पत्रकार का काम अपनी सरकार को आईना दिखाना होता है. उसे उसकी गलतियों से अवगत कराना होता है. गलत फैसलों को सुझाव देकर सुधारना होता है. इतना ही नहीं ‘वॉच डॉग’ की तरह सरकार के हर कदम पर नजर रखना होता है. ताकि सरकार कोई मनमानी न कर सके. लोगों की उचित मांगों को पूरा करने में कोई कोताही न बरते. देश में कानून व्यवस्थाएं बनाए रखे. लगातार जनता की समस्याओं को देश की संसद में उठाती रहे. जिससे उस पर कानून बनाया जा सके. अगर सीधे तौर पर कहें तो मीडिया की भूमिका विपक्ष की होती है. जो अपनी सरकार के हर फैसले पर सवाल उठाती है. उसकी आलोचना करती है. ताकि सरकार जनता के लिए कोई गलत फैसला न ले सके.

भारतीय मीडिया अपनी इस भूमिका को भूल चुकी है. मगर पाकिस्तानी मीडिया में बैठे कुछ पत्रकारों ने इसे भली भांति याद रखा है. उन्होंने पाकिस्तान सरकार के एक फैसले की जमकर आलोचना की है. उसका खूब मजाक बनाया है.

पाकिस्तान प्रधानमंत्री इमरान खान, फोटो सोर्स: गूगल
पाकिस्तान प्रधानमंत्री इमरान खान, फोटो सोर्स:गूगल

मामला जान लीजिए

जम्मू-कश्मीर का मसला इमरान खान के दिमाग में कीड़े की तरह घुस गया है. जो निकलने का नाम ही नहीं ले रहा है. कभी गजनवी मिसाइल का परीक्षण करता है. तो कभी अपनी जनता को बीच धूप में खड़े होकर कश्मीर का समर्थन करने को कहता है.

दरअसल पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने अपने लोगों से अपील की है कि वह हर शुक्रवार दोपहर 12 से 12.30 बजे तक जहां भी हों वहां खड़े हो जाएं. जिससे वो ये माहौल बना सकें कि भारत जम्मू-कश्मीर के लोगों पर जुल्म कर रहा है. और पाकिस्तानी जनता इस तरह खड़े होकर उसका विरोध कर रही है. वो जम्मू-कश्मीर की हर मुश्किल घड़ी में उसके साथ है. इसे उन्होंने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट भी किया है.

पाकिस्तान के पत्रकारों ने सुनाई खरी-खरी

इमरान खान की इस अपील की खूब आलोचना हो रही है. पाकिस्तानी मीडिया के नामचीन पत्रकारों ने इमरान खान को आड़े हाथों लिया है. इन मुद्दों पर लगातार अपनी बात रखने वाली पाकिस्तानी पत्रकार नायला इनायत ने इमरान खान की चुटकी लेते हुए ट्वीट किया है.

ब्रेकिंग !!! भारत से आ रही हवा और पानी को पाकिस्तान 12 से 12:30 के बीच रोकेगा.

इसके अलावा उन्होंने पाकिस्तानी नेताओं द्वारा लगाए जा रहे ‘कश्मीर बनेगा पाकिस्तान’ नारों पर भी तंज कसा है. वो कहती हैं पाकिस्तान हमेशा ऐसा नहीं था. हमनें अच्छे दिन भी देखे हैं. 1962 में भी हम तब कश्मीर जीतने की ही कोशिश कर रहे थे.

वहीं पाकिस्तान मूल के पत्रकार ताहा सिद्दीकी ने भी पाकिस्तान को लेकर कुछ ऐसा ही कहा है. उन्होंने पाकिस्तानी सेना प्रमुख कमर जावेद बजावा पर तंज कसते हुए ट्वीट किया है कि

जनरल बाजवा को LOC पर जिहाद करने भेज देना चाहिए. अगर वह जीतते हैं तो कश्मीर फ्री हो जाएगा और हारते हैं तो पाकिस्तान फ्री हो जाएगा.

पत्रकार आइमा ख़ोसा ने तो सीधे तौर पर प्रधानमंत्री इमरान खान का नाम लेकर उन्हें खरी खोटी सुना दी है.

उन्होंने लिखा है कि इमरान खान को लगता है कि वह इस तरह की अपील करके लोगों को साथ जोड़ रहे हैं और अपनी ही सत्ता में चल रहे फासीवाद उत्पीड़न को छुपाने की कोशिश कर रहे हैं.

पाकिस्तानी मीडिया में कई ऐसे पत्रकार और न्यूज़ हाऊसेज़ हैं जो सरकार के गलत फैसलों पर लगातार सवाल उठाते रहे हैं. कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद से पाकिस्तान ने भारत के साथ सारे रिश्ते-नाते खत्म कर लिए थे. बाइलेटरल ट्रेड से लेकर राजनायिक संबंधों पर रोक लगा दी गई थी. इसको लेकर भी पाकिस्तानी मीडिया ने अपने आवाम के हुक्मरान को खुब लताड़ा था.

वहीं अब दुनिया भर से मुंह की खाने के बाद इमरान खान ने अपने ही लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया है. इसी को कहा जाता मुंह में दांत नहीं पेट में आंत और चले दूसरों को सबक सिखाने.