इंग्लैंड में शहर है डर्बी। यहां एक गुरुद्वारा भी है जिसका नाम गुरु अर्जन देव गुरुद्वारा कहा जाता है। ऐसा मानना है कि इंग्लैंड के डर्बी में जितने गोरे नहीं है उससे अधिक वहां पंजाबियों ने अपनी पकड़ बना रखी है। देखकर तो ऐसा ही लगता है कि हम इंग्लैंड में नहीं बल्कि पंजाब में हैं। और कुछ गोरे भटिंडा घूमने के लिए आए हुए हैं। अब अगर इस शहर के किसी गुरुद्वारे में कोई तोड़फोड़ हो तो फिर ये कैसे बर्दाश्त हो पाएगा। डर्बी के अर्जन देव गुरुद्वारे में उस वक्त काफी हंगामा मच गया जब एक पाकिस्तानी को गुरुद्वारे की दीवारों पर कुछ लिखते हुए देखा गया।

घटना सोमवार की है। एक पाकिस्तानी नागरिक गुरुद्वारे के अंदर एंट्री किया और उसके दीवारों पर लिखने लगा। उस शख्स ने दीवार पर एक लेख नोट चिपकाया। इसमें कश्मीर के बारे में लिखा गया है। उसने लिखा कि कश्मीरियों की मदद करने की कोशिश करो वरना हर किसी को मुश्किल होगी। इसके बाद इस नोट में एक फोन नंबर भी दिया गया। जब ऐसा लिखते हुए लोगों ने देखा तो उस नागरिक को पकड़ने की कोशिश करने लगे। इसी कोशिश में गुरुद्वारे का कई किमती चीजें नुकसान हुई और साथ ही कई चिजें टूट भी गई।

इस घटना के बाद गुरुद्वारे के अधिकारियों का कहना है कि, इस तरह का हेट क्राइम या सिखों के खिलाफ किसी भी प्रकार का अपराध हमें सेवा और प्रार्थना करने से नहीं रोक पाएगा। हम समुदाय की सेवा जारी रखेंगे और रोजाना होने वाली प्रार्थना जारी रखेंगे। हम अपने सभी सेवादारों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे।”

हालांकि पुलिस ने उस शख्स को गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना में किसी को चोट नहीं आई है लेकिन, लाखों रुपये का नुकसान जरुर हो गया है। उस शख्स से अभी पूछताछ की जा रही है। बताया जा रहा है कि यह किसी के बहकावे में आने के बाद ऐसी घटना को अंजाम दिया गया है। लेकिन, यह सिर्फ अभी कायास लगाए जा रहे हैं, इसके पीछे की असली वजह अभी तक नहीं आई है। अब ऐसा भी नहीं है कि लंदन में पहली बार भारतीयों पर हमला हुआ है क्योंकि ऐसी घटनाएं यहां पहले भी कई बार हो चुकी है।

लंदन में भारतीयों और भारतीय मूल के लोगों पर हमले बड़े पैमाने पर होते रहे हैं। पिछले साल अगस्त में भारत के 73 वें स्वतंत्रता दिवस का जश्न मनाने के लिए लंदन में भारतीय उच्चायोग के बाहर एकत्रित हुए भारतीयों पर पाकिस्तानी प्रदर्शनकारियों ने अंडे और पानी की बोतलें फेंकने के साथ ही पथराव भी किया था। अब देखना ये होगा कि इस हमले के बाद और गुरुद्वारे के अधिकारियों के मांग के बाद गुरुद्वारे के सदस्यों के लिए क्या कोई स्पेशल सुरक्षा मुहैया कराया जाता है या नहीं?