गुजरात सरकार ने 17000 लोगों को डोर-टू-डोर सर्वे में लगा दिया है क्योंकि राज्य में 26 लाख लोगों के राशन कार्ड
"असत्यापित" पाए गए. अब ये लोग घर-घर जाकर उसे सत्यापित करेंगे ताकि सभी को कोरोना वायरस राहत पैकेज 
का लाभ मिल सके. 

सरकार ने 68 लाख से अधिक कार्ड धारकों के लिए“मुख्मंत्री गरीब कल्याण पैकेज” के तहत 1,000 रुपये के डायरेक्ट बैंक 
ट्रान्सफर (DBT) की घोषणा की थी, जिसमें 3.36 करोड़ लाभार्थी शामिल हैं, जो गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) श्रेणी में 
आते हैं या जिनके पास राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत कार्ड हैं  (NFSA). 680 करोड़ की लागत वाली इस योजना
की घोषणा 18 अप्रैल को की गई थी और लाभार्थियों को 20 अप्रैल से 1000 रुपये दिए जाने थे.

 

हालाँकि, सरकार ने पाया है कि इनमें से 38 प्रतिशत कार्ड “असत्यापित” हैं, क्योंकि उनके पास सत्यापित बैंक खाते नहीं हैं या उनके आधार नंबर उनके खातों से जुड़े नहीं हैं या वे राशन कार्ड से जुड़े आधार संख्या पर एलपीजी सब्सिडी का लाभ नहीं ले रहे हैं. 

इसके बाद, राज्य सरकार के खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के विभाग ने 21 अप्रैल को डोर-टू-डोर सर्वेक्षण के माध्यम से इन 26 लाख “असत्यापित” एनएफएसए और गैर-एनएफएसए कार्ड धारकों को फिजिकली वेरीफाई करने के लिए एक अभियान शुरू किया.

खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के राज्य मंत्री धर्मेद्र सिंह जडेजा ने कहा कि:

हालांकि इन सभी कार्ड धारकों के बैंक खाते हैं, लेकिन कुछ आधार संख्या से नहीं जोड़े गए हैं. ऐसा इसलिए है क्योंकि हमने कभी भी उस डेटा का उपयोग ही नहीं किया है क्योंकि हमें तो सीधे उनके बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करने होते हैं. वैसे इन्हें सत्यापित करने के लिए सभी जिलों में एक सर्वेक्षण किया जा रहा है.

इस काम में लगाए गए 17,000 लोगों में ज्यादातर सरकारी स्कूल शिक्षक शामिल हैं।


केवल अहमदाबाद शहर में, प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, 1.7 लाख से अधिक कार्ड ऐसे हैं जिनके आधार संख्या सरकारी 
दुकानों पर वेरिफाइड नहीं है या आधार संख्या बैंक खातों के साथ लिंक नहीं है। इसके लिए, गुरुवार से 1000 सरकारी 
स्कूल के शिक्षकों के साथ-साथ कुछ अन्य सरकारी कर्मचारियों को भी शामिल किया गया है। वे अपने दिए क्षेत्र में बाहर 
जाएंगे और बैंक खाता संख्या, परिवार के मुखिया का आधार कार्ड विवरण, बैंक का नाम और पता, आईएफएससी कोड 
आदि सहित विवरणों को सत्यापित करेंगे। 

अहमदाबाद के अलावा, "असत्यापित" लाभार्थियों की बड़ी संख्या वाले अन्य जिलों में भावनगर में 1.46 लाख से अधिक 
कार्ड धारक, 1.42 लाख के साथ बनासकांठा, 1.32 लाख के साथ कच्छ, 1.35 लाख के साथ सूरत, 1.12 लाख के 
साथ राजकोट और 1 लाख कार्ड धारकों के साथ खेड़ा 1.08 शामिल हैं।