पाकिस्तान ने एक रिकॉर्ड बनाया है. यह रिकॉर्ड इतना बड़ा है कि दुनिया के किसी भी देश को इसे तोड़ने में कई जन्म लगेंगे, भारत को भी. पर पाकिस्तान के लिए ये फ़ख्र की बात नहीं, शर्म की बात है. वैसे वहाँ की हालत इस वक्त ऐसी है कि उसके लिए हर बात शर्म की ही बात हो जाती है.

पाकिस्तानी रुपये, फोटो सोर्स: गूगल
पाकिस्तानी रुपये, फोटो सोर्स: गूगल

इस रिकॉर्ड के बारे में जान लें

पाकिस्तान ‘सर से लेकर पांव तक’ कर्ज़ में डूबा हुआ है. यह सारी दुनिया को पता है. पर किसी को ये नहीं पता है कि, पाकिस्तान ने कर्ज़ लेने का रिकॉर्ड बना लिया है. मतलब, हालत इतनी खराब है कि इमरान खान ने प्रधानमंत्री बनते ही कर्ज़ लेना शुरू कर दिया था.

इमरान के गद्दी संभालते ही कर्ज़ का आंकड़ा कई गुना बढ़ गया है. एक साल में ही 7,509 अरब पाकिस्तानी रुपये का कर्ज़ बढ़ा है.

पाकिस्तानी मीडिया ने आधिकारिक आंकड़ों के हवाले से बताया है कि,

इमरान खान की सरकार ने अपने शासन के शुरूआती एक साल में ही एक नया रिकॉर्ड बना दिया है, ये रिकॉर्ड पाकिस्तान के लिए कर्ज़ लेने का है. इमरान के कार्यकाल में देश के कुल कर्ज़ में 7,509 अरब पाकिस्तानी रुपये की वृद्धि हुई है. जिसमें से 2,804 अरब रुपये विदेशों से और 4,705 अरब रुपये घरेलू स्रोतों से कर्ज़ लिए गए हैं. कर्ज़ के ये आंकड़े स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान ने प्रधानमंत्री कार्यालय को भिजवा दिये हैं.

स्टेट बैंक द्वारा जारी आंकड़ों में य़ह बात भी सामने आई है कि,

मौजूदा वित्तीय वर्ष (Financial Year) के पहले 2 महीनों में पाकिस्तान के सार्वजनिक कर्ज़ में 1.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. सरकार का यह कर्ज़ बढ़ कर 32,240 अरब रुपये हो गया है. अगस्त 2018 में यह कर्ज़ 24,732 अरब रुपये था.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री, फोटो सोर्स: गूगल
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री, फोटो सोर्स: गूगल

अंतर्राष्ट्रीय स्रोतों से कर्ज़ ले रहा पाकिस्तान

इस वक़्त पाकिस्तान की जीडीपी 3 फीसदी है. उसके ऊपर दुनिया भर से लिए कर्ज़ ने देश की कमर तोड़ रखी है.

सबसे ज्यादा कर्ज़ वर्ल्ड बैंक और IMF (International Monitoring Fund) का है. जो कि लगातार बढ़ता जा रहा है. इसके अलावा पाकिस्तान को चीन और सऊदी से भी भारी मात्रा में कर्ज़ मिलता है. वहाँ चलने वाली कई परियोजनाओं में चीन ने बड़ी मात्रा में इन्वेस्टमेंट कर रखा है. चीन की ओर से चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) के लिए अरबों रुपयों का निवेश किया गया है.

पाकिस्तान की स्थिति इतनी खराब है. अगर कल को भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध होता है तो, पाकिस्तान गर्त में चला जाएगा. जहां से उसे निकलने में कई जन्म लग जाएंगे. यही वजह है पाकिस्तानी चैनल्स और सरकार के प्रवक्ता चिल्ला-चिल्ला कर अपनी ख़राब हालत को छिपाने की कोशिश करते हैं और भारत को गीदड़ भभकी देते रहते हैं. वहीं दूसरी तरफ इमरान खान संयुक्त राष्ट्र में मुस्लिम देशों का नेतृत्व करने की बात कहते हैं. उनको कोई बताए कि किसी का नेतृत्व करने के लिए रीढ़ की हड्डी होना जरूरी है. पहले खुद को दुरूस्त कर लें फिर फ़िर उसके बाद जिसका चाहें उसका नेतृत्व करें. वरना जनता किसी का नेतृत्व करने लायक नहीं छोड़ेगी.

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