पीएंम मोदी इस वक्त लेह में हैं और इस दौर को लेकर सभी लोग हैरान है। हैरान इसलिए भी क्योंकि फिलहाल जिस तरह का माहौल है उसका जायजा लेने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जाने वाले थे। साथ में उनके CDS प्रमुख बिपीन रावत भी जाने वाले थे। लेकिन राजनाथ सिंह का लेह-लद्दाख जाने की खबर सिर्फ खबर ही रह गई और उनके जगह पर पीएम मोदी लेह में जवानों के बीच पहुंच गए। जवानों के बीच पहुंचे पीएम नरेन्द्र मोदी ने जवानों के साथ आस-पास के इलाके के हालात का जायजा लिया।

लेकिन, इसी बीच पीएम मोदी के बॉर्डर पर जाने वाली बात शायद चीन को अच्छी नहीं लगी है। चीन में हर रोज की तरह आज भी प्रेस व्रिफिंग हुई चीनी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने कहा कि भारत और चीन लगातार सैन्य और डिप्लोमेटिक बातचीत के जरिए बॉर्डर पर जारी तनाव को कम करने में लगे हुए हैं। ऐसे में किसी भी पार्टी को कुछ भी ऐसा नहीं करना चाहिए, जिससे बॉर्डर पर तनाव पैदा हो। झाओ का यह बयान इस नजरीए से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है कि शायद पीएम मोदी का बॉर्डर दौरा करना उन्हें पसंद नहीं आया है। अगर पीए्म की जगह रक्षामंत्री राजनाथ सिंह होते, तीनों सेना प्रमुख होते या चाहे CDS प्रमुख बिपीन रावत होते तो ज्यादा दुख नहीं होता और न ही ज्यादा परेशानी होती।

खैर, चीन का यह बयान तब आया है जब पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ सीमा पर जारी तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुरक्षा स्थिति की समीक्षा करने के लिए शुक्रवार सुबह लेह-लद्दाख और आगे के स्थानों का दौरा किया। प्रधानमंत्री मोदी ने यह दौरा हिंसक संघर्ष के बमुश्किल 18 दिन बाद किया है। पीएम मोदी अलसुबह लद्दाख पहुंचे। समुद्र तल से 11 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित एक दुर्गम इलाके नीमू में उन्हें सेना, वायु सेना और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस द्वारा इस मामले को लेकर सारी जानकारियां दी गईं। यह इलाका सिंधु के तट पर जांस्कर रेंज से घिरा हुआ है।

पीएम मोदी का अचानक सीमा पर जाना पूरी दुनिया के लिए एक हैरान करने वाला फैसला है। अमूमन पीएम मोदी किसी देश में या कोई कार्यक्रम में हिस्सा लेने जाते हैं तो वह सबकुछ पहले से ही फिक्स होता है लेकिन, इस दौर के बारे में किसी को भनक तक नहीं लगी और पीएम मोदी शुक्रवार सुबह भारत-चीन बॉर्डर पर पहुंच गए। पीएम के इस दौरे से चीन को साफ मैसेज मिल गया है कि भारत पीछे हटने वालों में से नहीं है।

सभी को इस बारे में पता है कि पीएम मोदी का शुरु से ही सेना के प्रति काफी लगाव रहा है। इस दौरे से LAC पर तैनात जितने भी सेना के जवान हैं उन्हें काफी जोश और हौसला मिलेगा। जिस दौर से पिछले 18 दिनों से LAC पर तैनात जवान गुजर रहे हैं आज उन्हें जरुर इस पूरे दौरे के बाद एक अलग की ऊर्जा मिलेगी जिससे वो डटकर मुकाबला कर सके।