निर्भया की मां आशा देवी इन दिनों अदालत के चक्कर काट रही हैं। वजह सबको पता है। निर्भया केस में सम्मिलित दोषियों को फांसी देने की तारीख तय होने के बाद 22 जनवरी से 1 फरवरी कर दी गई है। इस बात को लेकर आशा देवी बार-बार सरकार के ऊपर ही सवाल उठा रही हैं। आशा देवी का कहना है कि साल 2012 में जो लोग मेरी बेटी की मौत के विरोध में सड़कों पर उतरे थे, आज वही राजनीतिक फायदे के लिए मेरी लड़की की मौत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। निर्भया की मां का कहना है,

जब 2012 में ये घटना हुई थी तो इन्हीं लोगों ने हाथ में तिरंगा लिया, हाथ में काली पट्टी बांधी और महिलाओं की सुरक्षा के लिए खूब रैलियां कीं, खूब नारे लगाए। आज यही लोग उस बच्ची की मौत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। कोई कह रहा है कि आपने रोक दिया, कोई कह रहा है कि हमें पुलिस दे दीजिए मैं दो दिन में दिखाऊंगा। अब मैं जरूर कहना चाहूंगी कि उन्होंने अपने फायदे के लिए उनकी फांसी को रोका है।

इस बयान के बाद एक और खबर आने लगी है। खबर है कि निर्भया की मां आशा देवी को कांग्रेस दिल्ली विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी के रुप में उतारने वाली है। नई दिल्ली विधानसभा सीट से आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविन्द केजरीवाल AAP के प्रत्याशी हैं। उनके ही खिलाफ कांग्रेस आशा देवी को उतारने वाली है। निर्भया की मां से जब इस बारे में पूछा गया तो उनका जवाब था कि अभी तक इस बारे में मेरी किसी से भी बात नहीं हो पाई है। मेरा राजनीति से कोई संबंध नहीं है। मैं तो सिर्फ बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए लड़ रही हूं।

अब ये बात आई कहां से? 

निर्भया के साथ दरिंदगी के बाद कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने आशा देवी की सहायता की थी। जिसके बाद से ही राहुल गांधी निर्भया के परिवार के साथ संपर्क में रहे हैं। इसी आधार पर बातें हो रही थीं कि कांग्रेस के चुनाव प्रचार के प्रमुख कीर्ति आजाद के एक ट्वीट ने इस दावे को मजबूत कर दिया है।

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रमुख सुभाष चोपड़ा ने ट्वीट किया कि कांग्रेस पार्टी में हमेशा सबका स्वागत होता है लेकिन, चुनावी माहौल में टिकट के वितरण के मामले में बिना किसी पुष्टि के यदि कोई समाचार आ रहा है, मैं इस संबंध में ये स्पष्ट करना चाहता हूं कि मेरी इस विषय में किसी से कोई बात नहीं हुई है।

नई दिल्ली विधानसभा सीट हमेशा से ही एक इम्पोर्टेन्ट सीट रही है। शीला दीक्षित को हराकर यहां से पहली बार अरविन्द केजरीवाल सत्ता में आए थे। अटकलें यह भी हैं कि कांग्रेस नई दिल्ली से पूर्व सीएम शीला दीक्षित की बेटी लतिका को उतार सकती है। बीजेपी पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की बेटी बांसुरी को उम्मीदवार बना सकती है।