“हमारे उद्योगपति दोस्तों में से कोई नहीं बोलेगा। मैं खुले तौर पर कहता हूं कि एक माहौल तैयार करना होगा। जब UPA-2 सरकार सत्ता में थी तो, हम किसी की भी आलोचना कर सकते थे। इस समय देश में ऐसा माहौल है कि अगर कोई कुछ कहता है तो, पता नहीं उनके सवालों को सही से लिया जाएगा या नहीं, या फिर सत्ता में बैठे लोग नाराज हो जाएंगे।”

यह बयान है उद्योगपति राहुल बजाज का, जो बीजेपी के कई बड़े चेहरों की मौजूदगी में दिया गया था। अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन और पियूष गोयल जैसे नेताओं के मौजूदगी में जब राहुल बजाज ने एक कार्यक्रम के दौरान यह बात कही तो, बवाल मच गया। विपक्ष को एक नया मुद्दा मिल गया और सोई हुई मीडिया को मसाला। इससे पहले GDP के गिरने पर किसी ने सरकार से सवाल करने की जहमत नहीं उठाई थी।

राहुल बजाज, फोटो सोर्स: गूगल

राहुल बजाज, फोटो सोर्स: गूगल

राहुल बजाज के इस बयान के बाद बीजेपी के नेताओं ने उन्हें ट्रोल करना शुरु कर दिया है। बीजेपी के प्रवक्ता गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने तो यहां तक कह दिया कि विपक्ष के नेता काफी समय से यह कैम्पेन चला रहे थे। जिससे प्रभावित होकर राहुल बजाज ऐसा कह रहे हैं। बीजेपी प्रवक्ता की बातों को सुन कर तो यही लग रहा है कि पूरे देश को GDP के गिरने, अर्थव्यवस्था के खास्ता हालात के बारे में पता चल गया है, केवल बीजेपी के कार्यकर्ता ही इससे दूर हैं।

राहुल बजाज के बयान के बाद कई नेताओं के बयान आ रहे हैं, चाहे वो विपक्ष से हो या फिर पक्ष से। लेकिन, जिस कार्यक्रम में बजाज ने अपना बयान दिया, वहां गृहमंत्री अमित शाह भी मौजूद थे। उन्होंने राहुल बजाज का उत्तर देते हुए कहा,

किसी को किसी से डरने की ज़रुरत नहीं है। मीडिया में नरेन्द्र मोदी सरकार की काफी आलोचना हो रही है। लेकिन, आप कह रहे हैं कि देश में डर का माहौल पैदा हो गया है तो, इसे ठीक करने के लिए हमें काम करना होगा। हमारी सरकार पारदर्शी तरीके से काम कर रही है और अगर इसकी आलोचना होती है और उस आलोचना में दम है तो, हम इसे सुधारने की कोशिश करेंगे।

इस बयान के बाद विपक्ष को भी ऐसा लगा कि शायद उसका पालनहार कोई मिल गया है। क्योंकि जिस तरह से इस मुद्दे पर पवन खेड़ा का बयान आया, उसमें कही न कही यही बात रही है कि विपक्ष भी अभी तक सरकार से सही तरीके से सवला नहीं कर पाई थी। बजाज का सरकार की आलोचना करना और नसीहत देने के बाद, यह तय था कि उन्हें विपक्ष का समर्थन भी मिलेगा।  आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने कहा कि,

राहुल बजाज जी ने सच्चाई बयान की है। लेकिन, यह भी हकीकत है कि अगर आज के समय में कोई भी सरकार को आइना दिखाने का काम करता है तो, उसे या तो CBI छोड़ दो या फिर ED को जांच के लिए भेज दो। मतलब किसी भी तरह से उन्हें परेशान करो।

कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने भी राहुल बजाज का समर्थन किया। उनका कहना था कि किसी ने तो हिम्मत जुटाई यह कहने की। केवल व्यापारी ही नहीं बल्कि, हर क्षेत्र में ऐसा ही माहौल है। अगर हम इस बात को कहते तो, हमारी बात यह कहकर दबा दी जाती कि, विपक्ष का तो काम ही है सरकार की आलोचना करना।

अमित शाह और अन्य, फोटो सोर्स: ट्विटर

अमित शाह और अन्य, फोटो सोर्स: ट्विटर

सरकार की लाचारी का पता इसी बात से लग रहा है कि केवल एक बयान ने इस वक्त हलचल मचा दी है। विपक्ष भी हमेशा से आरोप लगाता आया है कि कभी भी सरकार के खिलाफ कोई कुछ बोलता है तो, उसे देशद्रोही साबित कर दिया जाता है। कुछ इसी से मिलता जुलता बयान वित्त मंत्री सीतारमण ने दिया है।  सीतारमण ने अपने ट्विटर से ट्वीट किया है कि

राहुल बजाज ने जिन मुद्दों को उठाया उसका जवाब गृहमंत्री अमित शाह ने दे दिया। सवाल हों, आलोचनाएं हो, सबको सुना जाता है। उनका जवाब दिया जाता है। अपनी धारणा फैलाने की जगह जवाब पाने के और भी बेहतर तरीके हैं। ऐसी बातों से राष्ट्रीय हित पर चोट लग सकती हैं।  

वित्त मंत्री को इस बात का चोट तो नहीं लगा है कि राहुल बजाज ने अर्थव्यवस्था पर सवाल सबके सामने उठा दिए?  खैर, इस वक्त अलग-अलग प्रतिक्रिया आ रही है। बीजेपी, साध्वी प्रज्ञा और बाकि मुद्दें भूलकर इस वक्त पूरा ध्यान राहुल बजाज पर लगाए हुए है। अब इस मुद्दे पर अभी भी और लोगों के ट्वीट आने बाकि है, आखिर सरकार के कार्यों पर खुले तौर पर सवाल उठाए जाने का मामला जो है।