पाकिस्तान ने एक ट्वीट किया. वैसे इसे पाकिस्तानी पत्रकार कहना ज्यादा सही रहेगा. पत्रकारों ने कहा कि एक कश्मीरी पुलिसकर्मी ने सीआरपीएफ के 5 जवानों को गोली मार दी है क्योंकि उन जवानों ने एक गर्भवती मुस्लिम महिला को अस्पताल नहीं जाने दिया. सीआरपीएफ़ वालों ने ऐसा इसलिए किया क्योंकि उस महिला के पास कर्फ्यू पास नही था. बस इसी बात से गुस्सा होकर पुलिसवाले ने सीआरपीएफ़ वालों को गोली मार दी. इसके बाद से कश्मीर के हालात बिगड़े हुए है. ट्वीट देखिये:

सच क्या है?

वैसे झूठ ज्यादा देर तक झूठ रहता नहीं है और इसका जवाब सीआरपीएफ वालों ने उन्हीं के अंदाज़ में दिया, यानी ट्वीट करके. जवाब में सीआरपीएफ वालों ने कहा है कि हमेशा की तरह सभी भारतीय सुरक्षाबल आपसी मेलजोल से ही काम करते हैं. देशभक्ति का जज़्बा हर जवान के दिल में है. वर्दी का रंग भले ही अलग हो सकता है लेकिन तिरंगे का शान बढ़ाना ही हमारा फ़र्ज़ है. कश्मीर पुलिस ने भी इसके जवाब में लिखा है कि पाकिस्तान कल्पना में जी रहा है.

कश्मीर के आईजी ने कहा कि सोशल मीडिया का दुरुपयोग किया जा रहा है. उन्होंने नागरिकों से अनुरोध किया है कि शरारती तत्वों द्वारा चलाये जा रहे इस अभियान से बचें और दूर रहे. पकिस्तान पत्रकार को ट्वीट करते हुए प्रसार भारती ने कहा कि कश्मीर में फायरिंग और कुछ लोगों के मरने और घायल होने की घटना सिर्फ एक अफवाह है जिसे फैलाया जा रहा है. अतः इससे हमें यह ज्ञान मिलता है कि पाकिस्तान झूठ बोलने में बादशाह है. इसके साथ ही कच्चा चिट्ठा पुष्टि करता है कि पाकिस्तानी पत्रकार द्वारा फैलाई गयी ये खबर पूरी तरह से निराधार है, झूठी है.

पाकिस्तान ऐसा क्यों कर रहा है?

कश्मीर से अनुछेद 370 क्या हटा पाकिस्तान ऐसे बर्ताव कर रहा है जैसे कि उससे कराची और लाहौर छिन गया हो. वैसे, जितनी ख़ुशी मुझे कश्मीर से 370 के हटने की नही है उससे कई ज़्यादा ख़ुशी पाकिस्तान का दिमाग खिसकने की है. पाकिस्तान उस जिद्दी बच्चे जैसे बर्ताव कर रहा है जो खिलौने के दुकान पर खड़ा होकर खिलौना खरीदने की जिद्द करता है. इसके लिए वह बच्चा माँ की चुन्नी पकड़ कर लटक जाता है और मुंह फाड़ कर रोता है. यहाँ माँ की भूमिका में यूएन है जो जिद्दी बच्चे को खिलौना दिलवाने में सहायता नहीं कर रहा है.

पाकिस्तान की एक बात अच्छी है कि चाहे दुनिया उसकी सुने या न सुने वो देश अपने आप में विरोध कर के खुश हो जाता है. अब दुनिया में जब इनकी कोई सुन नहीं रहा है तो पाकिस्तान और उसकी मीडिया अपने देश में ही कश्मीर का राग आलाप रहा है. अब इनके मुलाज़िम पत्रकार रोने के साथ-साथ झूठ भी फैला रहे हैं.