जेल में क्षमता से ज्यादा कैदी भरे पड़े हैं। वहीं एक ऐसा भी देश है जहां की सारी जेलें बंद कर दी गई हैं। पर इस देश में कोई कैदी नहीं है, कोई अपराध नहीं होता है। छोटे-मोटे अपराध होते भी हैं तो उनके लिये ऐसी सज़ा रखी गई है जिससे वो अपराध होने की सोचते भी नहीं है। जहां पूरी दुनिया क्राइम से लड़ रही है। वही इस देश ने अपनी जेलें बंद करके सबको चौंका दिया है। नीदरलैंड दुनिया का पहला देश बन गया है, जहां की सभी जेलें बंद की जा रही हैं।

प्रतीकात्मक तस्वीर, फोटो सोर्स – गूगल

नीदरलैंड की सरकार ने अपने देश के अपराध को देखते हुये जेल को बंद करने का फैसला लिया है। जेल की जगह अब इस जगह पर शरणार्थियों को बसाया जाएगा। ऐसा इसलिये किया गया है क्योंकि जेल में रखने के लिये कोई कैदी ही नहीं बचे हैं। 2016 में नीदरलैंड को अपनी जेल भरने के लिये नॉर्वे से कैदी मंगवाने पड़े थे। 2013 में यहां की जेल में सिर्फ 19 कैदी बचे थे।

जेल को बंद करने की प्रक्रिया 2016 में शुरू कर दी गई थी। सबसे पहले एम्स्टर्डम और बिजल्मर्ज की जेल बंद की गई। उसके बाद उसी साल 17 जेलों को बंद कर दिया गया। इन बंद पड़ी जेलों को तोड़कर शरणार्थियों के लिये एक बड़ा सेंटर खोला गया है। बाकी बंद की जाने वाली जेलों के साथ भी यही किया जायेगा। यहां शरणार्थियों के लिए स्किल डेवलपमेंट की क्लासेस शुरू की गई हैं। जिसमें नये-नये स्टाॅर्ट अप, भाषा और कई प्रकार दुकानें भी खोली गई हैं।

कैसे हुआ ये?

ऐसा नहीं है कि नीदरलैंड हमेशा से ऐसे ही अपराध मुक्त देश था। यहां भी पहले बहुत क्राइम होते थे लेकिन फिर सरकार ने कुछ अनोखे कदम उठाये। सरकार ने 2004 में मामूली अपराध करने वालों के पैरों में इलेक्ट्रॉनिक माॅनिटरिंग रिंग डाल कर रिहा कर दिया जाता था। इसकेे कुछ दायरे होते थे, अगर वे उससे बाहर जाते तो अधिकारियों को पता चल जाता था।जेल उन लोगों को ही भेजा जाता था जो बाहर जाकर खतरनाक साबित हो सकते थे।

प्रतीकात्मक तस्वीर, फोटो सोर्स – गूगल

2005 में नीदरलैंड में 14,468 कैदी थे। जो घटकर 2016 में 8,245 हो गये। 2018 में नीदरलैड की जेल में सिर्फ 19 कैदी बचे थे और अब एक भी कैदी यहां की जेल में नहीं है। इसलिये नीदरलैंड अपनी जेल बंद कर रहा है। जेल बंद होने से सरकार के लिये एक चुनौती सामने आई है। जेल बंद होने के कारण लगभग 2,000 पुलिसकर्मी बेरोजगार हो जायेंगे। इनमें से 700 पुलिसकर्मियों का अलग-अलग विभागों में तबादला कर दिया गया है। सरकार ने जेलें बंद करने का फैसला इसलिये लिया है क्योंकि जेल की रखरखाव का खर्च बहुत हो रहा था।

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