भोजपुरी के सुपर स्टार दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ आजकल फिल्मों का मंच छोड़ कर चुनाव के मंच पर अपने जलवे बिखेरने की कोशिश कर रहे हैं। इस बार भाजपा पार्टी ने उन्हे आज़मगढ़ से अखिलेश यादव के ख़िलाफ चुनावी मैदान में उतारा है। हाल ही में बीजेपी में शामिल हुए दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ ने शपथ दिलवाई है।  ‘निरहुआ’ का यह राजनीतिक सफर का पहला पड़ाव है जहां उनके सामने अखिलेश यादव के रुप में मजबूत प्रतिद्वंधी है। बीजेपी ने यादव समीकरण को ध्यान में रखते हुए ‘निरहुआ’ को आजमगढ़ से टिकट दिया है।

रोड शो में ‘निरहुआ’. फोटो सोर्स- गूगल

इस बीच अपने चुनाव प्रचार को लेकर सोमवार को ‘निरहुआ’ ने रोड शो किया जिसमें ग्रामीणों ने पथराव करना शुरु कर दिया। इतना ही नहीं रोड शो में अखिलेश यादव के समर्थन में नारे भी लगाए गए। साथ ही साथ ‘निरहुआ’ गो बैक  के भी नारे लगे। सोमवार को ‘निरहुआ’ आजमगढ़ के मेहनाजपुर से चौक तक रोड शो कर रहे थे। इस बीच उनका काफिला जब परमानपुर गांव से होकर गुजरा तो ग्रामीणों ने काफिलें को रोकने की कोशिश की। यह देख कर काफिले में शामिल भाजपा समर्थकों ने ग्रामीणों को अपशब्द बोले जिसके बाद मामला बिगड़ने लगा और अचानक से पथराव होना शुरु हो गया। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद काफिले को गांव से बाहर निकाला। यह पहली बार नहीं है जब ‘निरहुआ’ का विरोध हो रहा है इसके पहले भी लोगों ने ‘निरहुआ’ का विरोध किया था जिसके बाद अपनी जान का खतरा बताते हुए दिनेश लाल यादव ने उत्तर प्रदेश सरकार को चिट्ठी लिखी थी, जिसे सरकार ने स्वीकार करते हुए उन्हें वाई प्लस सुरक्षा मुहैया कराई।

आजमगढ़ लोकसभा की सीट सपा की गढ़ मानी जाती है। 2014 में मोदी लहर भी यहां कमल नहीं खिला पाई थी। उस वक्त भी इस सीट से साइकिल ने ही सवारी की थी। भाजपा के रमाकांत यादव को अखिलेश यादव ने लगभग 64 हज़ार से अधिक मतो से विजयी रहे थे। यादव और मुस्लिम वोटर यहां निर्णायक माने जाते हैं। इसलिए राजनीतिक पार्टियां यहां इसी वर्ग के प्रत्याशियों को उतारना पसंद करती हैं।

रोड शो में ‘निरहुआ‘. फोटो सोर्स- गूगल

इस घटना की लहर वाराणसी तक पहुंच गई है। वाराणसी स्थित लोहता थाने में निरहुआ के खिलाफ एक तहरीर दी गई है जिसमें निरहुआ के उपर आचार संहिता का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया है। समाजवादी पार्टी के द्वारा इस तहरीर में निरहुआ के चुनाव लड़ने पर रोक लगाने व मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई है।

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