पिछले कुछ दिनों से संसद में बहस चल रही है। बहस से ज्यादा बेहतर मांफी मांगने और आरोप लगाने का कार्यक्रम कहना ज्यादा बेहतर होगा। एक मुद्दा और हर वक्त उसकी बदलती तस्वीरें। ऐसा लगता है कि जैसे देश में बाकी ‘सब चंगा सी’। बहस में मेन प्वाइंट बनी हुई हैं भोपाल से माननीय सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर। लोकसभा चुनाव से लेकर इनका बयान देना और गोडसे को देशभक्त कहना अभी तक जारी है।

इसमें प्रज्ञा सिंह की कोई गलती नहीं है क्योंकि शायद इनके दिमाग में यह बैठ गया है कि लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान मैंने यह मुद्दा उठाया था, उसके बाद हमें जीत मिल गई। मतलब कि जो जनता इन्हें ऐसे ही सुनना चाहती है तो, अब ये करें भी तो क्या करें। लोकसभा चुनाव से ही सबको गोडसे देशभक्त है’ की कहानी सुनाए जा रही हैं। इसी बात को लेकर जब संसद में बवाल मचा तो, कई और नेताओं के बयान आने लगे। कुछ प्रज्ञा सिंह ठाकुर को उनके बयान में घेरने की कोशिश कर रहे थे तो, कुछ बीजेपी के नेता उन्हें बचाने का भी प्रयास कर रहे थे।

संसद में राजनाथ सिंह ने जब बोला कि प्रज्ञा सिंह का बयान बिल्कुल ठीक नहीं है। इसके लिए उन्हें माफी मांगनी पड़ेगी। लेकिन, उसी बीजेपी के एक नेता प्रहलाद जोशी ने प्रज्ञा सिंह के बयान पर सफाई देने की वजह भी ढूंढ लिया। प्रहलाद जोशी का कहना था कि,

प्रज्ञा सिंह ठाकुर का माइक ऑन नहीं था। जब वो उधम सिंह का नाम ले रही थी तब उन्होंने इस पर आपत्ति जताई है। इसके अलावा गोडसे या किसी और के बारे में उन्होंने कुछ नहीं कहा है।

राजनाथ सिंह ने जैसा बोला था उसके अनुसार प्रज्ञा सिंह को माफी मांगनी पड़ी। माफी एक बार नहीं बल्कि दो बार। उन्होंने विपक्ष के कहने पर दोबारा माफी मांगी। यहां तक तो, ठीक था। इसके बाद राहुल गांधी ने भी ट्वीट कर प्रज्ञा सिंह ठाकुर को आतंकवादी कह दिया।

अपने आप को आतंकवादी कहे जाने पर प्रज्ञा सिंह और बीजेपी के कई नेता ने एक बार फिर संसद में हल्ला किया कि राहुल गांधी को अपने बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए। लेकिन, राहुल गांधी इस बात पर बिल्कुल अड़े रहे। उनका कहना था कि मैं अपने बयान के लिए माफी नहीं मांगूंगा। राहुल गांधी को भी फिलहाल बीजेपी द्वारा घेरने की पूरी कोशिशें की जा रही हैं। बीजेपी के केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने ट्वीट किया। उन्होंने लिखा,

राहुल गांधी के पास कोई अधिकार नहीं है कि बिना आधार के किसी भी माननीय सदस्य को आतंकवादी कहें। उन्हें देश और सदन से तुरंत माफी मांगनी चाहिए।

इसके बाद तो जैसे जुबानी जंग होने लगी हो, कांग्रेस नेता अब पूरी तरह से प्रज्ञा सिंह ठाकुर को घेरने की कोशिश करने लगे। राजगढ़ के ब्यावरा से कांग्रेस विधायक हैं गोवर्धन दांगी। वे तो भावनाओं में बह कर कुछ ज्यादा ही बोल गए। दांगी ने शुक्रवार को इस बारे में कहा कि मैं शुरु से ही गांधी के विचारों का पुरजोर समर्थन करने वाला हूँ। प्रज्ञा सिंह के बयान के खिलाफ हमारी पार्टी ने प्रदर्शन भी किया है। इसके बाद उन्होंने उसी प्रदर्शन से कहा था कि यदि साध्वी प्रज्ञा यहां आईं तो उन्हें जिंदा जला देंगे।

दांगी के इस बयान के बाद पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्विटर पर ब्यावरा विधायक को माफी मांगने की नसीहत देते हुए लिखा था-

बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि ऐसी मानसिकता के लोग सभ्य समाज में हमारे बीच हैं। एक महिला के लिए ऐसी टिप्पणी करने वाले की जितनी निंदा की जाए कम है। सत्ता के नशे में इतना चूर होना ठीक नहीं है, तत्काल माफी मांगें।

अभी यह मामला पूरी तरह से शांत भी नहीं हुआ है। कांग्रेस, प्रज्ञा सिंह ठाकुर के माफी मांगने से संतुष्ट नहीं है। वह इसके लिए लोकसभा में निंदा प्रस्ताव लाने वाली हैं। लेकिन, इतना सब होने के बाद प्रज्ञा सिंह कहाँ चुप रहने वाली हैं। उन्होंने एक ट्वीट किया जिसमें कांग्रेस विधायक को खुली चुनौती दे डाली। साथ ही अपने ट्वीट में राहुल गांधी पर भी बिफर गई हैं। प्रज्ञा सिंह ने ट्वीट करते हुए लिखा-

कांग्रेसियों को जिंदा जलाने का पुराना अनुभव है1984 मैं सिखों को और नैना साहनी को तंदूर में जलाने तक का। राहुल गांधी ने आतंकी कहा और उनके विधायक गोवर्धन दांगी मुझे जलाएंगे। ठीक है, तो मैं आ रही हूं ब्यावरा उनके निवास मुल्तानपुरा पर दिनांक 8 दिसंबर 2019 समय सायं 4:00 बजे जला लीजिए।

अब यह सब होने के बाद ऐसा नहीं लग रहा है कि अभी फिलहाल यह मामला इतनी जल्दी थम जाएगा क्योंकि राहुल गांधी अपने बयान पर माफी मांगते हुए नहीं नज़र आ रहे हैं। साथ ही प्रज्ञा सिंह के अपने तेवर वैसे ही हैं।