नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी का लेवल एक जैसा हो गया है. दोनों ही बीमार हो गए हैं. किसी को बेचैनियों ने घेर लिया है, तो किसी को लाइलाज बीमारी हो गई है. ऐसा हम नहीं. ये दोनों खुद एक दूसरे के बारे में कह रहे हैं. मोदी जी ने तो राहुल गांधी को ही नहीं पूरे विपक्ष को ही बीमार बता दिया है. दोनों लोग एक दूसरे का मज़ाक बना रहे हैं. जहां पीएम मोदी ने इसके लिए रैलियों का सहारा लिया है. वहीं राहुल गांधी घर से निकलने में यकीन न रखते हुए, ट्विटर पर अपना मन हल्का कर रहे हैं. माफ कीजिए विपक्ष की भूमिका निभा रहे हैं.

पहले बात मोदी जी की करते हैं. वैसे भी वो देश के प्रधानमंत्री हैं इसलिए उनकी बात करना प्रोटोकॉल का पालन करना है. पर मोदी जी अपने घनिष्ठ मित्रों के लिए प्रोटोकॉल तोड़ देते हैं. हालांकि, हम ऐसा नहीं करेंगे. आफ्टर ऑल मोदी जी इज मोदी जी.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, फोटो सोर्स: गूगल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, फोटो सोर्स: गूगल

मोदी जी हरियाणा के गोहाना में रैली कर रहे हैं. रैली से रेल याद आई और रेल से पटरी, अरे देश की अर्थव्यवस्था पटरी से उतर गई है न इसलिए. घबराइए मत मोदी जी ने इसके बारे में बात नहीं की है. ये उनके लिए छोटी-मोटी बात है. मोदी जी सिर्फ बड़ी बाते करते हैं. इसलिए उन्होंने पेट दर्द की बात की है.

वही पेट दर्द जो उनके चलते विपक्ष को हो रहा है. ऐसा उनका मानना है. मोदी जी कहते हैं, सॉरी कहते नहीं हैं याद दिलाते हैं. हरियाणा की जनता को.

आपको याद है 5 अगस्त को क्या हुआ? उस दिन वो हुआ जिसकी कोई कल्पना नहीं कर सकता. जम्मू-कश्मीर में भारत के पूरे कानून लागू हुए. कश्मीर और लद्दाख के विकास की सबसे बड़ी रुकावट हमनें हटा दी. तभी से कांग्रेस और विपक्ष के पेट में ऐसा दर्द उठा कि कोई दवा काम नहीं कर रही है. ये दर्द कांग्रेस की लाइलाज बीमारी बन गया है.

कांग्रेस को मरोड़ हो रही है. यह बात भी मोदी जी को पता है. इस पर भी उन्होंने कहा कि,

कांग्रेस को ऐसी बीमारी हुई है कि हम स्वच्छ भारत की बात करते हैं तो कांग्रेस के पेट में मरोड़ होने लगती है. सर्जिकल स्ट्राइक की बात करते हैं तो कांग्रेस के पेट का दर्द बढ़ता जाता है. कोई बालाकोट का नाम लेता है तो कांग्रेस दर्द के मारे छटपटाने लगती है. अब तो देश को भी पता चल गया है कि कांग्रेस की हमदर्दी किससे है? आखिर कांग्रेस के नेता जो बयान दे रहे हैं. उसका फायदा कौन उठा रहा है?

प्रतीकात्मक तस्वीर, फोटो सोर्स: गूगल
प्रतीकात्मक तस्वीर, फोटो सोर्स: गूगल

मोदी जी बहुत पहुंची हुई चीज़ हैं. बीमारी का पता होते हुए भी, उसका इलाज खुद नहीं करते हैं. जनता को उसका इलाज करने को कहते हैं. साथ ही कांग्रेस और पाकिस्तान की केमेस्ट्री बताकर इलाज करने का तरीका भी बता देते हैं. वो बताते हैं,

आप (जनता) कांग्रेस को सबक सिखाएं कि आखिर ऐसी बाते क्यों करते हो, जो पाकिस्तान को अच्छी लगती हैं. कांग्रेस के नेता के बयानों को पकड़कर पाकिस्तान पूरी दुनिया में अपना केस मजबूत करने के लिए इनका उपयोग कर रहा है. मैं हैरान हूं, एक तरफ दर्द और दूसरी तरफ हमदर्दी कांग्रेस की पाकिस्तान के साथ क्या केमेस्ट्री है?

खट्टर साहब भी कांग्रेस में ही हैं क्या? अरे नहीं, वो तो भाजपा के हैं. ऊपर से हरियाणा के मुख्यमंत्री हैं. दरअसल, मोदी जी, खट्टर साहब और पाकिस्तान की केमेस्ट्री बताना भूल गए. पाकिस्तान ने विपक्ष के साथ इनका बयान लेकर भी भारत की सारी दुनिया में छवि ख़राब की थी. इन्होंने कहा था अब कश्मीर से बहू आएगी.

कांग्रेस पूर्व-अध्यक्ष राहुल गांधी, फोटो सोर्स: गूगल
कांग्रेस पूर्व-अध्यक्ष राहुल गांधी, फोटो सोर्स: गूगल
अब बात करते हैं राहुल गांधी की. जिन्हें कभी-कभी याद आता है कि वो विपक्ष में हैं और विपक्ष का काम सरकार को क्रिटिसाइज़ करना है. उससे सवाल पूछना है. हालांकि देर आए दुरुस्त आए. उन्होंने कहा है कि,

बेचेंद्र मोदी, देश के PSUs (Public Sector Undertaking) यानी पब्लिक सेक्टर की कंपनीज को सूट-बूट वाले मित्रों के साथ बंदर-बांट कर रहा है. जिसे देश ने वर्षों की मेहनत से खड़ा किया है. ये लाखों PSUs कर्मचारियों के लिए अनिश्चितता और भय का समय है. मैं इस लूट के विरोध में उन सभी कर्मचारियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा हूं.

राहुल गांधी पहले भी मोदी पर सवाल उठाते हुए कह चुके हैं

लाखों-करोड़ों युवा बेरोजगार घूम रहे हैं लेकिन, जब चुनाव का समय आता है तब बेरोजगारी की बात नहीं होती है. युवा कह रहा है कि मेरा तो कोई भविष्य ही नहीं है लेकिन, मोदी जी आएंगें और कहेंगें, बेटा चांद की ओर देखो, हिन्दुस्तान ने रॉकेट भेजा है. अच्छी बात है लेकिन, इसरो को कांग्रेस ने बनाया था. रॉकेट कोई दो दिन में नहीं चला गया, सालों लगे हैं उसमें. हालांकि, उसका फायदा मोदी जी जरूर उठा रहे हैं लेकिन, चांद पर रॉकेट भेजने से हिन्दुस्तान के युवा के पेट में भोजन नहीं जाएगा.

राहुल गांधी ने मीडिया को भी जम कर लताड़ा था.

कहा था देश के किसानों की हालत बेहद खराब है लेकिन, मीडिया में आपको बेरोज़गारी की बात नहीं सुनाई पड़ेगी? मीडिया में मोदी जी कहीं आपको जिम कॉर्बेट में दिखाई देंगे. कहीं चांद की बात होगी. जनता के मुद्दों पर मीडिया बात नहीं करेगा.

ख़ैर… ‘अब पछताए होत का जब चिड़िया चुग गयी खेत’

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